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शुक्रवार, 22 मार्च 2019

बिहार : नीतीश सरकार के शराबबंदी का कानून के रक्षक ने खुद धज्जियाँ उड़ा दी कानून की

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अरुण कुमार (आर्यावर्त) सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आलोक में।राजधानी पटना में एक बार फिर से खाकी वर्दी  दागदर  हुआ है।बिहार सरकार जहां पूर्ण शराबबंदी पर ज़ोर लगाई हुई है।वहीं कानून के रक्षक शराबियों को पकड़ने के बजाए खुद शराब पीने के ताक में लगे  रहते हैं।एक बार फिर बिहार में पूर्ण शराब बंदी कानून का मजाक उड़ाया गया है।होली की रात सब इंस्पेक्टर साहब शराब पी कर ड्यूटी कर रहे थे।ये मामला राजधानी के कदमकुआं थाना का है।शराब पीने वाले सब इंस्पेक्टर का नाम कृष्णा राय बताया गया है।देर रात करीब डेढ़ बजे के बाद ये मामला प्रकाश में आया।जिसके बाद पटना पुलिस के अधिकारी हरकत में आ गए।मामले की जानकारी मिलते ही सिटी एसपी सेंट्रल पीके दास,डीएसपी टाउन और कदमकुआं के थानेदार मौके पर पहुंचे।इसके बाद वरीय अधिकारी तत्काल हरकत में आये और दारोगा कृष्णा राय का मेडिकल कराया गया।मेेडिकल रिपोर्ट पॉजिटिव आने केे बाद उन्हें उत्पाद अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।वहीं पटना एसएसपी ने उन्हें  निलंबित कर दिया है।हालांकि खबर यह भी है कि शराबी दारोगा को पुलिस द्वारा बचाने की कोशिश की जा रही है। कोशिश हो भी क्यों नहीं,बिरादरी वाले जो ठहरे।उनके उपर जो धाराएं लगाई गई है वह बहुत ही कमजोर है।  और ये कमजोर धाराएं जानबूझकर ही लगाए गए हैं कि उन्हें जल्द ही बेल भी मिल जाए और नौकरी पर भी कोई आंच न आए।आम पब्लिक की तो बात ही क्या यहाँ तो खुद कानून के रखवाले ही कानून की धज्जियाँ उड़ाने पर तुले हुए हैं।अब नीतीश सरकार को इस पर गहन अध्ययन,चिन्तन करते हुए शराबबंदी को खत्म कर दें।शराब जब प्रतिबन्धित नहीं था तो जो होता था जग जाहिर है,और अब जबकि शराब बिल्कुल प्रतिबन्धित है तब का नजारा नजरों के सामने है ही।इसलिये बेहतरी इसी में है कि शराब पर लगाया गया प्रतिबन्ध खारिज किया जाय।नहीं तो आज के सरकार द्वारा शराबबंदी को कल के सरकार द्वारा तोड़ने की पूर्ण संभावना बनती दिख रही है।

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