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बुधवार, 8 मई 2019

बिहार : प्रशासन निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराए तो दूध का दूध पानी का पानी : प्रेमलाल

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सहरसा (आर्यावर्त संवाददाता)। अपने प्रतिद्वदी को पछाड़ने का प्रयास करने का सनसनीखेज खबर प्राप्त है। पब्लिक वर्क करने वाले प्रेमलाल सादा,ओमप्रकाश सादा और सुमन सादा को भैंस चोरी करने के आरोप में शिबू सादा ने मनगढ़ंत कहानी बनाकर सौर बाजार थाना में एफआईआर दर्ज करा दिया है। जो खुद पब्लिक वर्क के नाम पैसा ऐंठने वाले हैं शिबू सादा। उनके घूस लेने का विरोध करने का खामियाजा तीनों भुगत रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिबू सादा ने हककर सादा को मोहरा बनाया गया है। शिबू सादा का संबंध जदयू विधायक रत्नेश सादा के साथ है। जदयू विधायक ने शिबू सादा को प्रखंड अध्यक्ष बना रखा है। इसका असर दिखाने पर तुला है। वहीं मधेपुरा संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी शरद यादव के साथ प्रेमलाल सादा कार्यशील हैं। उनको शरद यादव ने सहरसा जिला के अध्यक्ष बना रखे हैं। उत्तर बिहार मुसहर सेवा संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सह लोजद के दलित प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष भी हैं। सामाजिक कार्यकर्ता है ओमप्रकाश सादा। जनांदोलन 2018 के धबौली पंचायत के लोगों को नेतृत्व करके सहरसा से ग्वालियर ले गए थे। सुमन सादा सामाजिक कार्यकर्ता हैं। तीनों स्वच्छ छवि के हैं। पब्लिक वर्क करते हैं। जब पब्लिक वर्क के नाम पर शिबू सादा घूस लेते हैं तो उसका विरोध करने का खामियाजा तीनों भुगत रहे हैं।

जन संगठन एकता परिषद और अन्य सम्मान विचारधारा के लोगों के द्वारा 2 अक्टूबर 2018 में जनांदोलन 2018 पदयात्रा सत्याग्रह किया गया। इस पदयात्रा में सहरसा जिले के पतरघट प्रखंड के धरौली पंचायत के लोग भी गए थे। उसमें यहां के ओमप्रकाश सादा, प्रेमलाल सादा, सुमन सादा के साथ हककर सादा भी गए थे। हककर सादा का एक भैंस चोरी हो गया। इस बाबत हककर सादा ने धरौली पंचायत के सरपंच रंजीत कुमार सिंह और वार्ड नम्बर-7 की वार्ड सदस्य रेखा देवी से मिलकर एक भैंस चोरी हो जाने के बारे में जानकारी दिए। दोनों ने मिलकर सौर बाजार में सनहा दर्ज करने के लिए आवेदन तैयार करके हककर सादा को दिया।  बताया जाता है कि सनहा दर्ज करने वास्ते तैयार आवेदन को हलकर सादा ने पुत्र जीतन सादा को थमा दिया और कहा कि जाकर सौर बाजार थाना के बड़ा बाबू को दे देना। 21-22 साल के जीतन सादा ने पड़ोसी शिबू सादा (40 साल) का सहयोग लेना जरूरी समझा। शिबू सादा ने मौका ताड़कर सरपंच और वार्ड सदस्य द्वारा लिखित आवेदन को फेंक दिया और अपने ढंग से तीन महादलितों पर अरोप गढ़ दिया कि तीनों ने मिलकर हककर सादा के भैंस चोरी कर लिए हैं।

शिबू सादा ने अपने मनगढ़ंत आवेदन में आरोप लगाया कि 4 मई 2019 को शाम में प्रेमलाल सादा, ओमप्रकाश सादा और सुमन सादा हककर सादा के घर के दरवाजे पर आएं। यहां पर आने के बाद पानी और भूजा मांगे। इसके बाद हककर सादा से पूछने लगे कि यह भैंस तुम्हारा है? उसके बाद शराब का बोतल निकालकर शराब पीने लगे। यह लिखा है कि लाख बार मना करने के बाद भी तीनों शराब पीते रहे। यह सिलसिला 10 बजे रात तक जारी रहा। बार-बार घूम-घूमकर आकर तीनों भैंस को देखते रहे। देर रात होने पर हककर सादा सोने चला गया। सुबह उठकर भैंस को बाहर बांधने के लिए गए तो देखे भैंस नहीं था। और तो और तीनों भी फरार हो गए थे। अंत में उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। इधर हककर सादा का कहना है कि शिबू सादा द्वारा लिखित आवेदन के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इससे साफ जाहिर है कि शिबू सादा ने तीनों को फंसाने की साजिश की है।  उत्तर बिहार मुसहर सेवा संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सह लोजद के दलित प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष प्रेमलाल सादा ने अपने ऊपर पतरघट ओपी क्षेत्र अंतर्गत धबौली पश्चिम पंचायत के वार्ड नं सात निवासी हकर सादा के द्वारा मवेशी चोरी को लेकर ओपी अध्यक्ष को दिए गए आवेदन को निराधार व तथ्य से पड़े बताते हुए कहा कि यह विरोधियों की साजिश है। सोची समझी राजनीति के तहत मेरे छवि को बदनाम करने को लेकर आवेदन दिया गया है। जो सरासर झूठा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इसकी निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराए तो दूध का दूध पानी का पानी साबित होगा।

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