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बुधवार, 20 मार्च 2019

वंशवाद से सर्वाधिक नुकसान देश की संस्थाओं को : मोदी

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नयी दिल्ली 20 मार्च, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वंशवाद की राजनीति पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि इससे सबसे अधिक नुकसान देश की संस्थाओं को हुआ हैं।  श्री मोदी ने एक ब्लॉग लिखकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और कहा कि वंशवाद को बढ़ावा देने वाली पार्टियां कभी भी स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता के साथ सहज नहीं रही हैं। कोई आश्चर्य नहीं कि कांग्रेस सरकार द्वारा लाया गया सबसे पहला संवैधानिक संशोधन ‘फ्री स्पीच’ पर रोक लगाने के लिए ही था। फ्री प्रेस की पहचान यही है कि वो सत्ता को सच का आईना दिखाये, लेकिन उसे अश्लील और असभ्य की पहचान देने की कोशिश की गई। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग)सरकार के हालिया शासनकाल में भी ऐसा ही देखने को मिला, जब सरकार एक ऐसा कानून लेकर आयी जिसके मुताबिक अगर आपने कुछ भी 'अपमानजनक' पोस्ट कर दिया तो आपको जेल में डाल दिया जाएगा। संप्रग के ताकतवर मंत्रियों के बेटे के खिलाफ एक ट्वीट भी निर्दोष आदमी को जेल में डाल सकता था। कुछ दिनों पहले ही देश ने उस डर के साये को भी देखा, जब कुछ युवाओं को कर्नाटक में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी भावनाएं व्यक्त करने की वजह से गिरफ्तार कर लिया गया, जहां कांग्रेस सत्ता में है। श्री मोदी ने लिखा, “मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि किसी भी तरह की धमकी से जमीनी हकीकत नहीं बदलने वाली है। अगर वे जबरदस्ती अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को रोकने का प्रयास करेंगे, तब भी कांग्रेस को लेकर लोगों की धारणा नहीं बदलेगी।” प्रधानमंत्री ने लिखा कि 2014 में देशवासी इस बात से बेहद दुखी थे कि हम सबका प्यारा भारत आखिर फ्रेजाइल फाइव देशों में क्यों है? क्यों किसी सकारात्मक खबर की जगह सिर्फ भ्रष्टाचार, चहेतों को गलत फायदा पहुंचाने और भाई-भतीजावाद जैसी खबरें ही हेडलाइन बनती थीं। तब आम चुनाव में देशवासियों ने भ्रष्टाचार में डूबी उस सरकार से मुक्ति पाने और एक बेहतर भविष्य के लिए मतदान किया था, वर्ष 2014 का जनादेश ऐतिहासिक था। भारत के इतिहास में पहली बार किसी गैर वंशवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला था। उन्होंने लिखा कि जब कोई सरकार ‘फैमिली फर्स्ट’ की बजाए ‘इंडिया फर्स्ट’ की भावना के साथ चलती है तो यह उसके काम में भी दिखाई देता है। यह मौजूदा सरकार की नीतियों और कामकाज का ही असर है कि बीते पांच वर्षों में, भारत दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। श्री मोदी के सेना का उल्लेख करते हुए लिखा कि कांग्रेस हमेशा से रक्षा क्षेत्र को कमाई के एक स्रोत के रूप में देखती आई है। यही कारण है कि देश के सशस्त्र बलों को कभी भी कांग्रेस से वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। आजादी के बाद से ही, कांग्रेस की हर सरकार में तरह-तरह के रक्षा घोटाले होते रहे। घोटालों की इनकी शुरुआत जीप से हुई थी, जो तोप, पनडुब्बी और हेलिकॉप्टर तक पहुंच गई। इनमें हर बिचौलिया एक खास परिवार से जुड़ा रहा है। उन्होंने लिखा, “याद कीजिए, कांग्रेस के एक बड़े नेता ने जब सेना प्रमुख को गुंडा कहा तो उसके बाद पार्टी में उसका कद बढ़ा दिया गया। इससे पता चलता है कि अपनी सेना के प्रति भी वे कैसा तिरस्कार का भाव रखते हैं। जब हमारी सेना आतंकियों और उसके सरपरस्तों के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो कांग्रेस के नेता राजनीतिक नेतृत्व पर ‘खून की दलाली’ का आरोप लगाते हैं। जब हमारी वायुसेना के जांबाज आतंकियों पर हमला करते हैं, तो कांग्रेस उनके दावे पर सवाल उठाती है।”

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