भदोही : जीवन का मकसद महिलाओं को सशक्त बनाना: शिल्पी सिंह - Live Aaryaavart

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सोमवार, 11 फ़रवरी 2019

भदोही : जीवन का मकसद महिलाओं को सशक्त बनाना: शिल्पी सिंह

महिलाओं को मिलेगी निशुल्क सिलाई, कढ़ाई, पेंटिंग का प्रशिक्षण कक्षा पांच तक के बच्चों को कोचिंग के रूप दी जायेगी निःशुल्क शिक्षा सुधा अमृतम वेलफेयर सोसाइटी लक्षापुर बाजार में प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन जिला पंचायत सदस्य सचिन तिवारी ने किया 
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भदोही (सुरेश गांधी) । महिलाएं कहीं भी पीछे नहीं हैं। वर्तमान समय में महिलाओं की मौजूदगी हर जगह है। फिर चाहे नगर पालिका, नगर परिषद, सामाजिक या राजनीतिक क्षेत्र हो। देश के विकास के लिए महिलाओं को सशक्त बनाने की जरूरत है। यह बातें सुधा अमृतम वेलफेयर सोसाइटी सोसायटी की सचिव शिल्पी सिंह ने कही। मौका था भदोही के चैरी क्षेत्र के लक्षापुर बाजार में सोसायटी की ओर से एक और केन्द्र की उद्घाटन का। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य सचिन तिवारी। शिल्पी सिंह ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सोसाइटी अब ग्रामीण अंचलों में भी निशुल्क सिलाई कढ़ाई और पेंटिंग का प्रशिक्षण देगी। इसकी शुरुवात लक्षापुर से हो चुकी है। इसमें लड़कियों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। सोसाइटी का मूल उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है, ताकि देश भी सशक्त बने। कोई भी प्रशिक्षण केंद्र शुल्क लेकर महिलाओं को सशक्त नहीं बना सकता। इसलिये सोसायटी निशुल्क सिलाई, कढ़ाई, पेंटिंग का प्रशिक्षण देगी और कक्षा पांच तक के बच्चों को कोचिंग के रूप में निःशुल्क शिक्षा भी देगी। 

शिल्पी सिंह ने कहा कि समाज सेवा में तो उनकी दिलचस्पी शुरू से ही थी, लेकिन बीते वर्षो में उनका रुझान महिलाओं को सशक्त बनाने में लगा है। अधिकारों के प्रति जागरूक करना, सरकारी योजनाओं से जोड़ना, सिलाई कढ़ाई व कंप्यूटर क्षेत्र में प्रशिक्षित कर महिलाओं व युवतियों को अपने पैरों पर खड़ा करना शिल्पी सिंह के जीवन का मकसद बन गया है। सोसाइटी के जरिये दूरदराज की महिलाओं तक वे पहुंच रही है। हर महीने वह महिलाओं की बैठक बुला परेशानियां सुनती हैं। इन दिनों गांवों में महिलाओं को जागरूक करने के लिए शिविर लगाने में वह व्यस्त हैं। उहोंने कहा कि जिस दिन महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो जाएगी, वह ताकतवर हो जाएंगी। क्योंकि जब बेटी पढ़ेगी तभी तो आगे बढ़ेगी। हमारा फोकस होगा कि हर लड़की को बेहतर शिक्षा प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि महिलाओं व बालिकाओं के प्रति भेदभाव की मानसिकता को दूर करने के लिए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना जरूरी है। इसके लिए महिलाओं हेतु विशेष कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करने होंगे। प्रधानमंत्री ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के माध्यम से एक सामाजिक क्रांति प्रारम्भ की है। कोई भी समाज महिलाओं की प्रगति के बिना पनप नहीं सकता है। इस ऐतिहासिक तथ्य को जानते हुए भी समाज के बहुत से लोगों में बेटियों के प्रति भेदभाव की मानसिकता है। 

शिल्पी सिंह ने कहा कि जो बात हमारे अंतर्मन से आनी चाहिए, उसे कानून के माध्यम से करना पड़ रहा है। कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए कुछ वर्ष पूर्व पीएनडीटी एक्ट लागू किया गया था। इसमें बहुत सख्त प्राविधान किए गए थे। लेकिन, बहुत ही कम मामले ऐसे आए जिनमें लोगों द्वारा शिकायत की गई हो। महिलाओं के प्रति संकीर्ण मानसिकता एक सामाजिक समस्या है जिसका निदान कानून का सख्ती से पालन के साथ ही सामाजिक रूप से भी करना होगा। उन्होंने कहा कि जब भी मौका मिला, महिलाओं ने स्वयं को साबित किया है। महिलाओं व बालिकाओं में आत्मविश्वास लाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना होगा। इसमें बालिका शिक्षा सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसीलिए ‘बेटी बचाओ’ के साथ ‘बेटी पढ़ाओ’ का आह्वान भी किया गया है। शिल्पी सिंह ने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व संयुक्त राष्ट्र द्वारा एक सर्वे किया गया था जिसमें पाया गया कि सामाजिक सूचकों में ऐसे बहुत से देश भारत से आगे हैं जो कि आर्थिक रूप से पिछड़े हैं। वहां महिलाओं को सशक्त करने के विशेष प्रयास किए गए। प्रधानमंत्री जी ने कौशल विकास कार्यक्रम प्रारम्भ किया है। इसका लाभ महिलाओं को मिल सके, खासतौर पर महिलाओं के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जाने की आवश्यकता है। समाज में महिलाओं के प्रति अपराध को रोकने के लिए मानसिकता में परिवर्तन लाना होगा। इसके लिए घरों में ऐसा वातावरण बनाना होगा जिसमें लड़कों में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित हो। हर बेटे बेटी में समान सम्भावनाएं होती हैं। जरूरत है उचित अवसर व संसाधन उपलब्घ करवाने की। बेटियां बेटों से अधिक कामयाब हो रही है। बेटियों के प्रति सोच में बदलाव के लिए महिलाओं को ही आगे आना होगा। सोसाइटी माता-बहनों को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है, जिससे समाज में फैली कुरीतियां समाप्त हो जायें। क्योंकि समाज का विकास करना है, तो महिलाओं को सशक्त बनाना होगा। मुख्य अतिथि सचिन तिवारी ने कहा कि जब तक महिलाएं सशक्त नहीं होंगी देश आगे नहीं बढ़ेगा। संगठन के अध्यक्ष विवेक राठौर ने आभार जताते हुए केंद्र को बढ़ावा देने की अपील की। इस मौके पर योगाचार्य विजय श्रीवास्तव, डॉक्टर सुनीता सिह, प्रधान राकेश सिंह, सन्तोष यादव, मुकुल सिह, अवधेश सिह, अब्दुल, अनिल सिंह, केशव कुमार सिंह, विपुल कुमार सिंह, वीरेंद्र जी, अनिल सिंह, मनोज सिंह, महेंद्र सिंह आदि मौजूद थे। 

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