बिहार : इन पर नकेल कंसने की है जरूरी - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 28 मार्च 2019

बिहार : इन पर नकेल कंसने की है जरूरी

एक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ए.एन.एम. को समझाया कि सहायकों को रकम देकर वेतन निकासी कर लेने में ही भलाई हैअप्रैल फूल 1 अप्रैल से सहायक कम दबंग नजर आने लगेंगे सरकारी कर्मी‘एक सहायक ने कहा है कि सभी कोषागारों में रकम की मांग होती । वेतन में सेंधमारी करने से हमलोग बाज नहीं आते हैं। हम सरकारी सहायकों को केवल कार्य सेवा करने के बदले में मेवा चाहिए।‘
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मसौढ़ी,28 मार्च। जब स्वास्थ्य विभाग के द्वारा केन्द्रीयांश और राज्यांश  विमुक्त करने का विपत्र असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को मिला। तब से एक साल से अधिक दिनों से वेतन पाने को मोहताज ए.एन.एम. में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। उससे अधिक खुशी वेतन बनाने वाले सहायकों और दलाल किस्म वाले लोगों को हुई। हर तरह के हथकंडे अपनाने लगे। उनका कहना है कि अभी तक सिर्फ राज्यांश की ही राशि विमुक्त हुई। केन्द्रीयांश की राशि विमुक्त नहीं हुई है। केन्द्रीयांश लाने में खर्च लगेगा। इसी समय से ए.एन.एम. को ठगने लगे। जब किसी ने वाट्सऐप पर केन्द्रीयांश और राज्यांश  विमुक्त करने का विपत्र अपलाॅड कर दिया, तब ठगने की अन्य विधि अपना लिए। परिधान भत्ता, धुलाई भत्ता और मकान भत्ता के रसीद मांगने लगे। पेष है बिहार सरकार के सहायकों एवं दलालों की पौल खोलती रिपोर्ट। 

गर्दनीबाग में है असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी का कार्यालय। इस समय डाक्टर प्रमोद झा, पटना जिले के असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी हैं। इनके अधीन 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र है। 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के अधीन उप स्वास्थ्य केन्द्र और अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र भी शामिल है। इसमें प्रशिक्षित ए.एन.एम. कार्यशील हैं। इनको दो शीर्ष में विभक्त किया गया है। एक है 2210 और द्वितीय 2211 । शीर्ष 2210 में विभक्त ए.एन.एम. एवं अन्य को बिहार सरकार से वेतनादि मिलता है। इनको कुछ माह के अन्तराल पर वेतनादि मिलते ही रहता है। वहीं शीर्ष 2211 में विभक्त केवल ए.एन.एम. को केन्द्र और राज्य सरकार के द्वारा वेतनादि दिया जाता हैं। ये लोग परिवार कल्याण केन्द्र प्रायोजित योजनान्तर्गत आते हैं। इन लोगों को एक से लेकर डेढ़ साल का वेतनादि का भुगतान नहीं किया गया है। अब केन्द्रांश और राज्यांश की ओर से राशि विमुक्त कर दी गयी है।  बताते चले कि मुख्य व्यय शीर्ष 2211 परिवार कल्याण केन्द्र प्रायोजित योजनान्तर्गत शीर्ष 00 लघु शीर्ष 101 ग्रामीण परिवार कल्याण सेवाएं 0205 स्वास्थ्य तथा चिकित्सा षिक्षा में मानव संसाधन उपशीर्ष विपत्र कोड 20-2211001010205 के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए केन्द्रांश के तहत वेतन भत्ते एवं अन्य मद में प्राप्त आवंटन के आलोक में अतिरिक्त उपावंटन किया गया है। प्राप्त आवंटन है 353,423,506 रूपये मात्र। पूर्व में आवंटित राशि 115,595,00 रूपये मात्र। वर्तमान में उपावंटित राशि 237,828,506 रूपये मात्र है। शेष राशि 0 रूपये मात्र है। उसी तरह राज्यांश के तहत वेतन एवं अन्य मद में प्राप्त आवंटन के आलोक में अतिरिक्त उपावंटन किया गया है। कुल प्राप्त आवंटन 238,285,000 रूपये मात्र। पूर्व में आवंटित राशि 56,285,000 रूपये मात्र। वर्तमान में उपावंटित राशि 182,000,000 रूपये मात्र। शेष राशि 0 रूपये मात्र। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार केन्द्रीयांश में कुल योग मोकामा को 8161574, पंडारक को 3394347, बाढ़ को 7141108, बख्तियारपुर को 5008695, फतुहा को 7008695 , दनियावा को 1343296, सम्पतचक को 11245603, फुलवारीशरीफ को 15568431 , सदर प्रखंड को 23683527, दानापुर को 18409459, पुनपुन को 17518695, धनरूआ को 8433605 , मसौढ़ी को 29555786  , मनेर को 3347824, बिहटा को 70239086, विक्रम को 3991937, पालीगंज को 34467207, नौबतपुर को 6008695 , दुल्हिनबाजार को 7863493 , बेल्छी को 821195, अथमलगोला को 2308695 , घोसवरी को 1848848 और खुशरूपुर को 458710। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्यांष में कुल योग मोकामा को 2776195, पंडारक को 10420520, बाढ़ को 3629285 , बख्तियारपुर को  9934750, फतुहा को 8044750 , दनियावा को 277480, सम्पतचक को 11256658, फुलवारीशरीफ को 7256883, सदर प्रखंड को 10091487, दानापुर को 10571449 , पुनपुन को 2544750, धनरूआ को 15071487, मसौढ़ी को 12841217,मनेर को 8839901, बिहटा को 12778941, विक्रम को 8875166 , पालीगंज को 6545779, नौबतपुर को 13948364 , दुल्हिनबाजार को 7202443 , बेल्छी को 104450, अथमलगोला को  819750, घोसवरी को 4454771 और खुशरूपुर को 3722524।

बता दें कि शीर्ष 2211 के बिल बनाने वाले और दलाल किस्म के सहकर्मी ए.एन.एम. से कार्य सेवा शुल्क देने को बाध्य कर रहे हैं। कार्य सेवा शुल्क नहीं देने वाले ए.एन.एम.को धमकाया जा रहा है। एक अप्रैल से समयानुसार काम लिया जाएगा। कार्य पुस्तिका को रेड पेन से रंग दिया जाएगा। छुट्टी लेना मुश्किल हो जाएगा। परिधान भत्ता, धुलाई भत्ता और मकान भत्ता के रसीद मांगने लगे। इसके बाद वेतन निकासी पर एक से दो प्रतिशत सेवा शुल्क लगा दिए। वहीं किसी से 5 हजार रू. तो किसी को 10 हजार रू.अधिक वसूल रहे हैं। इस तरह की मांग पर स्वास्थ्य विभाग मौनधारण किए हुए है। अब यह प्रचारित किया जा रहा है कोषागार से नेतागण लोग चुनाव में खर्च करने के लिए मोटी राषि मांग कर रहे है। इसके कारण वसूली ए.एन.एम. के वेतन निकासी के समय किया जा रहा है। 

बता दें कि सरकारी सहायक और दलाल किस्म के लोग फरवरी माह का वेतन विमुक्त नहीं कर रहे हैं। किसी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में तीन साल का फरवरी माह का वेतन ही नहीं मिला है। इस तरह से सेंधमारी करने से ए.एन.एम. बेहाल हैं। पटना के असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी और 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा पदाधिकारी भी ए.एन.एम. के वेतन में सेंधमारी करने वालों से मुक्ति दिलवाने के पक्ष में नहीं है। ऐसा लगता है कि इन लोगों की भी मिलीभगत है। डाक्टर प्रमोद झा, सिविल सर्जन सह सदस्य सचिव जिला स्वास्थ्य समिति पटना के निर्गत आदेश से राज्यकर्मियों के वेतनमान बनाने व निकासी करने वाले सहकर्मी सेवा के बदले मेवा खाने के जुगाड़ में लग गए हैं। कम से कम पांच हजार रू.की मांग कर रहे हैं। ऐसे लोगों की शिनाख्त कर कार्यवाही करने की जरूरत है। वहीं अब समय आ गया है कि राज्यकर्मियों के वेतनादि सहायकों के दायरे से मुक्त कर दिया जाए। सरकारी योजनाओं में बिचैलियां का आगमन की तरह ही सहकर्मी दलाली करने लगे हैं। सरकारी योजना की तरह ही बिहार सरकार के सहायक भी दलाली करके सेवा के बदले में मेवा खाने पर उतारू हो गए हैं। वेतन विमुक्त करने के नाम पर मोटी राशि बटोरने का हथकंडा अपनाने लगे हैं।

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