आदिवासी एवं दलितों की 2019 के चुनाव में भूमिका निर्णायक: अठावले - Live Aaryaavart

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बुधवार, 2 जनवरी 2019

आदिवासी एवं दलितों की 2019 के चुनाव में भूमिका निर्णायक: अठावले

गणि राजेन्द्र विजयजी की दिल्ली से गुजरात तक की पदयात्रा शुरू
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नई दिल्ली, 2 जनवरी 2019 , आगामी लोकसभा चुनाव में आदिवासी एवं दलित समुदाय ही निर्णायक होंगे। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री श्री रामदास अठावले ने कहा कि आदिवासी एवं दलित भारत की मूल संस्कृति है। उनके अधिकारों एवं अस्तित्व की रक्षा के लिए केंद्र सरकार अपना हर संभव सहयोग प्रदत्त करेगी।  गणि राजेन्द्र विजयजी की दिल्ली से गुजरात तक की पदयात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए श्री अठावले ने कहा कि गणिजी देश के आदिवासी एवं दलित समुदाय के समग्र विकास के लिए व्यापक प्रयत्न किये हैं। उनके द्वारा आदिवासी क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि संत शक्ति और राजनीतिक शक्ति मिलकर ही आदिवासी एवं दलित के जीवन को उन्नत बना सकेंगे। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी एक नया भारत निर्मित करने की ओर अग्रसर हैं। निश्चित ही इस नये भारत में आदिवासी व दलित समाज को सम्मान एवं गौरव प्राप्त हो सकेगा, ऐसा विश्वास है। इस अवसर पर गणि राजेन्द्र विजयजी ने आदिवासी राठवा जनजाति को कोली मानने की सरकारी भूल का निवारण करने के लिए श्री अठावलेजी को ज्ञापन दिया। इस अवसर पर सुखी परिवार फाउंडेशन के संयोजक श्री ललित गर्ग ने जनवरी-2019 में आयोजित आदिवासी महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेने के लिए निमंत्रण दिया जिसे श्री अठावले ने सहर्ष स्वीकार किया। इस अवसर पर प्रख्यात जैन संत गणि राजेन्द्र विजयजी ने कहा कि भारत को यदि शक्तिशाली एवं समृद्ध बनाना है तो आदिवासी एवं दलित के जनजीवन को राष्ट्र की मूलधारा में लाना होगा। विकास की मौजूदा अवधारणा इसलिए विसंगतिपूर्ण है कि उसमें आदिवासी जनजीवन की उपेक्षा एवं उनके अधिकारों की अवहेलना की गयी है। एक संतुलित समाज रचना के लिए आज आदिवासी जनजीवन को प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है। आदिवासी एवं दलित समाज की उपेक्षा के कारण ही हाल ही में संपन्न पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा का राजनीतिक गणि लड़खड़ाया था। आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए आदिवासी एवं दलित समाज के कल्याण की योजनाओं पर प्राथमिकता से ध्यान देने की जरूरत है।  विदित हो कि गुजरात के आदिवासी जनजाति से जुड़े राठवा समुदाय में उनको आदिवासी न मानने को लेकर गहरा आक्रोश है वहीं असंवैधानिक एवं गलत आधार पर गैर-आदिवासी को आदिवासी सूची में शामिल किये जाने एवं उन्हें लाभ पहुंचाने की गुजरात की वर्तमान एवं पूर्व सरकारों की नीतियों के प्रति विरोध हैं। इन स्थितियों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए गणि राजेन्द्र विजयजी के नेतृत्व में छोटा उदयपुर संसदीय क्षेत्र में आंदोलन किया जाएगा जिसके लिए वे पदयात्रा करते हुए वहां पहुंच रहे हैं। 

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