पूर्णिया : जीएसटी 5% कम हुआ तो कोसी व सीमांचल के जिलों में 100 करोड़ तक बढ़ जाएगा प्रॉपर्टी कारोबार - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 14 फ़रवरी 2019

पूर्णिया : जीएसटी 5% कम हुआ तो कोसी व सीमांचल के जिलों में 100 करोड़ तक बढ़ जाएगा प्रॉपर्टी कारोबार

- रियल एस्टेट : कोसी और सीमांचल में सालाना 2 सौ करोड़ की खरीद बिक्री, ब्याज दर कटौती व बजट राहत के बाद जीएसटी में कमी की उम्मीद - रियल एस्टेट सेक्टर को अभी राहत देने की जरूरत है, इससे हजारों श्रमिकों को रोजगार मिलता है और अर्थव्यवस्था में भी तेजी आती है : संजीव मिश्रा 
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कुमार गौरव । पूर्णिया : 1 फरवरी को केंद्र सरकार के बजट में दूसरे मकान की खरीदारी पर छूट देने का प्रावधान होने के बाद आरबीआई ने भी रेपो रेट में कमी कर दी है। जिससे होम लोन पर ब्याज दर में कटौती होगी। इन दोनों प्रावधानों से धीमी गति से बढ़ रहे रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी के आसार नजर आ रहे हैं। इन्हीं राहतों के बीच यह खबर भी आ रही है कि ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने रियल एस्टेट सेक्टर में निर्माणाधीन संपत्तियों की बिक्री पर जीएसटी की दर को 18 फीसदी (जमीन की कीमत हटाने के बाद प्रभावी दर 12 फीसदी होती है) से घटाकर पांच फीसदी करने का मन बना लिया है। उम्मीद है कि अगली जीएसटी काउंसिल बैठक में इस सेक्टर को जीएसटी की दर में भी बड़ी राहत मिल जाएगी। ऐसे में पूर्णिया समेत कोसी और सीमांचल के सात जिलों में होने वाला करोड़ों का रियल एस्टेट सेक्टर कारोबार आने वाले दिनों में बूम की उम्मीद कर रहा है। पनोरमा ग्रुप के एमडी संजीव मिश्रा का कहना है कि इस सेक्टर को अभी राहत देने की जरूरत है। इससे हजारों श्रमिकों को रोजगार मिलता है और अर्थव्यवस्था में भी तेजी आती है। जीएसटी की कटौती बड़ा कदम रहेगा। बता दें कि रियल एस्टेट के कारोबारी ने पहले भी मांग रखी है कि बनी हुई संपत्ति के विक्रय में जमीन की कीमत एक तिहाई कम करने की जगह 60 फीसदी कम करके बाकी मूल्य पर जीएसटी लगना चाहिए। यह ग्राहकों के लिए काफी राहत भरा कदम होगा। 

...हर साल सौ करोड़ की बनी हुई संपत्ति बिकती है : 
कोसी और सीमांचल के जिलों में हरेक साल करीब दो सौ करोड़ की संपत्तियों की खरीदी बिक्री होती है। जिससे पंजीयन विभाग को करोड़ों रुपए का शुल्क मिलता है। इस 200 करोड़ में से 100 करोड़ की केवल जमीन (प्लॉट, खेती की जमीन) में खरीदी बिक्री होती है। वहीं सौ करोड़ की बनी हुई संपत्ति जैसे मकान, फ्लैट कोसी और सीमांचल के जिलों में बिकते हैं। बता दें कि पंजीयन विभाग पूर्णिया को प्रतिवर्ष 300 करोड़ रूपए के राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें से अबतक 125 करोड़ रूपए के राजस्व की उगाही हो चुकी है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि जमीन खरीद बिक्री व रियल एस्टेट के मामले में कोसी और सीमांचल में कितनी संभावनाएं हैं। 

...सरकार ने न्यूनतम कलेक्टर रेट रखे तो खरीद में बूम आएगा : 
एक्सपर्ट बताते हैं कि सरकार एक साल में दो बार कलेक्टर रेट रिव्यू करती है। प्रॉपर्टी कारोबारियों का कहना है कि सरकार अगर कलेक्टर रेट को न्यूनतम रखे तो इससे ग्राहक आकर्षित होते हैं और इनवेस्टमेंट करते हैं। ऐसा होने से संपत्तियों की खरीद बिक्री में और भी इजाफा होगा। इससे भी प्रॉपर्टी कारोबार में तेजी आएगी। 

...जीएसटी अधिक होने से लोग बिल्डिंग पूरी बनने का इंतजार करते हैं, संपत्ति लागत बढ़ती है : 
एक्सपर्ट बताते हैं कि जीएसटी अधिक होने से अभी ग्राहक बिल्डर द्वारा बिल्डिंग पूरी करने का इंतजार करता है, क्योंकि बनी हुई प्रॉपर्टी पर जीएसटी नहीं लगता है। इसके चलते बिल्डर को पूंजी का अभाव हो जाता है और ऐसे में संपत्ति की भी लागत बढ़ने से दाम बढ़ जाते हैं। इसका नतीजा ग्राहक खरीदारी से दूरी बना लेते हैं और संपत्ति बिकने में समस्या आती है। संजीव मिश्रा ने बताया कि जीएसटी में राहत होने से निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में तेजी आएगी और इसका सीधा फायदा इन्वेस्टर को ही मिलेगा। साथ ही रियल एस्टेट के क्षेत्र में बूम आने के साथ साथ कोसी और सीमांचल के जिलों में यह काराेबार सौ करोड़ के हिसाब से प्रतिवर्ष बढ़ेगा।

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