बिहार : सभी भूमिहीनों को भूमि अधिकार की घोषणा - एकता परिषद के संघर्षों की जीत है - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 4 अप्रैल 2019

बिहार : सभी भूमिहीनों को भूमि अधिकार की घोषणा - एकता परिषद के संघर्षों की जीत है

कांग्रेस पार्टी को बधाईअपने घोषणा पत्र मे भूमिहीनो को आवसीय भूमि देने की बात कही है
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दानापुर,03 अप्रैल। जन संगठन एकता परिषद की मांगों को कॉग्रेस ने घोषणा-पत्र में शामिल कर ली है।इसको लेकर एकता परिषद के सदस्यों व ग्रामीणों के बीच में हर्ष व्याप्त है। इस संगठन से जुड़े अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि हमलोग  विगत तीन दशकों से वंचितों के भूमि अधिकार पर संघर्षरत एक अग्रणी जन संगठन है।  भारत में सभी भूमिहीनों और आवासहीनों को भूमि अधिकार सुनिश्चित करने की माँग पर एकता परिषद के नेतृत्व में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई आंदोलन किये गये है।  इन आंदोलनों के फलस्वरूप लोगों को ज़मीन अधिकार मिला।   एकता परिषद के संस्थापक श्री पी.व्ही. राजगोपाल जी के नेतृत्व में हुये जनादेश (2007) और जनसत्याग्रह (2012) के फलस्वरूप भारत सरकार से लिखित समझौते हुये थे।  इन समझौतों में 'सभी भूमिहीनों और आवासहीनों को भूमि अधिकार' सुनिश्चित करना सर्वप्रमुख था। पूर्व में इन समझौतों के अनुसार 'भूमि अधिकार क़ानून' तथा 'भूमि अधिकार नीति' तैयार तो किया गया किन्तु क्रियान्वयन अपूर्ण ही रहा।  एकता परिषद की ओर से राज्य और केंद्र सरकारों से संवाद की प्रक्रिया लगातार जारी रही है।   विगत वर्षों में अनेक औद्योगिक/उत्खनन आदि परियोजनाओं और शहरीकरण के लिये हुये भूमि अधिग्रहण तथा हस्तांतरण के फलस्वरूप ग्रामीण तथा अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भूमिहीनता बढ़ी है। वास्तव में भूमिहीनता नें गरीबी, शोषण, अन्याय और हिंसा  को और बढ़ाया ही है।   स्वाधीनता के बाद महात्मा गाँधी का सपना था कि भूमिहीनों को किसान बनाया जाये ताकि वे स्वावलम्बी जीवन जी सकें और ग्रामीण अर्थतंत्र मजबूत हो। किन्तु विगत दशकों में हुये तमाम नीतियों और कुछ कानूनों ने किसानों को भूमिहीन बना दिया। एकता परिषद नें इन नीतियों और क़ानून के विरुद्ध सतत संघर्ष किया है। भूमिहीनों और आवासहीनों के अधिकारों के लिये एक बार फिर अक्टूबर 2018 में एकता परिषद के संस्थापक श्री राजगोपाल जी के नेतृत्व में निर्णायक आंदोलन हुआ।  इस आंदोलन के दौरान सभी महत्वपूर्ण राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों नें "सभी भूमिहीनों को भूमि अधिकार देने" के एकता परिषद की मांग का समर्थन किया था।   हम इसे एकता परिषद के ज़मीनी आंदोलनों की सफलता मानते हैं कि 2 अप्रैल को अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष द्वारा जारी घोषणापत्र में "सभी भूमिहीनों को भूमि अधिकार देने" का संकल्प व्यक्त किया गया है।  हम यह विश्वास करते हैं कि देश के करोड़ों भूमिहीनों को भूमि अधिकार देने से न्याय और सम्मान अवश्य मिलेगा।  इसके लिये हम सब कांग्रेस पार्टी का आभार व्यक्त करते हैं।  हर्ष व्यक्त करने वालों में एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.रनसिंह परमार, उपाध्यक्ष प्रदीप प्रियदर्शी, राष्ट्रीय संयोजक अनिश, मंजू डूंगडूंग आदि हैं। जो राजनीतिक दलों ने भूमिहीनों को भूमि देने की घोषणा पत्र में लिखा है उनके लिए धन्यवाद में टीकाराम सिलवानी।

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