झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 12 फ़रवरी - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 12 फ़रवरी 2019

झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 12 फ़रवरी

भाजपा गा्रमीण मंडल ने दीनदयाल उपाध्याय की पूण्य तिथि को समर्पण दिवस के रूप  मे मनाया

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झाबुआ । महान चिंतक एवं जनसंघ के पूर्व अध्यक्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि भाजपा गा्रमीण मंडल द्वारा जिला भाजपा कार्यालय में समर्पण दिवस के रूप में मनाया गया। भारतीय जनता पार्टी गा्रमीण मंडल द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा कार्यसमिति के सदस्य दोलत भावसार मुक्त वक्ता के रूप  में उपस्थित रहे। जिला मंहामंत्री प्रवीण सुराणा, प्रभारी मेजिया कटारा के अलरावा बहादूर हटिला, धन्ना डामोर, धुलु गणावा कानजी  सरंपच, जुवानसिंह गुण्डिया, दुबेसिंह डामोर, बलवंत मेडा, मांगीलाल भूरिया, रेसिंह डामोर, तोलू डिंडोर, कमलेश डामोर सहित बडी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे । मुख्य वक्ता दौलत भावसार ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल ने भारत की सनातन विचारधारा को युवानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद जैसी प्रगतिशील विचारधारा प्रदान की। दीनदयाल बेहद ही सरल, सौम्य स्वभाव के व्यक्ति थे। हम सभी को पंडित जी के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति के अलावा साहित्य में भी उनकी गहरी रुचि थी। उनके हिंदी और अंग्रेजी के लेख विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते थे। तीन वर्ष की आयु में ही पंडित दीनदयाल पिता के प्यार से वंचित हो गए थे। पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने अपना साहस नहीं खोया और जीवन में मेहनत कर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। वहीं इस अवसर पर गंेदालाल बामनका ने पंडित दीनदयाल को विलक्षण बुद्धिा, सरल व्यक्तित्व, भारतीय राजनीति का क्षितिज बताया। उन्होने  कहा कि  पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितम्‍बर साल 1916 में मथुरा जिले के छोटे से गाँव नगला चन्द्रभान में हुआ था. इनके पिता का नाम भगवती प्रसाद उपाध्याय और माता का नाम रामप्यारी था. इनके पिता रेलवे में कार्यरत थे. केवल 3 साल की मासूम उम्र में दीनदयाल पिता के प्यार से वंचित हो गये. पति की मृत्यु से माँ रामप्यारी भी बीमार रहने लगीं और  8 अगस्‍त 1924 को इनका भी देहान्‍त हो गया. केवल सात वर्ष की कोमल अ‍वस्‍था में दीनदयाल जी माता पिता के प्यार से वंचित हो गये.। पंडित उपाध्याय ने पिलानी, आगरा और प्रयाग में शिक्षा प्राप्त की. उन्होंने बीएससी और बीटी करने के बाद भी नौकरी नहीं की. बचपन से ही वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय कार्यकर्ता हो गये थे. यही वजह रही की कालेज छोड़ने के तुरन्त बाद वो आरएसएस के प्रचारक बन गये। वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना के बाद वो इसके संगठन मन्त्री बनाये गये. दो साल बाद साल 1953 में पंडित उपाध्याय अखिल भारतीय जनसंघ के महामन्त्री निर्वाचित हुए. 11 फरवरी 1968 की रात में रेलयात्रा के दौरान मुगलसराय के आसपास उनकी हत्या कर दी गई । इस अवसर पर जिला महांमत्री प्रवीण सुराणा ने भी अपने संबोधन मे कहा कि पण्डित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिन्तक और संगठनकर्ता थे। वे ख्भारतीय जनसंघ, के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने भारत, की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद जैसी प्रगतिशील विचारधारा दी। उपाध्यायजी नितान्त सरल और सौम्य स्वभाव के व्यक्ति थे। राजनीति के अतिरिक्त साहित्य में भी उनकी गहरी अभिरुचि थी। उनके हिंदी और अंग्रेजी के लेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते थे। केवल एक बैठक में ही उन्होंने चन्द्रगुप्त नाटक लिख डाला था।वे एकात्म मानवदावाद क ेजनक के रूप  में जाने जाते है । गा्रमीण मंडल के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने समर्पण दिवस पर धनराशि का संग्रहण भी किया तथा सभी ने पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के पद चिन्हो पर चलने का संकल्प लिया । कार्यक्रम का संचालन हरू भूरिया मंडल अध्यक्ष ने किया तथा आभार मांगीलाल भूरिया ने व्यक्त किया ।

बैंक से संबंद्ध आ.जा.सेवा सह. संस्था सौरवा एवं चांदपुर
उत्कृष्ठता एवं श्रेष्ठता-2018 हेतु राज्य स्तर से राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा प्रथम एवं द्वितीय पुरस्कार से पुरस्कृत
झाबुआ। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के क्षैत्रीय पुरस्कार उत्कृष्ठता एवं श्रेष्ठता-2018 के मापदण्डो के अनुसार जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित झाबुआ से संबंद्ध आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था मर्या. सौरवा (जिला- अलीराजपुर) को उत्कृष्ठता हेतु प्रथम पुरस्कार रू. 25000/- एवं चांदपुर (जिला- अलीराजपुर) को श्रेष्ठता हेतु द्वितीय पुरस्कार रू. 20000/- व प्रमाण पत्र से पुरस्कृत किया जायेगा ।   उक्त परिप्रेक्ष्य मे माननीय मंत्री, डाॅ.गोवन्दसिंह सहकारिता, संसदीय कार्य एवं सामान्य प्रषासन विभाग म.प्र. द्वारा उक्त संस्था के अध्यक्ष एवं सचिव को दिनांक 15.02.2019 को अपैक्स बैंक भवन, छठवीं मंजिल टी.टी.नगर भोपाल में पुरस्कृत किया जायेगा । उक्त उपलब्धि पर बैंक के अध्यक्ष श्री गौरसिंह वसुनिया एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पी.एन.यादव द्वारा हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की है ।

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