बिहार : अगर मांग पूरी नहीं होगी तो आंदोलन तेज करने की धमकी : सरोज चैाबे - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2019

बिहार : अगर मांग पूरी नहीं होगी तो आंदोलन तेज करने की धमकी : सरोज चैाबे

मुजफ्फरपुर बालिकागृह कांड को मुद्दा बना ऐपवा ने मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने की मांग कीभाजपा मंत्री सुरेश शर्मा को बर्खास्त करो
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पटना,22 फरवरी। ऐपवा का मानना है कि सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संरक्षक हैं मुजफ्फरपुर बालिकागृह कांड का। इनके संरक्षण में भाजपाई मंत्री सुरेश शर्मा घुम रहे हैं। इसके आलोक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा दें और भाजपाई मंत्री सुरेश शर्मा को बर्खास्त करें। अगर ऐसा नहीं होता है तो अपनी मांग को पूरी करने के लिए आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। 

अखिल भारतीय प्रगतिषील महिला एसोसिएषन के बैनर तले जुलूस
दो दिवसीय प्रतिवाद दिवस के तहत आज शनिवार को अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन ऐपवा के बैनर तले जुलूस निकाला गया। इसके पूर्व ऐपवा के सभी नेता और कार्यकर्ता बुद्ध स्मृति पार्क के समीप जमा हुए। यहां से जुलूस निकाल कर डाकबंगला चैाराहा को पारकर रेडियो स्टेशन तक पहुंचा गया। यहां पर नुक्कड़ सभा की गई। जुलूस का नेतृत्व ऐपवा की अध्यक्ष सरोज चैाबे, महासचिव मीना तिवारी,राज्य सचिव शशि यादव, सचिव अनिता सिन्हा,पटना ग्रामीण सचिव माधुरी गुप्ता, नगर सह सचिव अनुराधा सिंह,पटना सिटी सचिव राखी मेहता,बिहार राज्य विघालय रसोइया संघ की नेत्री मीना देवी, गुड़िया देवी आदि ने किया। मौके पर ममता राय,जुही महबूबा, आफसा जबी, बसंती गुप्ता, किरण देवी, रेखा, सीमा देवी  आदि नेता उपस्थित रहीं। 

नुक्कड़ सभा शुरू होने के पूर्व वीर शहीदों को श्रद्धांजलि
नुक्कड़ सभा के पूर्व वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। 14 फरवरी को पुलवामा में 40 वीर जवान शहीद हुए थें। इनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस घटना की आड़ में देशभर में कश्मीरी लोगों को उत्पीड़ित करने की निंदा की गई। इस पर सवाल करने वालों को रोका जा रहा है। सवाल करने वाले भी देशभक्त है। आखिर जानने का अधिकार है कि किस तरह से विस्फोट हुए। आतंकवादियों के नाम पर कश्मीरी लोगों पर जुल्म करना बंद हो। इस पर रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही सैनिकों की शहादत पर वोट की राजनीति करने वालो की भी भत्सना की गई। इस तरह की हरकत पर रोक लगाने की मांग की गई।

मुजफ्फरपुर बालिकागृह कांड
नुक्कड़ सभा में वक्ताओं ने कहा कि मुजफ्फरपुर बालिकागृह कांड पर शुरू से ही मुख्यमंत्री की भूमिका की जांच कराने की मांग ऐपवा द्वारा की जाती रही है। लेकिन ऐपवा की मांग को न सिर्फ अनसुना कर दिया गया अपितु सी.बी.आई. के एस.पी. का जांच के बीच में ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंखन करते हुए तबादला कर दिया गया। जिसकी सजा अभी नागेश्वर राय को मिली। आगे वक्ताओं ने कहा कि अब जब डाक्टर अश्विनी कुमार की याचिका पर मुजफ्फरपुर के पाॅक्सो कोर्ट ने मुख्यमंत्री की भूमिका की जांच की सिफारिश सीबीआई से की है तो उन्हें पद बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें बिहार की छोटी छोटी बच्चियों के यौन उत्पीड़न व हत्या की जवाबदेही होते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए। मुजफ्फरपुर बालिकागृह कांड और उसके राजनीतिक संरक्षण की मिशाल अन्यत्र नहीं मिलती इसके गुनाहगारों को सजा मिलनी ही चाहिए वरना महिला सषक्तिकरण व सामाजिक न्याय का नारा ढांग व धोखा के शिवा कुछ नहीं। यदि मांगे नहीं मानी गई तो ऐपवा आगे आंदोलन तेज करेगी।

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