बिहार : ईसाई समुदाय की समस्याओं को बीजेपी प्रत्याशी के समक्ष रखा - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

मंगलवार, 14 मई 2019

बिहार : ईसाई समुदाय की समस्याओं को बीजेपी प्रत्याशी के समक्ष रखा

अल्पसंख्यक ईसाई कल्याण संघ ने पेश किया
minority-agenda-with-candidates-bihar
पटना,13 मई। मां गंगा मइया नदी के किनारे से होकर गुजरती गंाधी मैदान-बांसघाट-दीघा मुख्य मार्ग से सटे है क्षेत्र के तीन प्रत्याशियों का ठौर। वे हैं रानी देवी, पति-दीपक पटेल, पता-दीघा, मरियम काॅलोनी, प्रभाष चन्द्र शर्मा, पिता-स्व0 प्रताप नारायण शर्मा, पता-पहलवान घाट, दुजरा, थाना-बुद्धा काॅलोनी, और अरविन्द कुमार, पिता-जगदीश प्रसाद यादव, पता-गोसाई टोला, कुट्टी मशीन के पास, थाना-पाटलीपुत्रा। पटना साहिब संसदीय क्षेत्र के 19 प्रत्याशियों में तीनों का मुकाबला न के बराबर ही है। मुख्य मुकाबला केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और पूर्व केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री शत्रुध्न प्रसाद सिन्हा के साथ है। हालांकि दोनों बीजेपी से संबंधित हैं। मगर कुछेक दिन पहले बिहारी बाबू ने बीजेपी को टा-टा-बाई-बाई करके कांग्रेस में आए हैं। दोनों सजातीय भी हैं। इस बीच जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी पटना कुमार रवि ने कहा पटना जिले में 19 मई को चुनाव है। लगभग सारी तैयारियां पूर्ण है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी ने बताया कि संवीक्षा के उपरान्त 30-पटना साहिब संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में 19 अभ्यर्थी चुनाव मैदान में हैं।

 पटना साहिब संसदीय क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीघी टक्कर
1. श्री रविशंकर प्रसाद, पिता-ठाकुर प्रसाद, पता-42, पूर्वी बोरिंग कैनाल रोड, कवि रमण पथ, नागेश्वर काॅलनी, पटना भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हैं। 2. श्री शत्रुध्न प्रसाद सिन्हा, पिता-भुवनेश्वर प्रसाद सिन्हा, पता-भुवनेश्वर निवास, गृह सं0-एल.-2, डी. ब्लाॅक, कदमकुआँ, पटना इंडियन नेशनल काॅग्रेस के उम्मीदवार हैं। 3. श्री बसंत सिंह, पिता-श्री रामेश्वर सिंह, पता-131, रोड नं0-02, राजेन्द्र नगर, पटना भारतीय जनक्रांति दल के उम्मीदवार हैं। 4. श्री प्रभाष चन्द्र शर्मा, पिता-स्व0 प्रताप नारायण शर्मा, पता-पहलवान घाट, दुजरा, थाना-बुद्धा काॅलोनी, पटना वंजित समाज पार्टी के उम्मीदवार हैं। 5. श्री अमित कुमार गुप्ता, पिता-श्री विजेन्द्र प्रसाद, पता-तरनी प्रसाद लेन, पश्चिम दरवाजा, पटना स्वतंत्र उम्मीदवार है। 6. श्री अशोक कुमार गुप्ता, पिता- श्री राजेन्द्र प्रसार, पता-बेलवर गंज, गुलजारबाग, पटना स्वतंत्री उम्मीदवार हैं। 7. श्री निमेश शुक्ला, पिता-स्व0 विरेन्द्र नाथ शुक्ला, पता-फ्लैट नं0-501, के.पी. इन्कलेव, नियर अभियंता नगर, बेली रोड, पटना स्वतंत्र उम्मीदवार हैं। 8. श्री सुमित कुमार सिन्हा, पिता-श्री वशिष्ट कुमार सिन्हा, पता-चैधरी टोला, सुल्तानगंज, महेन्द्रु, पटना शिवसेना पार्टी के उम्मीदवार हैं। 9. श्रीमती अनामिका कुमारी, पिता-उमाकान्त ठाकुर, पता- कार्यालय, नाला रोड, पटना सोशलिस्ट यूनिटी सेन्टर आॅफ इंडिया (क्म्यूनिस्ट) पार्टी के उम्मीदवार हैं। 10. श्री दिनेश कुमार, पिता-स्व0 उगल सिंह, पता-बिहारी बिगहा, पंडारक, पटना राष्ट्रीय जन सम्भावना पार्टी के उम्मीदवार हैं। 11. महबूब आलम अंसारी, पिता-अब्दुल रहमान अंसारी, पता-174, आनन्दपुरी, वेस्ट बोरिंग कैनाल रोड, पटना भारतीय मोमिन फ्रान्ट पार्टी के उम्मीदवार हैं। 12. श्री अरविन्द कुमार, पिता-जगदीश प्रसाद यादव, पता-गोसाई टोला, कुट्टी मशीन के पास, थाना-पाटलीपुत्रा, पटना स्वतंत्र उम्मीदवार हैं। 13. श्री विष्णु देव, पिता-नगिण राम, पता-महेन्द्र गिरी अपार्टमेन्ट, शिवपुरी लेन, महेन्द्रु, पटना स्वतंत्र उम्मीदवार हैं। 14. श्री कुमार रौनक, माता-प्रभा सिन्हा, पता-चित्रगुप्त नगर, पटना स्वतंत्र उम्मीदवार हैं। 15. श्री राजेश कुमार, पिता-श्याम नन्द प्रसाद, पता-मीडिल स्कूल गली, बख्तियारपुर, पटना जनता पार्टी के उम्मीदवार हैं। 16. श्री अखिलेश कुमार, पिता-रामपति प्रसाद, पता-सरिस्ताबाद पश्चिमी टोला, पो0-अनिसाबाद, थाना-गर्दनीबाग, पटना असली देशी पार्टी के उम्मीदवार हैं। 17. श्रीमती रीता देवी, पति-छोटे सहनी, पता-शिवांजली हाउस, रोड नं0-11ई, राजेन्द्र नगर, थाना-कदमकुआँ, पटना विकासशील इंसान पार्टी के उम्मीदवार हैं। 18. श्रीमती रानी देवी, पति-दीपक पटेल, पता-दीघा, मरियम काॅलोनी, पटना स्वतंत्र उम्मीदवार हैं। 19. श्री जावेद अख्तर, पिता-समीम उद्दीन, पता-खान मिर्जा, थाना-सुल्तानगंज, पो0-महेन्द्रु, पटना स्वतंत्र उम्मीदवार हैं। इस बीच केंद्रीय कानून मंत्री एवं लोकसभा प्रत्याशी (पटना साहिब) रविशंकर प्रसाद को अल्पसंख्यक ईसाई कल्याण संघ,पटना के महा सचिव एस. के.लॉरेंस ने उपेक्षित एवं निराश ईसाईयों की ओर से लिखा है कि हमारे निराश ईसाई समुदाय यह सोंच कर हमेशा चिंतित रहते हैं कि आखिर हम भारतीय ईसाईयों की उपेक्षा क्यों?क्या हम इस देश के नागरिक नहीं है? लोक सभा  चुनाव के वक्त आप  अपने पक्ष में मतदान करने की अपील करने आए हैं।हमारे ईसाई गण अपने विवेक का स्तेमाल कर अवश्य मतदान करेंगे। ईसाईयों की उपेक्षित कुछ मांगे हैं, जो मांग करने के बावजूद सरकार द्वारा आजतक पूरी नहीं की गयी।शायद रद्दी की टोकरी में फेंक दी गयी।आजतक कोई जवाब भी नहीं दिया गया।उपेक्षा की गयी।क्या हमारी मांगों को आपकी सरकार पूरा करेगी? हमारी अबतक उपेक्षित साधारण मांगें निम्नलिखित हैरू--

1. आपके पार्टी के कुछ नेताओं तथा शायद ईसाई धर्म से नफरत करने वाले कुछ संगठनों द्वारा ईसाईयों पर झूठा धर्मान्तरण करने का आरोप लगाकर बदनाम तथा प्रताड़ित कर उन्हें अरेस्ट कराने का कार्य किया जाता है।इसपर बिलकुल रोक लगाई जाए तथा ऐसा करने वालों को कठोर सजा मिले।क्योंकि अबतक किसी को भी सजा नहीं मिलती है तथा ऐसा करने वालों के खिलाफ केंद्रीय सरकार की तरफ से खामोशी बरती जाती है।
2. ईसाईयों के धार्मिक स्थलों, संस्थानों, ईसाईयों,धर्मगुरुओं, तथा धर्म बहनों को सुरक्षा प्राप्त हो तथा इनके साथ धार्मिक भेदभाव, धार्मिक मूर्ति तोड़ने या अन्य किसी भी वजह से कहीं भी इनके साथ एक भी घटना घटित न हो।
3. जिस तरह हिन्दू धर्मावलंबियों के जिन वर्गों को ओ.बी.सी.का दर्जा देकर आरक्षण की सुविधा दी जा रही है,उसी तरह ईसाई धर्मावलंबियों में उपलब्ध जातियों,वर्गों को भी ओ.बी.सी.का दर्जा तथा आरक्षण प्राप्त हो।जब आप हिन्दू धर्म के अन्य वर्गों के लिए नयी व्यवस्था कर,संशोधन कर आरक्षण तथा ओ.बी. सी.का दर्जा दे रहे हैं,तो ईसाईयों को क्यों नहीं? भेद भाव समाप्त हो।
4. हिन्दू दलितों तथा धर्म के नाम पर सिख-बौद्ध अल्पसंख्यकों को मिल रहे आरक्षण की तरह धार्मिक भेदभाव समाप्त कर उपेक्षित दलित ईसाईयों को भी आरक्षण मिले।अगर यह आरक्षण सिर्फ हिन्दू दलितों के लिए है,तो फिर अल्पसंख्यक सिख तथा बौद्ध समुदाय को कैसे और क्यों मिल रहा है? पूर्व में जिस तरह सिख एवं बौद्ध समुदाय के लिए कानून बनाया गया।उसी तरह दलित ईसाईयों के लिए क्यों नहीं?क्योंकि सिख तथा बौद्ध धर्म में भी भेद भाव तथा छुआ छूत की भावना नहीं है।                
5.आदिवासी ईसाईयों को प्राप्त आरक्षण के समाप्ति की योजना बन्द की जाए।
6.अल्पसंख्यक योजना के तहत व्यवसाय करने के लिए मिलने वाली ऋण योजना में अल्पसंख्यक ईसाईयों के लिए निश्चित कोटा निर्धारित किया जाए। क्योंकि एक भी ईसाई व्यक्ति इस योजना का लाभ नहीं ले पाता है।
7. उपेक्षित ईसाई बहुल इलाकों (फेयर फील्ड कॉलोनी,एक्स. टी.टी.आई. वगैरह की सड़क को प्राथमिकता के तौर पर जल्द से जल्द बनाया जाए।क्योंकि इस सन्दर्भ में वार्ड पार्षद ,इस छेत्र के विधायक महोदय तथा सरकार को साल भर पहले पत्र लिखा गया था।परंतु इन सड़कों की अबतक उपेक्षा हुयी है।
8.बिहार के विधान सभा ,विधान परिषद में बुद्धिजीवी, समाजसेवी ईसाई का मनोनयन हो।
9.बिहार में वर्षों से समाप्त ऐंग्लो इन्डियन विधायक का मनोनयन हो।
10.महिला आरक्षण में ईसाई महिलाओं को भी आरक्षण का लाभ मिले।

मांगे कई और हैं।परंतु फिलहाल ईसाईयों की उपरोक्त मांगों को पूरा कराने की कृपा करें।

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...