जम्मू कश्मीर : अलगाववादियों की हड़ताल से जनजीवन प्रभावित - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 31 अगस्त 2018

जम्मू कश्मीर : अलगाववादियों की हड़ताल से जनजीवन प्रभावित

separatist-strike-kashmir
श्रीनगर, 31 अगस्त, उच्चतम न्यायालय में अनुच्छेद 35 ए की वैधता को चुनौती देने के खिलाफ अलगावादियों द्वारा घाटी में बुलाई गई हड़ताल से लगातार दूसरे दिन जनजीवन प्रभावित रहा। इस अनुच्छेद के तहत जम्मू-कश्मीर से बाहर के लोग राज्य में अचल संपत्ति नहीं खरीद सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के कुछ हिस्सों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम के रूप में निषेधाज्ञा लगायी गयी थी जो दूसरे दिन भी प्रभावी है। घाटी में कारोबारी प्रतिष्ठान, दुकान और शैक्षणिक संस्थान बंद हैं और हड़ताल की वजह से सड़कों से गाड़ियां नदारद हैं। वहीं उच्चतम न्यायालय ने अनुच्छेद 35 ए की वैधता को दी गई चुनौती पर आज सुनवाई करते हुए मामले को जनवरी, 2019 के दूसरे सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया है। इसी मामले को लेकर ज्वाइंट रेसिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) ने कल दो दिन की हड़ताल बुलाई थी। अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के सात थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लगायी गयी है। उन्होंने बताया कि खान्यार, नौहट्टा, महाराजगंज, सफकदल, रैनावाड़ी और मैसुमा और करालखुद में निषेधाज्ञा लगी हुई है। बार एसोसिएशन, यातायात और कारोबारी इकाइयों ने भी इस हड़ताल को समर्थन दिया है।

कोई टिप्पणी नहीं: