बिहार : मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान का हाजिरी बनाकर कार्य बहिष्कार - Live Aaryaavart

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बुधवार, 16 जनवरी 2019

बिहार : मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान का हाजिरी बनाकर कार्य बहिष्कार

refuse-to-work-on-rubella-missals-biharपटना,16 जनवरी। बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान का हाजिरी बनाकर कार्य वहिष्कार जारी है। आज कार्य वहिष्कार के दूसरे दिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंन्द्र के सामने प्रदर्शन और धरना दिए। गगनचुम्बी नारा व जोशीला गीतों से समा आंदोलनमय बन गया। गगनचुम्बी नारों में एक वर्ष से बकाया वेतन भुगतान जल्दी करना होगा...आवंटन के अभाव में वेतनबंदी बंद करो... जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी झूठ बोलना बंद करो....बकाया वेतन तुमको देना होगा...स्वास्थ्य मंत्री होश में आओ वेतन जल्दी दिलवाओं...। वहीं जोशीला गीतों में टूट गइलइ.. टूूट गइलइ.. ए. एन. एन. के सतावे वाला अदतवा छूट गइलइ...फेल हो गइलइ... फेल हो गइलइ..खसरा-रूबेला का प्रोग्रामवा फेल हो गइलइ...। कहां से तिलकुट....कहां से तिलवा....कहां से लाए चूड़ा....बिना वेतन मकर संक्रांति... यह त्योहार है अधूरा...।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंन्द्र,धनरूआ की वरीय ए.एन.एम. प्रेमा कुमारी, माधुरी कुमारी, इंदू कुमारी,रेणु कुमारी, गायत्री कुमारी,मनोरमा कुमारी आदि ने कहा कि सरकार के द्वारा दुरंगी नीति अपनायी जा रही है। 2210 हेड में राशि आवंटित की गयी है। वहीं 2211 में हेड में राशि आवंटित नहीं की जा रही है। उनलोगों का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंन्द्र,धनरूआ के द्वारा असैनिक शल्य चिकित्सा सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डाक्टर प्रमोद झा के पास दर्जनों बार आवंटन करने का डिमांड भेजा गया है। परन्तु वहां से फुट्टवल कौड़ी भी नहीं आया। इसके कारण दिसंबर 2017, जनवरी, फरवरी, जून, जुलाई, अगस्त, सितम्बर, अक्टूबर, नवम्बर, दिसम्बर 2018 तक का बकाया है। मजे की बात है कि सरकार के द्वारा आवंटित राशि नहीं होने से बकाया राशि प्राप्त करने के लिए नोटरी से शपथ पत्र देना पड़ता है। शपथ पत्र देने में करीब 5 सौ रूपए खर्च हो जाता है। वरीय ए.एन.एम. र्धमशीला कुमारी, सुधा देवी,मेरी कुट्टी जौर्ज आदि ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा महिलाओं के कहने पर शराबबंदी कर दिए हैं। महिलाओं के पक्ष में कहते हैं कि उनके घरों में खुशहाली आ गयी है। वहीं अब हम महिलाओं के घरों में वेतनबंदी होने से दुखहाली छा गयी है।  प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी के द्वारा मैसेस वायरल किया गया है कि सरकार ने 300 करोड़ राशि की व्यवस्था कर दी है। दो सप्ताह के अंदर वेतन भुगतान कर दिया जाएगा। वहीं स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का कहना है कि दो माह के बाद वेतन भुगतान होगा। स्वास्थ्य महकम्मा से जुड़े लोगों के बयान से ए.एन.एम. दीदीयों में दुविधा बढ़ गयी है। इन लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ और वरीय ए.एन.एम. के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर समझौता करें कि कबतक वेतन व डी.ए. भुगतान करेंगे।

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