मुझे प्रधानमंत्री नहीं मानकर संविधान का अपमान कर रही हैं ममता : मोदी - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

गुरुवार, 9 मई 2019

मुझे प्रधानमंत्री नहीं मानकर संविधान का अपमान कर रही हैं ममता : मोदी

modi-attack-mamta-bankura
बांकुड़ा (पश्चिम बंगाल), नौ मई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यह कह कर संविधान का अपमान कर रही हैं कि वह मुझे देश के प्रधानमंत्री के रूप में स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। मोदी यह यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ दीदी (ममता बनर्जी) सार्वजनिक रूप से कहती हैं कि वह देश के प्रधानमंत्री को शासनाध्यक्ष स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं लेकिन वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को मान्यता देने में गर्व महसूस करती हैं।’’  उन्होंने कहा कि ममता आम चुनाव में हार की चिंता के कारण संविधान का अपमान कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने चक्रवात फोनी पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री से संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी कॉल का जवाब नहीं दिए जाने के कारण वह ममता से बात नहीं कर पाए। ममता ने एक रैली में मोदी को ‘‘एक्सपायरी प्रधानमंत्री’’ बताते हुए कहा था कि वह नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री नहीं मानतीं और वह चुनाव परिणाम के बाद नए प्रधानमंत्री से बात करेंगी। मोदी ने यहां एक रैली में कहा, ‘‘उन्होंने चक्रवात के दौरान मेरे फोन कॉल का जवाब नहीं दिया। केंद्र सरकार हालात पर चर्चा के लिए राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक करना चाहती थी, लेकिन दीदी ने इसकी भी अनुमति नहीं दी।’’  प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘राज्य को बेहतर बनाने में उनकी कोई रुचि नहीं है, उनकी रुचि अपने परिवार और अपनी पार्टी के टोलाबाजों की बेहतरी में है।’’  मोदी ने कहा कि दीदी (ममता बनर्जी) मेरे खिलाफ जिस तरह की भाषा इस्तेमाल कर रही हैं उससे उनकी चिंता झलक रही है। ‘‘वह अब मेरे लिए पत्थर एवं थप्पड़ की बात कर रही हैं।’’  उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपशब्दों का आदी हो गया हूं। मुझे दुनिया भर के शब्दकोषों के अपशब्दों को पचाना आ गया है।’’ 

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...