वाराणसी : हर हर महादेव के जयघोष से गूंजे शिवालय, गेरुआ रंग में रंगा काशी - Live Aaryaavart

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सोमवार, 6 अगस्त 2018

वाराणसी : हर हर महादेव के जयघोष से गूंजे शिवालय, गेरुआ रंग में रंगा काशी

सावन की दुसरी सोमवारी पर मंदिरों में शिवभक्तों का जमावड़ा, सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं ने किया भोलेनाथ का जलाभिषेक
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वाराणसी (सुरेश गांधी)। श्रावण माह की दुसरी सोमवारी पर शिवालयों व मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गांव से लेकर शहर तक सभी शिवालय गेरुआ में पूरी तरह रंगे दिखे। हर हर महादेव और बोल बम के जयघोष से वातावरण पूरी तरह गुंजायमान होता रहा। सुबह चार बजते ही मंदिरों की घंटियां व शंख बनजे शुरु हुए तो रात तक गूंजती रही। धर्म एवं आस्था की नगरी काशी के द्वादश ज्योर्तिलिंगों में एक बाबा विश्वनाथजी, मारकंडेय महादेव, बाबा केदारनाथ, मृत्युंजय मंदिर, कालभैरव मंदिर समेत सभी शिवालयों में शिवलिंग का आकर्षक ढंग से शृंगार किया गया। कहीं बेलपत्र, तो कहीं रंग-बिरंगे पुष्प से महादेव का शृंगार भक्तों को आकर्षित कर रहा था। सुबह से देर शाम तक इन मंदिरों में श्रद्धालुओं ने भगवान शंकर का दूध, दही, भस्म से अभिषेक किया। पूजा-अर्चना कर सदैव कृपा बनाये रखने की मंगल कामना भी की। महिला एवं युवतियों ने उपवास रख कर व्रत किया। दूसरी सोमवारी पर सायंकाल शहर के कई शिव मंदिरों में विशेष श्रृंगार एवं महाआरती की व्यवस्था की गयी थी.। इस दौरान शिव भक्त के जयघोष के साथ दीप-धूप के सुगंध से समूचा वातावरण सुगंधित हो उठा था। गांगा जल ले कर आने वाले कांवर बम का भी तांता लगा हुआ था। स्थानीय कांवरिया समिति के सदस्यों द्वारा निःस्वर्थ सेवा, चाय, शर्बत, ठंडा आदि की व्यवस्था भी की गयी थी। मान्यता है कि बाबा विश्वनाथ दरबार में जो भी श्रद्धा, प्रेम एवं भक्ति विश्वास से जलाभिषेक करते हैं, उनके कामना की पूर्ति बाबा अवश्य करते हैं। बाबा भोले के नाम से जल चढ़ाने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। दूसरी सोमवारी को लेकर नयवुतियों में काफी उत्साह देखा गया। भक्त लंबी दूरी तय कर पूजा-अर्चना करने मंदिर पहुंचे थे। इस मौके पर श्रद्धालुओं की भीड़ और फलों के दुकान सड़क पर लगने से जाम की समस्या दिन भर लगी रही। 

बता दें, सोमवार की सुबह से ही भक्तिभाव में तल्लीन भक्तों का मंदिरों में आना शुरू हो गया था। महिला हो या पुरुष या बुजुर्ग हो बच्चे सब के कदम मंदिरों की ओर बढ़ रहे थे। खासकर महिलाओं की टोली शिव लाचारी गाते हुए शिव मंदिर पहुंची। पुष्प, बेलपत्र, धतुरा, भांग चढ़ा कर गंगा जल से अभिषेक किया। शाम को मंदिरों में भजन-कीर्तन भी गूंजता रहा। श्रद्धालुओं द्वारा लगाये जा रहे हर-हर महादेव के नारे व ऊं नमः शिवाय के जाप से बाबा विश्वनाथ दरबार देर रात तक गुंजायमान रहा। या यूं कहे पूरा वातावरण शिवमय हो गया। देवघर के बाबा बैजनाथ धाम में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ जुटी है। इस पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक करने देर रात से ही कांवरियों की लंबी कतार लगने लगी थी। ऐसी मान्यता है कि श्रावण मास में पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग के जलाभिषेक से सभी मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। 

जौनपुर जनपद के ग्रामसभा गोपालापुर से रवि उर्फ नारायण जायसवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांवरियों का एक दल पहले बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। इसके बाद सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर 105 किमी दूर बाबा बैजनाथ धाम के लिए पैदल ही रवाना हो गया है। ये लोग बुधवार को वहां पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे। इसी तरह भदोही से कटरा सभासद एवं भाजपा के सीनियर नेता गिरधारी जायसवाल के नेतृत्व में दर्जनों कावड़ियों ने बाबा को गंगाजल चढ़ाया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रवण मास शिव आराधना के लिए सर्वोत्तम मास माना जाता है। यही कारण है कि सावन की सोमवारी पर देवघर मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी है। भदोही के बाबा सेमराधनाथ धाम, तिलेश्वर मंदिर, हरिहरनाथ मंदिर में सोमवारी पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में सुबह से ही उत्साह था। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर जलपात्र में जल भर कर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। भोले दानी को मनाने के लिए श्रद्धालुओं ने दूध, दही, घी, मधु, शक्कर, भांग, धतूरा, पुष्प व नाना प्रकार के नैवेद्य अर्पित किये। शिवालयों में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कई स्थानों पर शाम में भक्ति जागरण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जो देर रात तक चलता रही। बीएचयू स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूरी निष्ठा के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। पूरा वातावरण शिवभक्ति से सराबोर रहा। 
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