बिहार में सूर्योपासना का महापर्व चैती छठ समाप्त - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शुक्रवार, 12 अप्रैल 2019

बिहार में सूर्योपासना का महापर्व चैती छठ समाप्त

chhathi-chhath-ends-in-bihar
पटना, 12 अप्रैल, बिहार में आज उदयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ हीं सूर्योपासना का महापर्व चैती छठ समाप्त हो गया । राजधानी पटना में आज गंगा नदी के अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में हजारों महिला और पुरूष व्रतधारियों ने उगते हुए सूर्य को नदियों और तालाबों में खड़ा होकर अर्घ्य अर्पित किया। सूर्योपासना के बाद कुछ ब्रतियों ने नदी के तट पर ही जबकि कई घर जाकर पूजा अर्चना करने बाद पारण किया । दूसरा अर्घ्य अर्पित करने के बाद श्रद्धालुओं का 36 घंटे का निराहार व्रत समाप्त हुआ और उसके बाद हीं व्रतधारियों ने अन्न ग्रहण किया । चार दिवसीय इस महापर्व के तीसरे दिन कल व्रतधारियों ने नदियों और तालाबों में अस्ताचलगामी सूर्य को प्रथम अर्घ्य अर्पित किया था ।

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...