पूर्णिया : प्लास्टिक उत्पाद का उपयोग व इसका प्रबंधन एक गंभीर समस्या : प्राचार्य - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 23 अक्तूबर 2018

पूर्णिया : प्लास्टिक उत्पाद का उपयोग व इसका प्रबंधन एक गंभीर समस्या : प्राचार्य

- प्लास्टिक एवं कैरी बैग प्रदूषण पर बिहार सरकार द्वारा लगाये गए प्रतिबंध के बारे में भी किया गया जागरुक
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कुमार गौरव । पूर्णिया : भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय पूर्णिया में सत्र 2018-19 के नवागंतुक कृषि स्नातक के छात्र एवं छात्राओं का उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅÛपारसनाथ ने की। इस मौके पर महाविद्यालय की छात्रा द्वारा प्राचार्य को बुके एवं शाॅल देकर सम्मानित किया गया। उन्मुखीकरण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्राचार्य तथा महाविद्यालय के वैज्ञानिक सदस्यों के द्वारा संयुक्त रुप से दीप प्रज्जवलित कर किया गया। अपने स्वागत भाषण में कृषि महाविद्यालय के सह अधिष्ठाता सह प्राचार्य डाॅ पारसनाथ ने बताया कि इस स़त्र से कुल नामांकन का 50 प्रतिशत प्रतियोगिता परीक्षा के आधार इंटरमीडिएट कृषि के 30 छात्र एवं छात्राओं का नामांकन हुआ है। जिससे ग्रामीण परिवेश के छात्र एवं छात्राओं का कृषि स्नातक में नामांकन बढ़ा है। कुल नामांकन का 50 प्रतिशत प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर इंटरमीडिएट विज्ञान एवं गणित के छात्र एवं छात्राओं, जिसमें से 22 बिहार राज्य एवं 09 छात्र छात्राएं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली से राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिता परिक्षा के आधार पर विभिन्न राज्यों से नामांकित हुए हंै। जिसमें प्रमुख रुप से श्रीकुट्टू केरला से, मीनाक्षी दास उड़ीसा के साथ साथ राजस्थान, तेलंगना आदि प्रदेशों के छात्र छात्राओं ने प्रवेश प्राप्त किया है। यह महाविद्यालय के लिए गर्व की बात है कि बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से छात्र छात्राओं ने प्रवेश लिया। कुल नामांकित नवागंतुक कृषि स्नातक में 14 छात्राएं एवं 45 छात्र हैं। महाविद्यालय में उत्कृष्ठ शिक्षण के साथ साथ छात्र छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस मौके पर प्राचार्य ने छात्र एवं छात्राओं को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों के बारे में बताते हुए अनुशासन में रहने की सलाह दी। उन्होंने छात्र छात्राओं को बताया कि आप सभी अपने गांव एवं आसपास के किसानों में कृषि तकनीक के प्रचार प्रसार कर किसानों की उन्नती में सहयोग करें एवं उन्होंने सभी केे उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्राचार्य ने छात्र एवं छात्राओं को प्लास्टिक एवं कैरी बैग प्रदूषण पर बिहार सरकार द्वारा उठाए गए कदम पर चर्चा करते हुए बताया कि आधुनिक जीवन शैली मंें प्लास्टिक निर्मित उत्पादों विशेषकर एक बार इस्तेमाल किए जानेवाले उत्पादों का अंधाधुंध उपयोग एवं इसका उचित प्रबंधन एक गंभीर समस्या है, जो हमारे पर्यावरण के लिए गंभीर समस्या है। इस समस्या के समाधान के लिए बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद पटना के द्वारा बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के माध्यम से महाविद्यालय के छात्र छात्राओं को प्लास्टिक एवं इससे होनेवाले दुष्परिणाम के बारे में जागरुक करने का निर्देश दिया गया है। जिसके लिए बिहार सरकार ने प्लास्टिक को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है। हम सभी कृषि से संबंधित छात्र छात्राएं व वैज्ञानिक पूरी तरह प्लास्टिक को प्रतिबंध करने के पक्ष में हैं और इसका उपयोग नहीं करेंगे इसके लिए आज ही शपथ भी लेते हैं। क्योंकि आनेवाले समय में कृषि एवं खेती को बचाना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। वरीय वैज्ञानिक डाॅ जेएन श्रीवास्तव ने नवागंतुक कृषि स्नातक के छात्र एवं छात्राओं को उन्नत कृषि शिक्षा प्राप्त कर कृषि विकास में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की सलाह दी। साथ ही कृषि में भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न प्रकोष्ठों जैसे राष्ट्रीय सेवा योजना, रेड रिबन क्लब, एंटी ड्रग क्लब, साहित्यिक एवं वाद विवाद परिषद, सांस्कृतिक एवं नाट्य परिषद, खेलकूद परिषद, छात्रावास अधीक्षक महिला एवं पुरुष आदि उपस्थित रहे और अपने अपने अनुभाग से संबंधित छात्र छात्राओं को जानकारी प्रदान की। इस मौके पर डाॅ पंकज कुमार यादव ने पुस्तकालय, राष्ट्रीय सेवा योजना, रेड रिबन क्लब, एंटी ड्रग क्लब, साहित्यिक एवं वाद विवाद परिषद ने छात्र छात्राओं को विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी प्रदान की। मणिभूषण ने नवागंतुक कृषि स्नातक के छात्र एवं छात्राओं को महाविद्यालय के शैक्षणिक प्रकोष्ठ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कृषि स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा में जयश्रीराज तथा छात्र में सोनू कुमार ने विगत वर्ष के अपने अपने अनुभवों को नवागंतुक कृषि स्नातक के छात्र एवं छात्राओं के साथ साझा किया। इस मौके पर महाविद्यालय के वैज्ञानिक अन्य वैज्ञानिक डाॅ पंकज कुमार यादव, डाॅ रवि केसरी, अनुपम कुमारी, डाॅ रुबी साहा, डाॅ सूरज प्रकाश, डाॅ राधेश्याम, डाॅ एसबी साह, डाॅ मिथिलेश कुमार, डाॅ आशीष रंजन, ई मोहन कुमार सिन्हा, जयप्रकाश प्रसाद, डाॅ तपन गोराई, डाॅ अनुज कुमार चौधरी एवं स्नातक कृषि द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत छात्र मृणाल कुमार, प्रत्युष भूषण एवं मयंक कुमार सिन्हा के साथ छात्राएं अनुपम कुमारी ने अपना सहयोग प्रदान किया। इस मौके पर नवागंतुक कृषि स्नातक के छात्र एवं छात्राओं में अमरकांत कुमार, हिमाचल पटेल, अक्षत कुमार, आलोक, सुशील, राघव, बी कार्तिक, अंकिता ने भाग लिया। कार्यक्रम का मंच संचालन मणिभूषण एवं धन्यवाद ज्ञापन वरीय वैज्ञानिक सह विभागाध्यक्ष मृदा विज्ञान विभाग डाॅ जनार्दन प्रसाद द्वारा किया गया। 
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