मोदी सरकार ने पांच वर्षों में सिर्फ प्रचार किया, काम नहीं : प्रियंका गांधी - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 14 मई 2019

मोदी सरकार ने पांच वर्षों में सिर्फ प्रचार किया, काम नहीं : प्रियंका गांधी

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रतलाम (मध्यप्रदेश), 13 मई, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इस सरकार में पांच वर्षों में सिर्फ प्रचार ही हुआ है, काम कुछ नहीं हुआ।  झाबुआ-रतलाम लोकसभा क्षेत्र के वर्तमान सांसद और कांग्रेस उम्मीदवार कांतिलाल भूरिया के समर्थन में यहां एक चुनावी सभा में प्रियंका ने प्रधानमंत्री मोदी सहित भाजपा नेताओं पर नोटबंदी, किसान कर्ज माफी, किसान आत्महत्या, युवा रोजगार जैसे देश के मुद्दों पर पांच साल में काम के बजाय केवल बढ़चढ़ कर प्रचार करने का आरोप लगाया। 

उन्होंने कहा, ‘‘ ये सच नहीं कहते, ये आपको झूठ से गुमराह करना चाहते हैं ताकि इनकी सत्ता बनी रहे। ये सत्ता में रहे और आपको कुचल डालें, इस लोकतंत्र को तोड़ डालें। इसलिये ये चुनाव सबसे महत्वपूर्ण है।’’ कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि भाजपा नीत एनडीए सरकार के पांच साल के शासन के शासन के दौरान देश में पांच करोड़ रोजगार खत्म हुए हैं। केवल नोटबंदी के कारण देश में 50 लाख रोजगार कम हुए। प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘वर्ष 2014 से पूरे पांच सालों से अजीब सा सिलसिला चल रहा है। पूरे पांच साल में प्रचार ही प्रचार चल रहा है और काम नहीं हो रहा है।  केन्द्र सरकार की किसान सम्मान योजना पर उन्होंने कहा कि इसमें छोटे किसानों को 6000 रुपये एक साल में दिये जा रहे हैं। लेकिन यदि आप हिसाब करें तो चार लोगों के परिवार में एक आदमी को प्रतिदिन केवल दो रुपये मिलते हैं। उन्होने सवाल किया कि मंहगाई के इस समय में कोई व्यक्ति मात्र दो रुपये से कैसे काम चला सकता है। मध्यप्रदेश के मंदसौर पुलिस गोलीकांड का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि किसान जब अपनी आवाज उठाते हैं तो ये उन पर गोली चलाते हैं। उत्तर प्रदेश में भी महिलाओं पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें लाठियों से पीठा और जेल में डाल दिया। यह लोकतंत्र नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं को तपस्वी कहते हैं लेकिन उनके पांच साल के कार्यकाल में देश के 12000 किसान आत्महत्या करते हैं और तपस्वी इस पर मौन रहते हैं।  उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब और हरियाणा के किसान अपनी समस्यायें बताने के लिये पैदल चलकर दिल्ली आते हैं लेकिन प्रधानमंत्री के पास उनसे मिलने के लिये पांच मिनट का वक्त नहीं होता है। जबकि, प्रधानमंत्री के पास अमेरिका, चीन और जापान और युरोपीय मुल्कों में जाकर उनके राष्ट्रप्रमुखों से मिलने का समय है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद करते हुए और स्वयं को उनकी पोती बताते हुए प्रियंका ने कहा कि जंगल, जानवर और जमीन से जो आदिवासियों को जुड़ाव है और जिस तरह से आदिवासी इनकी रखवाली करते हैं वह पूरी दुनिया को सीखना चाहिये।  उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय आदिवासियों को उनकी जमीन का हक देने के लिये इस सबंध में कानून लागू किया गया था लेकिन भाजपा शासन में यह हक उनको नहीं दिया गया और आदिवासियों को जमीन के पट्टे देने के 60 फीसद आवेदन रद्द कर दिये गये। यूपीए सरकार द्वारा लागू किये गये भूमि अधिग्रहण कानून को भाजपा सरकार द्वारा कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आने के बाद उद्योगपतियों से जमीन वापस लेकर आदिवासियों को दी गयी है।

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