झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 07 मार्च - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 7 मार्च 2019

झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 07 मार्च

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेटलावद विधायक श्री वाल  मेडा का किया स्वागत’

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पिटोल । तार खेड़ी विश्व मंगल हनुमान धाम से पावागढ़ तक पैदल यात्रा पर निकले पेटलावद क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक वाल सिंह मेड़ा का पीटोल के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल मांदल और फूलों से आत्मीय स्वागत किया श्री वाल सिंह मेड़ा ने मीडिया को बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने विश्व मंगल धाम तारखेड़ी में मन्नत मांगी थी कि अपनी पार्टी से विधायक बन जाऊं और मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन जाए और किसानों का कर्जा माफ हो जाए इसी उद्देश्य को लेकर मन्नत मांगी थी और मैं आज तारखेड़ी से मां काली पावागढ़ धाम तक पदयात्रा करूंगा उसी तारतम्य में यह पैदल यात्रा अपने साथियों के साथ पावागढ़ गुजरात तक जाएगी आपका पिटोल पहुंचने पर पिटोल सरपंच काना गुन्डीया ठाकुर निर्भय सिंह सुरेश बड़दवाल माना गुन्डीया खूना गुंडिया जनपद सदस्य पेमा भाबोर आदि सैकड़ों कार्यकर्ता स्वागत किया एवं उन्हें स्थानीय हनुमान टेकरी पर जलपान कराया इसके पश्चात उनका काफिला आगे गुजरात की ओर निकल गया ।

सीआरओ का उद्देष्य बच्चों को अच्छी षिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना -ः श्रीमती निर्मला बुच, सीआरओ की कार्यषाला भोपाल में संपन्न

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झाबुआ। चाइल्ड राइट्स आॅब्जरवेटरी मप द्वारा षिक्षा के अधिकार कानून और नवजात षिषुओं के स्वास्थ्य पर केंद्रित रिपोर्ट साझा करने एवं हितधारकों के इन सर्वे के दौरान प्राप्त अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए भोपाल में कार्यषाला का आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेष में 17 जिला बाल अधिकार मंच (डीसीआरएफ) ने भी सहभागिता की एवं अपने अनुभव साझा किए। इस कार्यषाला में झाबुआ एवं आलीराजपुर जिले से भी प्रतिनिधि शामिल हुए। झाबुआ जिले से बाल अधिकार मंच के जिला संयोजक रामप्रसाद वर्मा एवं उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता कैलाष भाबोर ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में सीआरओ की संयुक्त सचिव सुश्री रष्मि सारस्वत ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया एवं कार्यषाला का एजेंडा प्रस्तुत किया। बाद सीआरओ की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला बुच ने जानकारी दी कि इस कार्यषाला को पूर्व में किया जाना था, पर विधानसभा चुनाव के कारण और प्रमुख अधिकारियों की व्यस्तता के चलते कार्यषाला का देरी से आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य और षिक्षा से जुड़े अधिकारियों की उपस्थिति जरूरी थी, ताकि पैरवी की जा सके। श्रीमती निर्मला बुच ने बताया कि षिक्षा के अधिकार कानून के अंतर्गत स्कूलों की अधोसरंचना, आरटीई मापदंडों के अनुरूप स्कूलों में षिक्षकों की उपलब्धता और षिक्षकों को गैर षिक्षकीय कार्य में संलिप्तता, स्वास्थ्य संबंधित सर्वेक्षण में स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेष के जिला चिकित्सालय में स्थापित की गई नवजात षिषुओं की देखभाल के लिए बनाई इकाईयों का सीआरओ के सहयोगी जिला संस्थाओं ने सर्वे किया है, जिसमें कई चैकाने वाले तथ्य सामने आए है। सीआरओ का उद्देष्य है कि बच्चों को अच्छी षिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सके। वह अपने अधिकार और कर्तव्य के बारे में जागरूक हो सके।

शाला त्यागी बच्चों को स्कूलों से जोड़ने का करना होगा कार्य
यूनिसेफ के संचार विषेषज्ञ अनिल गुलाटी ने कहा कि इन सर्वेक्षणों से प्राप्त मुद्दों और उपलब्धियों को लेकर जो आॅकड़े मिले है, वे बाल अधिकारों की पैरवी के लिए अति महत्वपूर्ण है और इनके आधार पर विभिन्न स्तरों पर पैरवी की जाना चाहिए। यूनिसेफ के षिक्षा विषेषज्ञ एफए जानी ने कहा कि शाला त्यागी बच्चों की परिभाषा भी यह दिखाती है कि तीन माह के समय से जो बच्चें शाला नहीं आ रहे है, वे शाला त्यागी माने जाते है, उनसे संपर्क कर कारण जानना होगा कि वे स्कूलों में क्यो नहीं जा रहे है एवं उन्हें स्कूल से जोड़ने का कार्य करना होगा। कार्यषाला में डाॅ. वंदना भाटिया, राज्य षिक्षा केंद्र की संचालिका श्रीमती आईरीन सिंधिया जेपी ने भी अपने विचार रखे।

आदिवासी बाहुल जिले की स्थिति से करवाया अवगत
कार्यषाला में आदिवासी बाहुल झाबुआ जिले की स्थिति जिला बाल अधिकार के संयोजक रामप्रसाद वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारी संस्था द्वारा भी पूरे जिले में शाला त्यागी बच्चों के साथ शाला में पदस्थ षिक्षकों से गैर षिक्षकीय कार्य करवाने एवं जिला चिकित्सालय झाबुआ में स्थापित नवजात गहन इकाई का अवलोकन करने पर पता कि इस जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों बच्चें वर्तमान में षिक्षा से वंचित है। इसका कारण ऐसे बच्चों का या तो कूड़ा-कचरा बीनकर अपने परिवार का पालन-पोषण करना या फिर मजदूरी के लिए अपने परिवारजनों के साथ गुजरात एवं राजस्थान के शहरों में पलायन कर जाना है। वहीं इस जिले में जिला प्रषासन द्वारा शासकीय स्कूलों के षिक्षकों से गैर षिक्षिकीय भी समय-समय पर जिसमें मुख्य रूप से चुनावों में ड्यूटी लगाना एवं अन्य तरह-तरह के कार्य करवाएं जाते है।

स्टाॅफ की कमी मुख्य कारण
श्री वर्मा ने आगे बताया कि जिला चिकित्सालय झाबुआ के गहन चिकित्सा इकाई कक्ष में स्टाॅफ की कमी देखी गई वहीं यहां पिछले कुछ महीने पूर्व बच्चों के बदलने का मामला भी सामने आया था, जिसको लेकर काफी हंगामा हुआ था। इस संबंध में जिला बाल अधिकार मंच ने जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से भी चर्चा कर अवगत करवाया है। कार्यषाला का संचालन सीआरओ के अनुराग त्रिपाठी ने किया एवं आभार प्रदेष कोर्डिनेटर भगवानदास वर्मा ने माना। 

राख बुधवार से........ प्रारंभ हुआ चालीसे का पूण्यकाल

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झाबुआ। राख बुध, ईश्वर की ओर लौटने का एक और दिया गया समय है और इस सांसारिक जीवन को ईश्वर का वरदान मानकर इसे एक दुसरे के साथ बाँटने का अवसर है। इस दिन पूरोहित सभी के माथे पर राख मलते है और यह याद दिलाते है कि हम मिटटी है और मिटटी में मिल जाएंगे। यानी हर किसी को एक दिन ईश्वर के अंश में मिला जाना है। आदि वचनों के साथ आज झाबुआ डायोसिस के गिरजाघरों में चालीसें का पूण्य काल राख बुधवार से प्रारंभ हुआ। स्थानीय कैथोलिक महागिरजा घर में सुबह फादर इंम्बानाथन और फादर जाॅनसन और शाम को फादर प्रताप बारिया,  फादर माईकल,  फादर राॅकी शाह, ने राख बुधवार की पवित्र विधियां पूर्ण कर पवित्र मिस्सा अर्पित की। इस पवित्र मिस्सा में भाग लेने के लिए बडी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। अपने उदबोधन में फादर प्रताप बारिया ने कहा कि ये 40 दिन का उपवास राख बुधवार से शुरू होकर गुड फ्राईडे पर समाप्त होगा। इस समयावधि में समाजजन अपने धार्मिक और आत्मिय क्रियाकलापों के साथ आत्मशुद्धी और चरित्र सुधार करने का प्रयास करें और अपनी बुरी आदतों को पीछे छोडकर, नये बदलाव के साथ अपनी गलतियों के लिए प्रभु येसु से क्षमा मांगे। येशु के बताए मार्ग को अपनाते हुए जिस तरह बाईबिल में येसु ने कहा है कि अपने पडोसियों को अपने समान प्यार करों। मानवीय प्रेम हमें ईश्वरीय प्रेम से जोडकर रखता है। डायोसिस पीआरओ फादर राॅकी शाह ने बताया कैथोलिक चर्च के केलेंडर के अनुसार आज से चालीसे का पूण्य समय राख बुधवार से शुरू हो गया हैं। आज विश्व भर की सभी गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना एवं मिस्सा अर्पित किए जा रहे है। राख बुधवार का यह विशेष दिन इस बात के लिए विशेष है, जली हुई राख आज के दिन सभी कैथोलिक ईसाइ भाई बहनों के माथे पर कु्रस के चिन्ह के रूप में अंकित की जाती है। यह राख इस बात को दर्शाती हैं कि हम सभी मनुष्य मिटटी से बने है और एक दिन मिटटी में मिल जायेगें। मनुष्य अपने जीवन काल में बहुत सारी उपलब्धियां अर्जित करता है और कभी कभी उन उपलब्धियों के कारण वह यह भूल जाता हैं कि यह सब क्षणभंगुर है। हम सभी खाली हाथ आयें हैं और खाली हाथ ही हमें लौटना है। सभी गिरजाघरों में आज से विशेष पूजन विधि अगले 40 दिनों तक चलेगी। जिसे चालिसे काल की पूजन विधि कहते है। इन पूजन विधियों में विशेष प्रार्थनाओं और खास तौर पर चूने गए बाईबिल से पाठो का वाचन किया जा है। इन 40 दिनों तक विशेष मनन चिंतन किया जाएगा। उक्त जानकारी समाज के निकलेश डामोर ने दी।

साधको के ज्योति पूंज थे आचार्यं उमेष मुनिजी मसा.
आचार्य श्री उमेषमुनिजी की 87 वीं जन्म जयंति तप-त्याग से मनाई गई
325 से अधिक सामुहिक एकाषने की हुई तपस्या- श्री संध की ओर से गुरू गुणानुवाद सभा का हुआ आयोजन
झाबुआ । जिन शासन गौरव आत्मार्थी संत शिरोमणी आचार्य भंगवंत श्री उमेशमुनिजी मसा. की 87 वीें जन्म जयंन्ति दिवस जप-तप-त्याग और आराधना कर मनाया गया । इस अवसर पर उपवास, आयंबिल सहित 325 से अधिक तपस्वियों ने एकाशने का तप किया । श्री वर्धमान स्थानकवासी श्री संघ की ओर से श्री महावीर भवन पर गुणानुवाद सभा एवं सामुहिक सामयिक एवं जाप का आयोजन किया गया । जिसमे सकल जै न श्वेतांबर श्री संघ के गुरूभक्तों ने भाग लिया । श्री संघ के अध्यक्ष प्रदीप रूनवाल ने बताया कि प्रातः 8 बजे से श्री महावीर भवन पर सामुहिक नमस्कार महामंत्र के जाप के साथ 3-3 सामयिक में बडी संख्या में समाजजन ने भाग लिया । तत्पश्चात श्री संघ की ओर से आयोजित गुरू गुणानुवाद सभा का आयोजन हुआ श्री मूर्तिपूजक श्री संघ के वरिष्ठ श्रावक धर्मचंद मेहता ने कहा कि साधकों के लिये ज्योति पूंज आचार्य श्री उमेशमुनिजी ने  जीवन पर्यन्त मानव जीवन तथा मौक्ष की महत्ता व सार्थकता को बतलाते रहे । आप जैन से  परे जनज न की आस्था के केन्द्र बन गये थे । श्री संघ अध्यक्ष प्रदीन रूनवाल ने कहा कि पूज्य गुरूदेव की उत्कृष्ठ साधनामय जीवन, उनकी सरलता साहित्य के बारे में बताते हुए उनके सानिध्यता को सभी के लिये अनमोल अवसर बताया । श्री मूर्तिपूजक श्री संघ अध्यक्ष संजय मेहता ने कहा कि पूज्य गुरूदव इस युग के युगप्रधान आचार्य थे जिन्होने जीवन पर्यन्त - प्रत्येक आत्मा निर्दोष बने और कपट कषाय के मेल से मुक्त हो, इसके लिये आचार्यश्री ने न केवल अपना जीवन समर्पित कर दियरा अपितु उन्होने ’ मोक्ष पुरूषार्थ’ के नाम से 7 पुस्तकेा का एक ऐसा अभिन व दिव्य संसार रचा जो सदियों तक भौतिकता  की निरर्थकता  को हर युगे मे स्थापित करता रहेगा ।  तेरापंथ सभा अध्यक्ष पंकज कोठारी ने गुरूदेव को साधना शिखर का सुमेरू बताया एवं उनके बताये मार्ग पर चलने का आव्हान किया । राहूल कटकानी, श्रीमतजी नीधि रूनवाल, निधिता रूनवाल, शीतल कटकानी, सोना कटकानी, रचिता कटारिया, सोनल कटकानी, बसंतीबेन जैन ने सुंदर स्तवन की प्रस्तुति दी ।

325 एकासने हुए
गुरू भक्तों के जाप वएवं गुणानुवाद के पश्चात श्री संघ की ओर सामुहिक एकासनेका अयोजन श्री जेन धर्मशाला बावन जिनालय पर किया गया । एकाशने करवाने का लाभ महीपाल नरेन्द्रसिंह रूनवाल परिवारने लिया । 325 से अधिक तपस्वियों ने एकासने का तप किया। इस अवसर पर श्री संघ के वरिष्ठ सुजानमल कटकानी, भरत बाबेल, मत्री कनकमल कटकानी, अभय रूनवाल, प्रवीण रूनवाल, मयंक रूनवाल, पराग रूनवाल,संजय मुणत, मनोज जैन, रिंकू रूनवाल आदि उपस्थित थे ।

अभा मातृ शक्ति सम्मान समारोह को लेकर उप-समितियों को सौंपी जवाबदारियां, आयोजन समिति की महत्वपूर्ण बैठक में अंतिम रूप से बनाई गई रूपरेखा

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झाबुआ। अखिल भारतीय मातृ शक्ति सम्मान समारोह का आयोजन झाबुआ के पैलेस गार्डन पर 10 मार्च को होगा। इस भव्य आयोजन के संबंध में आयोजन समिति की महत्वपूर्ण बैठक गत 5 मार्च, मंगलवार देर शाम  6.30 बजे से स्थानीय रोटरी सदन हाॅल में हुई। जिसमें सम्मान समारोह की अंतिम रूपरेखा बनाकर उप-समितियों को दायित्व सौंपे गए। उक्त बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की आयोजन समिति के मार्गदर्षक यषवंत भंडारी उपस्थित थे। अध्यक्षता आयोजन समिति की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना राठौर एवं सचिव सुश्री रूक्मणी वर्मा ने की। इस अवसर पर समिति मार्गदर्षक यषवंत भंडारी ने बताया कि आयोजन की संपूर्ण तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। आमंत्रण-पत्रिकाओं के वितरण का कार्य जारी है। यह आयोजन तीन सत्रों में होगा। इसके मुख्य आयोजक राष्ट्रीय षिक्षक संचेतना होकर रोटरी क्लब ‘मेन’ झाबुआ एवं जिला आजाद साहित्य परिषद् के तत्वावधान में किया जाएगा। सहयोगी संस्थाएं इन्हरव्हील क्लब ‘मेन’, राजपूत महिला क्लब, आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट, गायत्री परिवार एवं परहित जन सेवा संस्था रहेगी। समारोह में 60 से अधिक महिलाओं को अलंकृत करने के साथ विषेष सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

सभी महिलाएं एकजुट होकर करे कार्य
समिति के मार्गदर्षक श्री भंडारी ने उपस्थित आयोजन समिति की सभी महिला पदाधिकारी एवं उप समितियों से कहा कि आप सभी मिलकर कार्य करे एवं इस आयोजन को अपने नाम अनुसार राष्ट्रीय स्तर का बनाकर पूरा आयोजन गरिमामय पूर्ण से संपन्न होंगे। सम्मान समारोह में झाबुआ की ख्याति प्राप्त महिलाओं में गायत्री शक्तिपीठ काॅलेज मार्ग झाबुआ की श्रीमती नलिनी बैरागी, प्रजापिता ब्रम्हकुमारी ईष्वरीय विष्व विद्यालय की प्रमुख बीके जयंती दीदी, डाॅ. किर्तीदा व्यास एवं पीजी काॅलेज झाबुआ की वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. गीता दुबे तथा प्रसिद्ध आदिवासी गायक एवं कलाकार श्रीमती अन्नू भाबोर को उत्कृष्ट सेवा अलंकरण से नवाजा जाएगा। वहीं रोटरी क्लब की वरिष्ठ रोटेरियन श्रीमती शारदा सिक्का एवं आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट की आजीवन अध्यक्ष श्रीमती वंदना व्यास, परहित जन सेवा संस्था की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना राठौर, इन्हरव्हील क्लब ‘मेन’ की सभी महिलाओं तथा राजपूत महिला क्लब की सभी महिलाओं को विषेष सेवा सम्मान-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। श्री भंडारी ने कहा कि इसके अलावा समारोह में हिस्सा लेने वाली प्रत्येक महिलाओं की गरिमामय उपस्थिति से ही यह आयोजन सफलता की ओर अग्रसर होगा।

कार्यभार दिया गया
बैठक में आयोजन समिति अध्यक्ष श्रीमती अर्चना राठौर एवं सचिव सुश्री रूक्मणी वर्मा ने पिछले दिनों जो विभिन्न उप समितियां, जिसमें भोजन व्यवस्था समिति, स्वागत समिति, कलष सज्जा समिति, मंच सज्जा एवं व्यवस्था समिति आदि कई उप समितियां बनाई थी, उनकी महिलाओं को इस अवसर प सौंपी गई जवाबदारी को पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने हेतु कहा। साथ ही बैठक में तय किया गया कि सभी आयोजन समिति एवं उप समिति की सभी महिलाएं एक जैसी ड्रेस कोड लाल रंग की वेषभूषा में रहेगी एवं सभी एक-दूसरे से समन्वय स्थापित कर कार्य करेंगी।

‘‘शब्द सुमन’’ का भी होगा विमोचन
अभा सम्मान समारोह के दूसरे सत्र में राष्ट्रीय संगोष्ठी के साथ राष्ट्रीय षिक्षक संचेतना अध्यक्ष डाॅ. प्रभु चैधरी की पुस्तिका ‘‘ज्ञान रागिनी’’ एवं यषवंत भंडारी ‘यष’ के तीसरे काव्य संग्रह ‘‘ना-जायज का दर्द’’ के विमोचन के साथ इस अवसर पर श्रीमती अर्चना राठौर के भी तीसरे काव्य संग्रह ‘‘शब्द सुमन’’ का भी विमोचन होगा। आयोजन स्थल पर मुख्य आयोजक संस्थाओं के बेनर मंच पर लगे होने के साथ सहयोगी संस्थाओं द्वारा भी अपने-अपने बेनर लगाए जाएंगे एवं पूरे आयोजनस्थल को आकर्षक रूप से सजाया जाएगा। सम्मान समारोह दोपहर 11 बजे से आरंभ होगा।

ये थी उपस्थित
यह बैठक करीब एक घंटे चली। अभा सम्मान समारोह की इस अंतिम एवं महत्वपूर्ण बैठक में राजपूत महिला क्लब से श्रीमती शोभा राठौर, साधना चैहान, कमला सोलंकी, अनिता पंवार, अनिता चैहान, इन्हरव्हील क्लब की संस्थापक श्रीमती ज्योति रांका, अध्यक्ष अंजु भंडारी, सचिव अर्चना सिसौदिया, कल्पना सकलेचा, आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट से सुषीला भट्ट, कुंता सोनी, लता पांडे, राष्ट्रीय षिक्षक संचेतना की जिला उपाध्यक्ष गरिमा आचार्य, गायत्री परिवार से हरिप्रिया निगम, सुलोचना चैहान, ज्योति सोनी एवं बालिका स्मृति चैहान आदि उपस्थित थी। अंत में आभार आयोजन समिति की सचिव सुश्री रूक्मणी वर्मा ने माना।

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