सुनते थे कि भूंकप आयेगा, पांच साल में नहीं आया : मोदी - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

बुधवार, 13 फ़रवरी 2019

सुनते थे कि भूंकप आयेगा, पांच साल में नहीं आया : मोदी

no-earth-quack-in-five-years-modi
नयी दिल्ली, 13 फरवरी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर चुटकी लेते हुए लोकसभा में कहा कि वह कभी सुनते थे कि ‘भूंकप’ आयेगा लेकिन पांच साल में कोई ‘भूंकप’ नहीं आया । उन्होंने राफेल विमान सौदे के संदर्भ में कहा कि सदन में हवाई जहाज भी उड़े लेकिन लोकतंत्र की ऊंचाई इतनी है कि कोई भी हवाई जहाज उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया । सोलहवीं लोकसभा के अंतिम सत्र के अंतिम दिन अपने धन्यवाद भाषण में मोदी ने राहुल गांधी का नाम लिये बिना कहा, ‘‘ हम कभी सदन में सुनते थे कि भूकंप आएगा, लेकिन पांच साल का कार्यकाल अब पूरा हो रहा है और कोई भूकंप नहीं आया।’’ उन्होंने कहा कि कभी यहां हवाई जहाज उड़े। बड़े बड़े लोगों ने हवाई जहाज उड़ाए। लेकिन पर लोकतंत्र और लोकसभा की मर्यादा इतनी ऊंची है कि भूकंप को भी पचा गया और कोई भी हवाई जहाज उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया । प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के ‘भूंकप’ संबंधी बयान और अविश्वास प्रस्ताव के दौरान निचले सदन में कागज का हवाई जहाज उड़ाये जाने के परोक्ष संदर्भ में था । कांग्रेस अध्यक्ष पर परोक्ष तंज कसते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ मैं जब पहली बार यहां आया तो मुझे पता चला कि गले मिलना और गले पड़ना क्या होता है।’’ उन्होंने कहा कि सदन ने ‘‘आंखों की गुस्ताखियां भी पहली बार देखी ।’’ उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष गांधी ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अपनी बात रखने के दौरान प्रधानमंत्री के पास जाकर उन्हें गले लगाया था । बाद में राहुल को अपने एक पार्टी सदस्य को आंख झपकाते हुए देखा गया।

मोदी ने कहा कि सदन को अट्टहास भी सुनने को मिले। उन्होंने तेदेपा सांसद शिवप्रसाद द्वारा सदन में विरोध प्रदर्शन करने के लिये अलग अलग वेशभूषा धारण करने के विषय को उठाया । प्रधानमंत्री ने सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे का जिक्र करते हुए कहा कि उनके :खडगे: विचार मेरी चेतना को जगाते रहे और मेरे भाषण का खाद पानी यहीं से मिलता था । उन्होंने कहा कि खडगेजी सदन में लम्बे समय तक बैठे जैसे (भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण) आडवाणजी बैठा करते थे । जन प्रतिनिधि के नाते उनका अभिनंदन है। मोदी ने कहा कि 16वीं लोकसभा सबसे अधिक महिला सांसदों के लिए जानी जाएगी, जिनमें 44 महिला सांसद पहली बार चुनकर आई थीं । उन्होंने कहा कि इस लोकसभा की न केवल अध्यक्ष बल्कि महासचिव भी महिला हैं। मोदी ने कहा कि कि हमारे कार्यकाल में देश विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। इसके लिए यहां बैठे सभी सदस्य बधाई के पात्र है, क्योंकि नीति-निर्धारण का काम यहीं हुआ है: प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान लोकसभा के कार्यकाल में भारत छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना और 5000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक परिदृश्य में भारत का जो उच्च स्थान बना है। उसके लिए 2014 में, 30 साल बाद बनी पूर्ण बहुमत वाली सरकार जिम्मेदार है । मोदी ने कहा कि इस सदन के सदस्य जब जनता के बीच जाएंगे, तो वे गर्व से इन पांच वर्षों में सदन द्वारा काले धन और भ्रष्टाचार के विरुद्ध बनाए गए कानूनों के विषय में बता सकते हैं । उन्होंने कहा कि इस सदन के सदस्यों ने 1,400 से अधिक निष्क्रिय कानूनों को समाप्त करने का भी काम किया है । मोदी ने कहा कि पहली बार इस सदन के सदस्यों ने अपना वेतन न बढ़ाकर, देश के सामने एक उदाहरण पेश किया है।  सोलहवीं लोकसभा के अंतिम सत्र के अन्तिम दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सदन में नहीं दिखे। हालांकि संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी सदन में मौजूद थीं।

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...