पूर्णिया : फसल की तैयारी में जुटे किसानों को नहर से नहीं मिल रहा पानी - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

मंगलवार, 28 मई 2019

पूर्णिया : फसल की तैयारी में जुटे किसानों को नहर से नहीं मिल रहा पानी

farmer-not-geting-water-bihar
पूर्णिया (आर्यावर्त संवाददाता) रोहिणी नक्षत्र के आगमन के पूर्व किसान अपने खेतों की तैयारी में जुटे हैं लेकिन अभी तक किसानों को नहर से पानी नहीं मिलने के आसार हैं। जिस कारण उनकी चिंता बढ़ गई है। किसानों को विश्वास था कि रोहिणी नक्षत्र के आगमन के पूर्व नहर में पानी आ जाएगा लेकिन अब किसान इस बात से चिंतित हैं कि नक्षत्र शुरू होने में मात्र पांच दिन ही शेष रह गया है। जो 25 मई से शुरू होकर पंद्रह दिनों तक चलेगा। लेकिन अभी तक नहर में पानी नहीं आया है। कसबा प्रखंड के फतेहपुर, मलहरिया, कुल्लाखास, दमका, सब्दलपुर, घोड़दौड सहित कई जगहों के किसान पानी के अभाव में परेशान दिख रहे हैं। किसान महावीर प्रसाद साह, गंगा प्रसाद चौहान, नाथु लाल साह, अयोध्या प्रसाद यादव कहते हैं कि रोहिणी नक्षत्र में खेतों में बीज डालने पर फसल अच्छी तरह से तैयार होती है और इन फसलों में किसी प्रकार के कीट के प्रकोप नहीं होते हैं। इसके चलते रोहिणी नक्षत्र में किसान अपने खेतों में बिचड़ा डालते हैं। 

...पानी की आस में किसान : 
पानी की आस में किसान नहर से पानी मिल जाने की उम्मीद में टकटकी लगाए हुए हैं। किसानों का कहना है कि चिंता अब इस बात की है कि अगले बीते वर्ष के दौरान भी समय बीत जाने के बाद भी रोहिणी नक्षत्र में नहर में पानी नहीं आया था। इस कारण किसानों को काफी मुश्किल उठानी पड़ी थी और किसी तरह डीजल पंप के सहारे खेतों में पटवन करके बिचड़े डालने पड़े थे। 

...समय बीत जाने के बाद आता है पानी : 
किसानों का कहना है कि किसान तो हर साल इसी उम्मीद में रह जाते हैं कि समय समय पर नहर से पानी किसानों को मिलेगा। लेकिन समय बीत जाने के बाद ही नहर विभाग के द्वारा नेपाल में पानी छोड़ा जाता है। जबकि इलाके कुछ किसानों का कहना है कि समय बीत जाने पर पानी आता तो है लेकिन बसंतपुर के आगे पानी नहीं पहुंच पाता है। जिस कारण अधिकतर किसानों के खेत खाली रह जाते हैं और आसमान से भी समय से बारिश नहीं होने पर काफी कठिनाइयों का सामना करते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...