दरभंगा : "वैश्वीकरण के युग में पर्यटन के उभरते परिदृश्य पर होगी चर्चा" - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 6 दिसंबर 2018

दरभंगा : "वैश्वीकरण के युग में पर्यटन के उभरते परिदृश्य पर होगी चर्चा"

deminar-in-lnmu
दरभंगा (आर्यावर्त डेस्क)   ललित नारायण मिथि'ला विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन विभाग में 7- 8 दिसंबर को प्रस्तावित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रदेशों समेत  विश्व के करीब 6 देशों के विद्वान प्रतिनिधि भाग लेंगे एवं प्रत्रवाचन करेंगे। "वैश्वीकरण के युग में पर्यटन के उभरते  परिदृश्य" विषय पर आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वाणिज्य एवं प्रबंधन के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय विद्वान प्रतिनिधियों के द्वारा दो दिनों तक पर्यटन की समस्याएं, महत्व,आवश्यकता एवं संभावना समेत विभिन्न पहलुओं पर विचार मंथन किया जायेगा। वाणिज्य व्यवसाय प्रशासन विभाग के अध्यक्ष सह निदेशक एवं सम्मेलन के संगठन सचिव प्रोफ़ेसर हरे कृष्ण सिंह ने बताया कि अमेरिका के प्रोफेसर अतुल  पर्वतीयार, वर्मा के प्रोफेसर जगदीश सेठ, मिश्र के डॉक्टर हसन रफत, बांग्लादेश के प्रोफेसर धनंजय कुमार, भूटान के प्रोफेसर हित नाथ डकार व एस एम गोम्स, नेपाल के दीपक भंडारी एवं थाईलैंड के सिद्धोप समेत एक दर्जन विदेशी प्रतिनिधियों ने भाग लेगे। इसके अलावा गढ़वाल के प्रोफेसर एस के गुप्ता,जम्मू के प्रोफेसर परीक्षत सिंह मन्हास, वर्धमान के डॉक्टर मसोफिक, दिल्ली के अदिति लाहिरी  के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, पंजाब, झारखंड, बिहार, जम्मू कश्मीर  सिक्किम, उत्तराखंड, राजस्थान, मेघालय, बंगाल के प्रोफेसर एचके सिंह, प्रोफेसर ओपी राय, प्रोफेसर मंटू सिंह आदि इस सम्मेलन में भाग लेंगे।

 संगठन सचिव प्रोफ़ेसर सिंह ने बताया कि इस सम्मेलन में अब तक 300 प्रतिनिधियों ने पत्रवाचन के लिए शोधपत्र/ आलेख का सारांश के साथ-साथ प्रतिनिधि शुल्क जमा किया है। इनको स्वीकृति पत्र भेजी गयी है। प्रोफेसर सिंह के मुताबिक इस सम्मेलन को छह सत्रों में विभक्त किया गया है। पहला सत्र उद्घाटन सत्र एवं अंतिम सत्र समापन सत्र होगा।इस बीच 4 तकनीकी सत्र होगा। इस 4 तकनीकी सत्रो में पत्रवाचन किया जाएगा। देश के विभिन्न प्रदेशों के विश्वविद्यालय से आए विषय विशेषज्ञ  प्राध्यापक, शोधछात्र एवं छात्राएं अपने अपने आलेख व शोधपत्र की प्रस्तुति आवंटित समय सीमा के अंदर करेंगे । संगठन सचिव ने बताया कि इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को सफल बनाने के लिए विभागीय शिक्षक एवं कर्मचारी जुटे हुए हैं । कुलपति,प्रतिकुलपति एवं कुलसचिव समेत विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारियों का सहयोग नियमित मिल रहा है। इस सम्मेलन को यादगार बनाने की तैयारी की जा रही है।  प्रोफेसर सिंह ने बताया कि सम्मेलन का उद्घाटन एवं समापन सत्र ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी के जुबली हॉल में प्रस्तावित है । चारों तकनीकी सत्र का आयोजन प्रबंधन भवन में किया जाएगा। बाहृय एवं स्थानीय प्रतिनिधियो के आने का सिलसिला शुरू हो गया है, जिनके ठहरने आदि की व्यवस्था की जा रही है। मिथिला में इस सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की जा रही है।

कोई टिप्पणी नहीं: