सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 20 अप्रैल - Live Aaryaavart

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शनिवार, 20 अप्रैल 2019

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 20 अप्रैल

चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी को खर्च का सही व स्पष्ट लेखा रखना होगा

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भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चुनाव खर्च का सही-सही व स्पष्ट लेखा रखना होगा और निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत करना अनिवार्य है। आयोग के निर्देशानुसार उम्मीदवार के निर्वाचन व्यय लेखा का शेडो व्यय लेखा रजिस्टर रिटर्निंग अधिकारी की ओर से तैयार किया जाएगा। आयोग के निर्देशों में कहा गया है रिटर्निंग अधिकारियों को अपने निर्वाचन क्षेत्र में  चुनाव लड़ रहे प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए सभी प्रकार की आवश्यक अनुमतियों की एक नस्ती संधारित करनी होगी। अर्थात् क्षेत्र में जितने उम्मीदवार चुनाव मैदान में होंगे उतनी नस्तियां संधारित करनी होगी। रिटर्निंग अधिकारियों को यह भी ध्यान रखना होगा कि कार्यालय में जब भी किसी अभ्यर्थी का कोई आवेदन किसी भी प्रकार की अनुमति हेतु प्राप्त होता है तो उस आवेदन में प्रत्येक मद में होने वाले खर्च का स्पष्ट विवरण होना चाहिए साथ ही समस्त मदों को मिलाकर कुल कितना खर्च उक्त अनुमति में उल्लेखित कार्य करने में आयेगा उसका उल्लेख भी स्पष्ट रूप से होना चाहिए। यदि  किसी आवेदन में खर्च का उल्लेख नहीं है तो वह आवेदन पूर्ण नहीं माना जाना चाहिए। यह भी उल्लेखनीय है कि आवेदित अनुमति के कार्य पर किया जाने वाला खर्च स्वयं अभ्यर्थी, अभ्यर्थी का कोई समर्थक, पार्टी इत्यादि में से भले ही कोई भी वहन करे लेकिन आवेदन में सभी मदों का पृथक-पृथक खर्च एवं कुल खर्च का उल्लेख होना आवश्यक है। जनसभा में पंडाल, मंच, बैठने की कुर्सियां, कालीन झंडे, माइक, लेबर, परिवहन इत्यादि-इत्यादि समस्त आवश्यक मदों के खर्चों का उल्लेख होना चाहिए। सभी मदों का समुचित उल्लेख होने के उपरांत ही कानून व्यवस्था इत्यादि दृष्टिगत उचित पाये जाने पर अनुमति प्रदाय करनी चाहिए। यदि कोई अभ्यर्थी जुलूस इत्यादि निकालने की अनुमति मांगता है तो आवेदन में स्पष्ट रूप से जुलूस में सम्मलित होने वाले प्रत्येक वाहन, पी.ओ.एल. वाहन में उपयोग होने वाले माइक, झंडे, पोस्टर, बैनर एवं अन्य जो भी प्रचार सामग्री संभव हो सकती है उसका विवरण एवं जुलूस के स्पष्ट मार्ग इत्यादि के उल्लेख के साथ प्रत्येक मद के खर्च एवं कुल खर्च बताते हुए पेश आवेदन ही मान्य  किया जाना चाहिए। बिना खर्च बताये दिये आवेदनों पर कोई अनुमति जारी नहीं हो सकती। अभ्यर्थी द्वारा प्रचार हेतु वाहनों की अनुमति चाही जाने पर आवेदन में वाहन का प्रति दिन का किराया पी.ओ.एल. वाहन पर लगे ड्रायवर की मजदूरी, वाहन में लगे माइक का किराया, प्रचार सामग्री का विवरण एवं उन समस्त मदों पर आने वाले व्यय की मदवार जानकारी के साथ प्रतिदिन के कुलव्यय का उल्लेख होना चाहिए और यदि वाहन की अनुमति एक से ज्यादा दिन के लिए है तो जितने दिनों के लिए अनुमति है उतने दिनों में उक्त प्रचार वाहन पर होने वाले कुल खर्च का उल्लेख भी आवेदन में अनिवार्य होना चाहिए। 

व्यय संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों की गहनता से निगरानी करने के निर्देश

निर्वाचन आयोग द्वारा व्यय संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र एवं व्यय संवेदनशील पोकेट्स की पहचान किए जाने के संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जारी निर्देश के तहत निर्वाचन व्यय की दृष्टि से किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में घटित हुई पिछली घटनाएं, घटना क्रम और अत्याधिक व्यय किए जाने तथा भ्रष्ट आचरण को अपनाएं जाने की संभावनाएं होने पर ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें व्यय संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र अथवा पोकेट्स के रूप में पहचान की जा सकती है।  निर्वाचन आयोग द्वारा ऐसे क्षेत्रों में एसएसटी एवं एफएसटी दल अधिक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जारी निर्देशों के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक व्यय प्रेक्षक को परामर्श निर्वाचन क्षेत्र में व्यय संवेदनशील पोकेट्स की पहचान करेंगे। इन क्षेत्रों में मतदान के अंतिम तीन दिनों के दौरान स्टैटिक दलों द्वारा 24 घण्टे निगरानी की जाएगी। इस अवधि के दौरान एसएसटी दल में केन्द्रीय पुलिस भी सम्मिलित होगी। इसके अतिरिक्त किसी अभ्यर्थी द्वारा निर्वाचन में बहुत अधिक मात्रा में व्यय करने की सूचना प्राप्त होने पर ऐसे अभ्यर्थी को हर समय वीडियो निगरानी में रखा जाएगा। 

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