झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 04 दिसंबर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 5 दिसंबर 2018

झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 04 दिसंबर

पीडितो-शोषितों का यह मसीहा मालवा-निमाड में लोक देवता की तरह आराध्य बना, टंट्या मामा - गुमानसिंह डामोर
टंट्या मामा के पदचिन्हो पर चल कर हमे काम करना होगा-ओम शर्माभाजपा ने का्रंतिवीर टंट्या मामा को स्मरण कर पुष्पाजंलि अर्पित की
jhabua news
झाबुआ । स्वाधीनता के स्वर्णिम अतीत में जाँबाजी का अमिट अध्याय बन चुके आदि विद्रोही टंट्या भील अंग्रेजी दमन को ध्वस्त करने वाली जिद तथा संघर्ष की मिसाल है। टंट्या भील के शौर्य की छबियां वर्ष 1857 के बाद उभरीं। जननायक टंट्या ने ब्रिटिश हुकूमत द्वारा ग्रामीण जनता के शोषण और उनके मौलिक अधिकारों के साथ हो रहे अन्याय-अत्याचार की खिलाफत की। दिलचस्प पहलू यह है कि स्वयं प्रताड़ित अंग्रेजों की सत्ता ने जननायक टंट्या को “इण्डियन रॉबिनहुड’’ का खिताब दिया। जननायक टंट्या भील को वर्ष 1889 में फाँसी दे दी गई। खंडवा जिले की पंधाना तहसील के बडदा में 1842 में भाऊसिंह के यहाँ एक बालक ने जन्म लिया, जो अन्य बच्चो से दुबला-पतला था । निमाड में ज्वार के पौधे को सूखने के बाद लंबा, ऊँचा, पतला होने पर ‘तंटा’ कहते है इसीलिए ‘टंट्या’ कहकर पुकारा जाने लगा । टंट्या की माँ बचपन में उसे अकेला छोड़कर स्वर्ग सिधार गई । भाऊसिंह ने बच्चे के लालन-पालन के लिए दूसरी शादी भी नहीं की । पिता ने टंट्या को लाठी-गोफन व तीर-कमान चलाने का प्रशिक्षण दिया । टंट्या ने धर्नुविद्या में दक्षता हासिल कर ली, लाठी चलाने और गोफन कला में भी महारत प्राप्त कर ली । युवावस्था में उसे पारिवारिक बंधनों में बांध दिया गया द्य कागजबाई से उनका विवाह कराकर पिता ने खेती-बाड़ी की जिम्मेदारी उसे सौप दी । टंट्या की आयु तीस बरस की हो चली थी, वह गाँव में सबका दुलारा था, युवाओ का अघोषित नायक था । उसका व्यवहार कुशलता और विन्रमता ने उसे लोकप्रिय बना दिया । टंट्या के द्वारा कई गरीब आदिवासी परिवार की बहिन बेटियों की शादी कराई गई इसलिये उन्हे  सभी मामा के नाम से पुकारने लगे और उनका नाम टंट्या मामा प्रचलित हो गया का । अंगे्रेजी शासनकाल में उसने अंग्रेजी को मारा काटा था तािा अग्रेजों का धन लूट कर गरीबों में बाट देता था । लोगो में उनका राजा की तरह उसका सम्मान होने लगा । सेवा और परोपकार की भावना में उसे ‘जननायक’ बना दिया ।  उसकी शक्ति निरंतर बढ़ने लगी । युवाओ को उसने संगठित करना शुरू कर दिया । टंट्या का नाम सुनकर साहूकार कांपने लगे ।-उक्त उदबोधन मंगलवार 4 दिसम्बर को स्थानीय बस स्टेंड स्थित टंट्या मामा की प्रतिमा पर माला अप्रण एवं पूजनादि करने के बाद भाजपा नेता एवं विधानसभा झाबुआ प्रत्याशी गुमानसिंह डामोर ने उपस्थित जन समुदाय कोटंट्या मामा के शहादत दिवस पर संबोधित करते हुए कहीं । इस अवसर पर  जिला भाजपा अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, दोैलत भावसार, कल्याणसिंह डामोर, ओपी राय, अजय पोरवाल, अंकुर पाठक, भूपेश सिंगोड,राजेन्द्र सोनी, अर्पित कटकानी, शैलेन्द्र सोलंकी, बलवन मेडा,, अंकित भाबर, सुरभान गुण्डियास, मुकेश गवली, मुकेश चन्द्रल कन्हैयालाल लाखेरी, मांगीलाल भूरिया, सहित बडी संख्या में भाजपाईयों ने टंटया मामा की प्रतिमा पर पुष्पाजंलि अर्पित की । आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए गुमरानसिंह डामोर ने कहा कि  पुलिस ने टंट्या को गिरफ्तार करने के लिए विशेष दस्ता बनाया, जिसमे दक्ष पुलिस वालो को रखा गया । ‘टंट्या पुलिस’ ने कई जगह छापे मारे, किन्तु टंट्या पकड़ में नहीं आया । सन 1880 में टंट्या ने अंग्रेजी हुकूमत को हिला दिया, जब उसने चैबीस गाँवों में डाके डाले, भिन्न-भिन्न दिशाओं और गाँवों में डाके डाले जाने से टंट्या की प्रसिद्धि चमत्कारी महापुरुष की तरह हो गई । डाके से प्राप्त जेवर, अनाज, कपडे वह गरीबो को दे देता था द्य पुलिस ने टंट्या के गिरोह को खत्म करने के लिए उसके सहयोगी बिजानिया को पकडकर फांसी दे दी, जिससे टंट्या की ताकत घट गयी। टंट्या को पकडने के लिए इंग्लेंड से आए नामी पुलिस अफसर की नाक टंट्या ने काट दी द्य सन 1888 में टंट्या पुलिस और मालवा भील करपस भूपाल पल्टन ने उसके विरुद्ध सयुक्त अभियान चलाया । टंट्या का प्रभाव मध्यप्रांत, सी-पी क्षेत्र, खानदेश, होशंगाबाद, बैतुल, महाराष्ट्र के पर्वतीय क्षेत्रो के अलावा मालवा के पथरी क्षेत्र तक फैल गया । टंट्या ने अकाल से पीड़ित लोगो को सरकारी रेलगाड़ी से ले जाया जा रहा अनाज लूटकर बटवाया । टंट्या मामा के रहते कोई गरीब भूखा नहीं सोयेगा, यह विश्वास भीलो में पैदा हो गया था । टंट्या ने अपने बागी जीवन में लगभग चार सौ डाके डाले और लुट का माल हजारों परिवारों में वितरित किया द्य टंट्या अनावश्यक हत्या का प्रबल विरोधी था । जो विश्वासघात करते थे, उनकी नाक काटकर दंड देता था । टंट्या का कोप से कुपित अंग्रेजो और होलकर सरकार ने निमाड में विशेष अधिकारियो को पदस्थ किया । जाबाज, बहादुर साथियों-बिजानिया, दौलिया, मोडिया, हिरिया के न रहने से टंट्या का गिरोह कमजोर हो गया ।पुलिस द्वारा चारो तरफ से उसकी घेराबंदी की गई । भूखे-प्यासे रहकर उसे जंगलो में भागना पड़ा । कई दिनों तक उसे अन्न का एक दाना भी नहीं मिला । जंगली फलो से गुजर करना पड़ा । टंट्या ने इस स्थिति से उबरने के लिए बनेर के गणपतसिंह से संपर्क साधा जिसने उसकी मुलाकात मेजर ईश्वरी प्रसाद से पातालपानी (महू) के जंगल में कराई, किन्तु कोई बात नहीं बनी । 11 अगस्त, 1896 को श्रावणमास की पूर्णिमा के पावन पर्व पर जिस दिन रक्षाबंधन मनाया जाता है, गणपत ने अपनी पत्नी से राखी बंधवाने का टंट्या से आग्रह किया । टंट्या अपने छह साथियों के साथ गणपत के घर बनेर गया । आवभगत करके गणपत साथियों को आँगन में बैठाकर टंट्या को घर में ले गया, जहा पहले से ही मौजूद सिपाहियों ने निहत्थे टंट्या को दबोच लिया । खतरे का आभास पाकर साथी गोलिया चलाकर जंगल में भाग गए । टंट्या को हथकड़ीयो और बेड़ियों में जकड दिया गया । कड़े पहरे में उसे खंडवा से इंदौर होते हुए जबलपुर भेजा गया । जहा-जहा टंट्या को ले जाया गया, उसे देखने के लिए अपार जनसमूह उमडा । 19 अक्टूम्बर, 1889 को टंट्या को फांसी की सजा सुनाई गयी । तथा 4 दिसम्बर 1889 को फांसी दे दी गई । 1857 की क्रांति के बाद टंट्या भील अंग्रेजो को चुनौती देने वाला ऐसा जननायक था, जिसने अंग्रेजी सत्ता को ललकारा । पीडितो-शोषितों का यह मसीहा मालवा-निमाड में लोक देवता की तरह आराध्य बना, जिसकी बहादुरी के किस्से हजारों लोगो की जुबान पर थे । बारह वर्षों तक भीलो के एकछत्र सेनानायक टंट्या के कारनामे उस वक्त के अखबारों की सुर्खिया होते थे । गरीबो को जुल्म से बचाने वाले जननायक टंट्या का शव उसके परिजनों को सौपने से भी अंग्रेज डरते थे । टंट्या को फांसी दी गयी या गोली मारी गई, इसका कोई सरकारी प्रमाण नहीं है, किन्तु जनश्रुति है कि पातालपानी के जंगल में उसे गोली मारकर फेक दिया गया था । जहा पर इस ‘वीर पुरुष’ की समाधि बनी हुई है वहा से गुजरने वाली ट्रेन रूककर सलामी देती है । सैकडो वर्षों बाद भी ‘टंट्या भील’ का नाम श्रद्धा से लिया जाता है । अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ बगावत करने वाले टंट्या का नाम इतिहास के पृष्ठों में स्वर्णाक्षरो से अंकित है ।श्री गुमानसिंह डामोर ने सभी को संकल्प दिलाते हुए कहा कि मामा केसंकल्प को साकार करने के लिये हमे गरीबी, अशिक्षा कुरूतियों को दूर करने तथा उनके अधुरे कार्यो को पूरा करने में अपनी भूमिका निभाना है। जिला भाजपा अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने भी अपने  संबोधन में  टंट्या मामा के जीवन वृत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मामा ने अंग्रेजों के छक्के छुडा दिये थे  उन्हे गिरफ्तार करने में अग्रेजी हुकुमत को सात साल का समय लगा और जबलपुर जैल में उन्हे फंासी दे दी गई थी । कार्यक्रम का संचालन करते हुए कल्याणसिंह डामोर ने भी टंट्या मामा को जन नायक बताते हुए आदिवासी समाज का देवतुल्य व्यक्तित्व बताया । आभार प्रदर्शन अजजा मोर्चा के जिलाध्यक्ष शैलेंन्द्रसिंह सोलंकी ने व्यक्त किया ।

मैं राजनीति करने नहीं आदिवासियों की सेवा करने आया हूं गुमान सिंह डामोर

jhabua news
झाबुआ । भाजपा कुंदनपुर मंडल क्षेत्र के समस्त कार्यकर्ताओं की स्थानीय भाजपा कार्यालय पर आभार बैठक का आयोजन किया गया इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भाजपा के लोकप्रिय प्रत्याशी गुमान सिंह डामोर भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दौलत भावसार युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष आदि ने संबोधित किया भाजपा प्रत्याशी डामोर ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि मैं झाबुआ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी के रूप में राजनीति करने नहीं आया हूं मेरा संकल्प और व्रत आदिवासी समाज एवं जनता की सेवा करना है आपके मत और समर्थन और आशीर्वाद से मैं विजय हुआ तो झाबुआ विधानसभा को और कुंदनपुर क्षेत्र को विकास मुखी और सुंदर बनाने का प्रयास जी जान से करूंगा आदिवासी नवयुवकों के लिए रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रयास करूंगा किसानों के लिए सिंचाई के उत्तम साधन एवं खेत कल्याण में पानी पहुंचे इसके लिए स्टॉप डेम तालाब के विकास की योजना बना लूंगा इस अवसर पर नाम और ने कहा कि कांग्रेस एवं निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा के प्रचार तंत्र से बौखला गए हैं और वह अनर्गल आरोप लगाकर मुझे और भाजपा को बदनाम करने का षड्यंत्र कर रहे हैं इस अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भावसार ने भी संबोधित करते हुए कहा की आपने डामर को जिताया और डामोर प्रदेश के मंत्रिमंडल में मंत्री बनेंगे और हम सब का चैमुखी विकास करेंगे भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस चुनाव में परिश्रम के प्रकार का तक पहुंच कर भाजपा प्रत्याशी को विजय बनाने हेतु मेहनत किए वह रंग लाएगी भाजपा जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को अभी विराम नहीं करना है हमें 15 दिसंबर से पूनः पैक्ट क्षेत्र में काम पर लगना है क्योंकि मिशन 2019 में हमारे सामने बड़ी चुनौती है देश के प्रधानमंत्री पद पर पुनः नरेंद्र मोदी जी को आसींन हम सबको करवाना है आभार सभा का संचालन मंडल अध्यक्ष सुरसिंह हटिला द्वारा सफलतापूर्वक किया गया इस अवसर पर अजजा मोर्चा के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र सोलंकी सेक्टर प्रभारी सुभाष जैन आदि ने भी संबोधित कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन मंडल महामंत्री जितेंद्र पंचायत ने किया इस अवसर पर मंडल महामंत्री मानसिंह मीणा सहित मंडल के समस्त पदाधिकारी उपस्थित थे। 

फेडरेषन कप में झाबुआ जिले को 3 गोल्ड व 1 ब्राॅन्ज मैडल ’’

jhabua news
झाबुआ । विशाखापटनम में दिनांक 2 व 3 दिसबंर 2018 को ट्रायबल खिलाडियों हेतु आयोजित नेशनल फेडरेशन कप में म0प्र0 का प्रतिनिधित्व करते हुये झाबुआ जिले के बाॅडी बिल्डरों ने 3 गोल्ड व 1 ब्राॅन्ज मैडल जीतकर इतिहार रचा । विजेता खिलाडियों द्वारा इस ऐतेहासिक सफलता का श्रेय राष्ट्रीय खिलाडी, कोच एवं पूर्व चेैम्पियन श्री सुशील वाजपेयी को देते हुये बताया कि श्री वाजपेयी के कठोर अनुशासन, मार्गदर्शन व प्रेरणा में अभ्यास संे सफल होना संभव हो पाया है । विभिन्न भारवर्गो में श्री गुलाबसिंग , धर्मेन्द्र सिंगाड. व पंकज बारिया द्वारा गोल्ड मैडल व अजय मोर्य, द्वारा ब्राॅन्ज मैडल प्राप्त किया गया । वर्तमान में श्री वाजपेयी झाबुआ जिले के आदिवासी बच्चों को कुश्ती बाॅडी बिल्डिंग, पावर लिफ्टिंग के साथ ही वेट लिफ्टिंग में निःशुल्क प्रशिक्षण व सहयोग प्रदान कर तैयार कर रहे है , तैयार खिलाडियों द्वारा प्रतिवर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मेडल प्राप्त करते हुये जिले का नाम रोशन किया जा रहा है । जिले के युवा श्री वाजपेयी को अपना आइकाॅन मानते है ।  सुशील पहलवान के नाम से विख्यात श्री वाजपेयी जय बजरंग व्यायाम शाला (जिम) की स्वस्थ युवा, स्वस्थ भारत की परिकल्पना को सार्थक करने हेतु निरंतर अग्रसर है  एवं जिले के एकमात्र ऐसे खिलाडी है जिन्हें 3 से 4 खेलो में महारत हासिल है श्री वाजपेयी का सपना है कि अपनी ही तरह जिले से अनेक पहलवान तैयार करे , जो राष्ट्रीय व अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करे । दिनांक 09.12.2018 रविवार को प्रातः 11.00 बजे जय बजरंग व्यायाम शाला (जिम) झाबुआ मे विजेता बाॅडी बिल्डरों का स्वागत व सम्मान कार्यक्रम रखा गया है । प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त करने वाले खिलाडियों को जय बजरंग व्यायामशाला के श्री प्रेमसिंग उस्ताद , किशोर खलीफा, चंदर खलीफा, उमंगजी सक्सेना, श्री नारायणसिंहजी ठाकुर, श्री ललीतजी शर्मा, श्री सुभाषजी कर्णावत , श्री राजेन्द्रजी यादव, मोहनदादा माहेष्वरी, प्रदीपजी, रूनवाल, मनीषजी व्यास, दिनेशजी सक्सेना, मुकुल सक्सेना, वीरसिंहजी भूरिया, सौरभ सोनी, राजीव शुक्ला, आलोकजी द्विवेदी, निकी डामोर, महेशजी राठौर, हेमेन्द्र पंवार, अनोखीलाल रावत व धन्नालालजी, आदि द्वारा बधाई दी गई । उक्त जानकारी जय बजरंग व्यायाम शाला के प्रवक्ता राजेश बारिया द्वारा दी गई ।

शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुचारू व्यवस्था हेतु कलेक्टर ने सामाजिक संगठन एवं कर्मचारी संगठन की बैठक लेकर माना आभार

jhabua news
झाबुआ । विधानसभा निर्वाचन 2018 के षांतिपूर्ण संपन्न होने पर आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष मे कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आषीष सक्सेना की अध्यक्षता मे सामजिक संगठन एवं कर्मचारी संगठन की बैठक संपन्न हुई। बैठक मे कलेक्टर श्री आषीष सक्सेना एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जमुना भिडे ने जिले के सभी विधानसभाओं में स्वतंत्र, निष्पक्ष, सुगम और पारदर्शी मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर जिले के सामाजिक संगठन एवं कर्मचारी संगठन के सदस्यो के प्रति आभार व्यक्त किया। कर्मचारी संगठन एवं सामाजिक संगठन के सदस्यो ने विधानसभा निर्वाचन के दौरान हुए अपने अनुभव भी साझा किये। कलेक्टर श्री सक्सेना ने विधानसभा निर्वाचन कार्य से संबद्ध कर्मचारी संगठन एवं सामाजिक संगठन के सदस्यो के सराहनीय योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी सदस्यो की लगन, निष्ठा और कड़ी मेहनत की वजह से जिले के सभी मतदान केन्द्रों में शांति पूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान संपन्न हुआ। कलेक्टर ने कहा कि निर्वाचन की आचार संहिता लगने के पहले से जिले के कर्मचारी संगठन एवं सामाजिक संगठन के सदस्यो ने निर्विघ्न चुनाव कार्य संपन्न कराने हेतु जो मेहनत की थी वह फलीभूत हुई है। कलेक्टर ने इसके लिए सभी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। जिलेवासियो की सकारात्मक सोच, सहयोग एवं समन्वय के कारण बिना किसी बाधा के मतदान कार्य शांतिपूर्वक संपन्न हो सका। बैठक मे सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जमुना भिडे, सामाजिक संगठन के पदाधिकारी एवं कर्मचारी संगठनो के सदस्य सहित निर्वाचन कार्य के लिये नियुक्त नोडल अधिकारी उपस्थित थे।

मतगणना हेतु प्रषिक्षण 05 एवं 06 दिसंबर को
        
झाबुआ । विधानसभा निर्वाचन 2018 की मतगणना हेतु दिनांक 05 दिसंबर 2018 एवं 06 दिसंबर 2018 को प्रषिक्षण आयोजित किया जाएगा, जिसमे जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर द्वारा संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियो को प्रषिक्षित किया जावेगा। प्रषिक्षण षासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झाबुआ मे दिया जायेगा। दिनंाक 05 दिसंबर 2018 को मतगणना पर्यवेक्षक, मतगणना सहायक एवं माइक्रो आॅब्जर्वर को, प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक एवं दोपहर 2 बजे से सायं 4 बजे तक एवं दिनांक 06 दिसंबर 2018 को प्रातः 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक मतगणना पर्यवेक्षक, मतगणना सहायक एवं माइक्रो आॅब्जर्वर को, एवं दोपहर 2 बजे से सायं 4 बजे तक डाक मतपत्र की गणना करने के लिये नियुक्त षासकीय सेवक तथा माइक्रो आॅब्जर्वर को प्रषिक्षण दिया जाएगा। चुनाव प्रषिक्षण के दौरान षासकीय सेवक प्रषिक्षण स्थल झाबुआ, पेटलावद, थांदला मे बैंक पास-बुक की छायाप्रति नोडल अधिकारी को उपलब्ध करावे  विधानसभा निर्वाचन 2018 मे मतगणना कार्य हेतु नियुक्त सभी षासकीय सेवक प्रषिक्षण के दौरान प्रषिक्षण स्थल पर बैंक पास-बुक की छायाप्रति या बैंक स्टेटमेंट जिसमे खाता क्र. एवं आईएफएससी कोड का उल्लेख हो अनिवार्य रूप से मानदेय नोडल अधिकारी श्री एम.एल. सांकला सहायक लेखाधिकारी षहरी विकास अभिकरण एवं उनकी टीम को मानदेय पत्रक के साथ उपलब्ध कराये। क्योंकि मानदेय का भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से सीधे खातो मे जमा किया जाना है। प्रषिक्षण के दौरान नियुक्त सभी कर्मचारी अपनी उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज कराना सुनिष्चित करे।

मतगणना दिवस पर मतगणना सारणीकरण कार्य करने हेतु नियुक्त अधिकारियो/कर्मचारियो का प्रषिक्षण संपन्न

jhabua news
झाबुआ । विधानसभा निर्वाचन 2018 को सुचारू रूप से संपन्न कराये जाने हेतु अधिकारी/कर्मचारी की ड्यूटी मतगणना दिनांक 11 नवंबर 2018 को, मतगणना सारणीकरण कार्य करने हेतु लगाई गई है। मतगणना दिवस को रिटर्निंग आफिसर/सहायक रिटर्निंग आफिसर से विधानसभावार एवं मतदान केंद्रवार जानकारी गणनापर्ची/निर्धारित प्रपत्र मे प्राप्त कर निर्धारित/आवष्यक प्रपत्रो मे जानकारी तैयार की जावेगी। प्रभारी अधिकारी सारणीकरण के मार्गदर्षन मे निर्धारित/आवष्यक प्रारूप तैयार करवाया जाकर अपने दल को उपलब्ध करावेंगे तथा निर्वाचन कार्यालय से प्रभारी अधिकारी के माध्यम से संपर्क कर आवष्यक जानकारी एवं प्रारूप प्राप्त करेंगे। जिला स्तरीय सारणीकरण दल हेतु नियुक्त अधिकारी/कर्मचारियो को डाॅ तारिणी जौहरी गंग, जिला योजना अधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी सारणीकरण द्वारा जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय मे विधानसभावार सारणीकरण कार्य हेतु प्रषिक्षण प्रदान किया गया। प्रषिक्षण मे प्रारूप वार विस्तृत चर्चा की गई एवं इस कार्य हेतु गठित दलो द्वारा रिहर्सल भी की गई।

निर्वाचन हेतु डाक मतपत्र की गणना भी 11 दिसंबर को होगी
      
झाबुआ । विधानसभा निर्वाचन 2018 हेतु जिले मे प्राप्त डाक मतपत्र की गणना भी दिनांक 11 दिसंबर 2018 को षासकीय पोलेटेक्निक काॅलेज झाबुआ मे की जायेगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिये प्राप्त डाक मतपत्र की गणना के लिये तीन-तीन टेबल लगाई जाकर गणना कार्य संपादित किया जायेगा। अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं नोडल अधिकारी डाक मतपत्र ने संबंधित अधिकारियो को उक्त प्रावधान से समस्त अभ्यर्थियो को अवगत कराने हेतु निर्देषित किया है।

जवाहर नवोदय विद्यालय के आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर से बढकर 15 दिंसबर नियत
        
झाबुआ । जवाहर नवोदय विद्यालय मे कक्षा 6 हेतु आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 30 नवंबर से बढाकर 15 दिसंबर 2018 नियत कर दी गई है। नवोदय विद्यालय हेतु चयन परीक्षा की तिथि 06 अप्रैल 2019 षनिवार रहेगी। कक्षा 3,4 एवं 5 मे आवेदन के लिये झाबुआ जिले के किसी सरकारी अथवा गैर सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालय मे लगातार अध्ययनरत होना अनिवार्य है। अभ्यर्थी की जन्मतिथि 01 मई 2006 से 30 अप्रैल 2010 के मध्य होनी चाहिये। आवेदन हेतु वेबसाईट ूूूण्दंअवकंलंण्हवअण्पद एवं ूूूण्रदअरींइनं1ण्वतह है। आवदेन केवल आॅनलाइन ही स्वीकार किया जायेंगे। अभ्यर्थी विस्तृत जानकारी हेतु किसी कार्य दिवस मे जवाहर नवोदय विद्यालय झाबुआ-1 रातीतलाई कार्यालय मे संपर्क कर सकते है। अभ्यर्थी आवेदन मे सहायता हेतु झाबुआ ब्लाक मे 9461904377 एवं 9826043526 पर, रामा ब्लाक मे 8890617017 एवं 7024476604 पर, रानापुर ब्लाक मे 9770595909 एवं 9009512324 पर तथा अन्य सहायता हेतु 9981777261, 9818074364 एवं 9407459811 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

मतदाता सूची मे नाम दर्ज करवाने हेतु आॅनलाईन आवेदन कर सकते है
       
झाबुआ । भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची मे नाम जोडने, संषोधन करने एवं नाम हटाने का कार्य निरंतर जारी रहता है। अतः ऐसे मतदाता जिनका नाम मतदाता सूची मे नही है, वे मतदाता सूची मे नाम दर्ज करवाने के लिये आॅनलाईन आवेदन कर सकते है एवं मतदाता सूची मे अपना नाम अन्य स्थानो पर स्थानांतरित करवाने के लिये भी आवेदन कर सकते है।

मतगणना के लिये 14 हजार 600 मतगणना कर्मी तैनात

झाबुआ । मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन 2018 के लिये 11 दिसम्बर, 2018 को सभी जिलों में रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा प्रातः 8.00 बजे से आयोग द्वारा अनुमोदित मतगणना स्थलों में मतगणना प्रारंभ होगी। प्रदेश में मतगणना 306 मतगणना कक्षों में की जायेगी। प्रत्येक मतगणना केन्द्र पर 14 टेबिल के साथ 1 टेबल मतपत्रों की गिनती के लिये लगाई जायेगी। इस प्रकार कुल 3 हजार 450 टेबिल लगाई जायेंगी। मतगणना के लिये रिजर्व सहित लगभग 14 हजार 600 मतगणना कर्मियों को तैनात किया जायेगा।

विश्व दिव्यांग दिवस पर खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया
विजेताओ को प्रमाण पत्र वितरित किये गये
jhabua news
झाबुआ । विश्व दिव्यांग दिवस 3 दिसंबर के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित विकलांग पुनर्वास केंद्र झाबुआ में दिव्यांगजनों के लिए 03 एवं 04 दिसंबर को विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत एकल नृत्य, सामूहिक संगीत (गान) एवं वादन कार्यक्रम आज आयोजित किए गये। विभिन्न प्रतियोगिता मे विजेता रहे प्रतिभागियो को प्रमाण पत्र भी वितरित किये गये। विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांगों के स्वास्थ्य परीक्षण, दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी के लिए विकलांग पुनर्वास केंद्र में विशेष शिविर का आयोजन भी किया गया।

ईवीएम के कंट्रोल यूनिट का डिस्पले पैनल देख सकेंगे उम्मीदवार एजेंट
      
झाबुआ । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा के लिए 11 दिसम्बर को होने वाली मतगणना के दौरान ईवीएम के कंट्रोल यूनिट पर रिजल्ट बटन दबाते समय प्रत्याशियों के एजेंट को डिस्पले पैनल दिखाया जायेगा। मतगणना सुपरवाइजर यह सुनिश्चित करेंगे कि एजेंटों को डिस्पले पैनल दिखाया जाए ताकि वे प्रत्येक प्रत्याशी के पक्ष में डाले गए वोट की गिनती कर सकें, जो कंट्रोल यूनिट के डिस्पले पैनल पर प्रदर्शित होंगी।  इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए आवश्यकता होने पर मतगणना सहायक को कंट्रोल यूनिट को इस प्रकार उठाकर रखना होगा कि डिस्पले पैनल न सिर्फ मतगणना का सुपरवाइजर बल्कि मतगणना टेबिल पर बैठे दूसरे मतगणना सहायक, माइक्रो आब्जर्वर और जाली की दूसरी ओर बैठे प्रत्याशी के एजेंट को भी दिखाई दे। यदि कोई एजेंट ईवीएम पर एक बार से अधिक रिजल्ट देखने की इच्छा व्यक्त करता है तो मतगणना सुपरवाइजर को उसके संतोष के लिए फिर से रिजल्ट दिखाना होगा। आयोग ने यह निर्देश भी दिए है कि जब प्रत्येक मतदान की टेब्ल्युलेशन शीट(फार्म 17 सी) रिटर्निंग आफीसर की मेज पर आ जाती है तो रिटर्निंग आफीसर का कत्र्तव्य होगा कि रिटर्निंग आफीसर टेबिल पर बैठे प्रत्याशी, उसके एजेंट, मतगणना एजेंट को प्रत्येक मतदान केंद्र के प्रत्येक प्रत्याशी को रिजल्ट को नोट करने दें।

मतगणना एजेंट, मतगणना स्थल पर मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे

झाबुआ । विधानसभा चुनाव की मतगणना 11 दिसम्बर को प्रातः 8 बजे से षासकीय पोलेटेक्निक काॅलेज झाबुआ में होगी। सभी मतगणना अभिकर्ताओं को मतगणना स्थल पर प्रातः 7.30 बजे के पूर्व प्रवेश लेना होगा। नियत समय के पश्चात किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कोई भी मतगणना अभिकर्ता एक बार मतगणना प्रारंभ होने के बाद कक्ष से बाहर मतगणना समाप्ति तक नहीं जा सकेगा। मतगणना स्थल पर कोई भी मतगणना एजेंट मोबाइल फोन, केल्कुलेटर, खाने पीने की सामग्री आदि लेकर नहीं आयेंगे। उन्हें केवल एक पेन एवं दो कागज ले जाने दिया जाएगा।

गणना अभिकर्ताओं की बैठक व्यवस्था
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार गणना टेबल पर प्रथम पंक्ति में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के अभ्यर्थियों के गणना अभिकर्ता बैठेंगे। उसके बाद रजिस्टर्ड दलों के गणना अभिकर्ता तथा उनके पीछे निर्दलीय प्रत्याशियों के गणना अभिकर्ता बैठेंगे। मतगणना अभिकर्ता को जिस टेबल के लिए अभिज्ञान पत्र जारी किया जाएगा वे उसी टेबल पर बैठेंगे।

मतों की गणना
मतों की गणना डाकमत पत्रों की गणना से शुरू होगी। ईवीएम में डाले गए मतों की गणना विधानसभावार गणना टेबलों पर प्रारंभ की जाएगी। प्रत्येक विधानसभा के लिए टेबल लगाई गई हैं।

धूम्रपान प्रतिबंधित
निर्वाचन आयोग ने मतगणना परिसर में धूम्रपान और तम्बाकू के उपयोग को भी प्रतिबंधित किया है ।  आयोग ने इस प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिये हैं ।

नोटा का रिजल्ट पर कोई प्रभाव नहीं
विधानसभा चुनाव की मतगणना में नोटा को मिले मतों का चुनाव परिणाम पर कोई प्रभाव नहीं होगा। सर्वाधिक मत प्राप्त करने वाला उम्मीदवार विजयी घोषित किया जाएगा।
मतगणना स्थल पर अधिकृत व्यक्ति ही प्रवेश पा सकेंगे
        
झाबुआ । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतगणना हाल में अंदर केवल अधिकृत व्यक्ति को ही प्रवेश दिया जाएगा, इनमें गणना पर्यवेक्षक और गणना सहायक, निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत व्यक्ति, निर्वाचन के संबंध कत्र्तव्यारूढ लोकसेवक एवं उम्मीदवार तथा उनके निर्वाचन और गणना अभिकर्ता शामिल रहेंगे। मतगणना प्रारंभ होने के पूर्व यह भी देख लेने को कहा गया है कि अधिकृत व्यक्तियों के अलावा अन्य कोई व्यक्ति हाल में उपस्थित न हो। आयोग ने यह भी ध्यान रखने को कहा है कि निर्वाचन के संबंध में कत्र्तव्यारूढ़ लोकसेवक के अंतर्गत सामान्य रूप से पुलिस अधिकारी नहीं आते हैं, ऐसे अधिकारियों को चाहे वे वर्दी में हो, या सादे वस्त्रों में, सामान्यतः नियमानुसार काउंटिंग हाल के अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने या किसी भी प्रकार के अन्य प्रयोजन से अंदर बुलाने का निर्णय न लिया जाए। इसी तरह केन्द्र अथवा राज्यों के मंत्री, राज्य मंत्री और उपमंत्री भी इस श्रेणी नहीं आते। वे काउंटिंग हाल में केवल अभ्यर्थी के रूप में आ सकते हैं। आयोग के निर्देशानुसार उनकी नियुक्ति निर्वाचन या गणना अभिकर्ताओं के रूप में नहीं की जा सकती, क्योंकि वे गनमेन की सुरक्षा में होते हैं। इसलिए उन्हें काउंटिंग हाल में प्रवेश नहीं दिया जा सकेगा। आयोग ने उक्त ब्यौरे के अनुसार व्यक्तियों के प्रवेश को कड़ाई से विनियमित करने को कहा है। आयोग के अनुसार किसी भी परिस्थिति में गणना स्थल पर अनाधिकृत व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जायेगी।

सभी रिटर्निंग अधिकारी आयोग के द्वारा तय गाईडलाइन अनुसार कार्यवाही सुनिष्चित करे-कलेक्टर
विधानसभा निर्वाचन की गणना हेतु कलेक्टर ने आरओ की बैठक लेकर दिये निर्देष
jhabua news
झाबुआ । विधानसभा निर्वाचन 2018 की मतगणना 11 दिसंबर को की जाना है। इस हेतु आवष्यक व्यवस्थाएं सुनिष्चित करने के लिये आज कलेक्टर कार्यालय मे कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आषीष सक्सेना की अध्यक्षता मे मतगणना कार्य के लिये रिटर्निंग अधिकारियो की बैठक ली गई एवं व्यवस्था हेतु आवष्यक निर्देष दिये गये। बैठक मे कलेक्टर श्री सक्सेना ने रिटर्निंग अधिकारियो को निर्वाचन आयोग द्वारा तय गाईडलाइन एवं निर्देषानुसार व्यवस्थाएं करने तथा अपेक्षित जानकारी समय सीमा मे निर्वाचन आयोग को प्रेषित करने के लिये निर्देष दिये। बैठक मे सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जमुना भिडे सहित रिटर्निंग अधिकारी एवं निर्वाचन के लिये नियुक्त नोडल अधिकारी उपस्थित थे।

कोई टिप्पणी नहीं: