राजनीति में अहिंसा व शांति की स्थापना जरूरी: गहलोत - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 3 जनवरी 2019

राजनीति में अहिंसा व शांति की स्थापना जरूरी: गहलोत

गणि राजेन्द्र विजयजी को राज्य अतिथि का दर्जा
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नई दिल्ली 3 जनवरी 2019 सुखी परिवार फाउंडेशन के संस्थापक एवं आदिवासी संत गणि राजेन्द्र विजयजी ने आज राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। उनके दिल्ली से गुजरात तक की पदयात्रा के दौरान जयपुर पहुंचने पर श्री गहलोत ने उनका स्वागत करते हुए उन्हें ‘राज्य अतिथि’ का सम्मान प्रदत्त किया। इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं गुजरात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष श्री भरत सिंह सोलंकी एवं सुखी परिवार फाउंडेशन के संयोजक श्री ललित गर्ग ने दो पुस्तकें ‘संत और सुधाकर’ एवं ‘जीवन का कल्पवृक्ष’ भेंट करते हुए गणि राजेन्द्र विजयजी के आदिवासी उत्थान के कार्यक्रमों की जानकारी दी।  इस अवसर पर श्री अशोक गहलोत ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान महावीर के अहिंसा एवं शांति के सिद्धांतों पर चलकर ही स्वस्थ समाज एवं राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। राजनीति में हिंसा एवं अराजकता की स्थितियों का बढ़ना चिंताजनक है। जरूरी है कि भारत की राजनीति और राजनेता महावीर की सिद्धांतों को अपनाते हुए अहिंसा एवं शांति के मार्ग पर आगे बढ़े। उन्होंने गणि राजेन्द्र विजयजी के समाज-निर्माण एवं आदिवासी उत्थान के कार्यक्रमों को उपयोगी बताया। गणिजी आध्यात्मिक शक्ति के साथ संपूर्ण राष्ट्र में शांति व भाईचारे का संदेश फैला रहे हैं। मौजूदा माहौल में उनके संदेश समाज में शांति एवं सौहार्द स्थापित करने के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों को जन-जन में उन्नत व्यवहार का माध्यम बनेगी और इससे देश व समाज में समरसता आयेगी। संतपुरुष ही सच्चा मार्गदर्शन कर समाज को हिंसा व भय से मुक्त कर सकते हैं। गणिजी के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। गणि राजेन्द्र विजयजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में दायित्व और कर्तव्यबोध जागे, तभी लोकतंत्र को सशक्त किया जा सकता है। यही वक्त है जब अहिंसक शक्तियों को संगठित किया जाना जरूरी है। इसी उद्देश्य को लेकर हम अहिंसक शक्तियों को संगठित कर रहे हैं एवं आदिवासी उत्थान के कार्याें में लगे हुए हैं। सुखी परिवार अभियान के माध्यम से अहिंसा एवं समतामूलक समाज की प्रतिष्ठा हो सकती है।  गुजरात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष श्री भरत सिंह सोलंकी ने कहा कि भारत को यदि शक्तिशाली एवं समृद्ध बनाना है तो आदिवासी जनजीवन को राष्ट्र की मूलधारा में लाना होगा। श्री ललित गर्ग ने कहा कि आदिवासी समाज को साथ में रखकर ही विकास को परिपूर्ण आकार दिया जा सकता है। इस अवसर पर जयपुर तपागच्छ संघ के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र ओसवाल, उपाध्यक्ष श्री राकेश मोहनोत, श्री ललित गर्ग, श्री मानक ओसवाल, श्री निर्मल सोगानी, श्री राजू ओसवाल-पूना, श्री राहुल वत्स-दिल्ली, श्री सुरेन्द्र शर्मा-दिल्ली आदि उपस्थित थे।
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