प्रकृति, पर्यावरण और पर्यटन मेरा मिशन : मोदी - Live Aaryaavart

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रविवार, 19 मई 2019

प्रकृति, पर्यावरण और पर्यटन मेरा मिशन : मोदी

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केदारनाथ धाम, 19 मई , त्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित भोले बाबा के 11वें ज्योतिलिंग केदारनाथ के दर्शन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा प्रकृति, पर्यावण और पर्यटन ही मेरा मिशन है। श्री मोदी ने मन्दिर के बाहर संवाददाताओं से बातचीत करते हुये कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तब से ही आपदा के बाद केदारनाथ के लिए कुछ करना चाहते थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें यह सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि यहां हिमपात के कारण तीन माह तक निर्माण कार्यों में दिक्कतें आती रही। इसके बावजूद यहां निरंतर काम चले। सरकार ने यहां के लिए मास्टर प्लान बनाया गया। उन्होंने कहा- “मैं खुद कार्यों को समीक्षा करता हूँ। वीडियो कांफ्रेसिंग से भी यहां की जानकारी लेता रहता हूं।” उन्होंने कहा कि मेरी हमेशा यही कोशिश रहती है कि यहां के लिए क्या अच्छा कर सकते हैं। इसके लिए मुझे अच्छी टीम भी मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि शनिवार से ध्यान गुफा में बाहरी दुनियां से अलग भगवान की शरण में रहा। गुफा में एक छेद ऐसा है, जिससे भगवान केदारनाथ मंदिर के दर्शन होते हैं। इस दौरान मैं हिंदुस्तान के वातावरण से बाहर था। उन्होंने कहा कि कपाट खुलने से दो माह पहले ही यात्रा व्यवस्थाओं की तैयारी शुरू हो जाती है। इसमें सैकड़ों लोग जुटते हैं। जो विकट परिस्थितियों में कष्ट उठाकर कार्य करते हैं। इसकी जानकारी भी देश की जनता को होनी चाहिए। ताकि लोग भी इस कार्य से जुड़ें। भोले बाबा से चुनाव में जीत की मन्नत के प्रश्न पर श्री मोदी ने कहा कि मैं भगवान से कभी मांगता नहीं हूँ। मांगना मेरी प्रवृति नहीं है। भगवान ने मांगने नहीं, देने योग्य बनाया है। ईश्वर ने देने योग्य जो क्षमता दी उसे समाज और देवता को देना चाहिए। समाज देवता और अध्यात्म मिलकर बना है। उन्होंने कहा कि मई और जून में चुनाव भी कड़ी परीक्षा रहती है। उन्होंने चुनाव आयोग का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि आचार संहिता के कारण उन्हें दो दिन आध्यात्मिक भूमि में आने का सौभाग्य मिला।

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