बिहार : सारण में रूडी और चंद्रिका के बीच होगी कांटे की टक्कर - Live Aaryaavart

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शनिवार, 4 मई 2019

बिहार : सारण में रूडी और चंद्रिका के बीच होगी कांटे की टक्कर

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पटना 04 मई, बिहार में इस बार के लोकसभा चुनाव में सारण संसदीय सीट पर कब्जा बरकरार रखने को प्रयासरत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी एवं निवर्तमान सांसद राजीव प्रताप रूडी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के समधी चंद्रिका राय के बीच कांटे की टक्कर होगी। राज्य में पांचवें चरण में 06 मई 2019 को सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारण और हाजीपुर (सुरक्षित) सीट पर मतदान होना है। ‘संपूर्ण क्रांति’ के अगुवा लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जन्मभूमि सारण संसदीय क्षेत्र से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने निवर्तमान सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री रूडी को उम्मीदवार बनाया है। वह श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2014 में जीतने के बाद वह मोदी सरकार में भी मंत्री बनाए गए थे। हालांकि मंत्रिमंडल के फेरबदल में उनसे मंत्री पद वापस ले लिया गया। वहीं, महागठबंधन ने यहां से परसा के विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय दारोगा प्रसाद राय के पुत्र और लालू प्रसाद यादव के समधी चंद्रिका राय पर दाव खेला है। दूसरी बार लोकसभा चुनाव के रण में उतरे श्री राय के लिये भाजपा के दिग्गज नेता श्री रूडी हो हराने की चुनौती है। उनका यहां से जीतना न केवल श्री लालू यादव के लिए, बल्कि राजद के लिये भी प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। श्री राय ने वर्ष 1998 में जनता दल के टिकट पर छपरा सीट से चुनाव लड़ा लेकिन विजयी नही हो सके। सारण की धरती क्रांतिकारी भोजपुरी गायक भिखारी ठाकुर के नाम से भी जानी जाती है। श्री लालू यादव के परिवार के लिए यह परंपरागत सीट मानी जाती रही है। इस सीट से वह सर्वाधिक चार बार चुनाव जीतकर संसद पहुंचे तो उन्हें यहां से हार का सामना भी करना पड़ा है। वर्ष 2008 में परिसीमन से पूर्व सारण सीट छपरा के नाम से जानी जाती थी। वर्ष 1977 में श्री लालू यादव पहली बार जनता पार्टी की लहर में छपरा लोकसभा सीट से भारतीय लोक दल (बीएलडी) के टिकट पर चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। इसके बाद वर्ष 1989, 2004 और फिर सारण सीट से 2009 में वह सांसद चुने गये। चारा घोटाले में सजा होने से श्री यादव की लोकसभा की सदस्यता छिन जाने के बाद वर्ष 2014 में उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सारण सीट से चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें भाजपा नेता श्री रूडी से 40 हजार 948 मतों के अंतर से परास्त होना पड़ा। सारण की विशेषता है कि यहां मुख्य मुकाबला यदुवंशी और रघुवंशी के बीच ही होता है। श्री रूड़ी यहां से तीन बार सांसद चुने गए हैं। इस क्षेत्र में इस बार जहां श्री रूडी मोदी मैजिक, भाजपा के आधारगत वोटों की गोलबंदी तथा पिछले दो वर्षों के दौरान क्षेत्र में किए गए अपने कार्यों की बदौलत जनता को रिझाने का प्रयास कर रहे हैं वहीं राजद प्रत्याशी चंद्रिका राय को राजद के मुस्लिम-यादव (एमवाई) समीकरण पर भरोसा है। इस सीट पर वर्ष 1957 में पहले आम चुनाव में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के राजेंद्र सिंह ने जीत हासिल की थी। इसके बाद वर्ष 1962, 1967 और वर्ष 1971 में कांग्रेस के रामशेखर प्रसाद सिंह ने जीत की हैट्रिक लगायी। वर्ष 1977 में जनता पार्टी की लहर में श्री लालू यादव ने बीएलडी के टिकट पर न सिर्फ जीत हासिल की और पहली बार ससंद पहुंचे बल्कि कांग्रेस उम्मीदवार रामशेखर प्रसाद सिंह के विजयी रथ को भी रोक दिया। वर्ष 1980 में जनता पार्टी के सत्यदेव सिंह ने जीत हासिल की वहीं इस बार जनता पार्टी (सेक्यूलर) के टिकट पर लड़े श्री यादव दूसरे नंबर पर रहे। 1984 में जनता पार्टी के राम बहादुर सिंह सांसद बने। वर्ष 1989 में जनता दल के टिकट पर श्री यादव एक बार फिर छपरा से चुनाव जीतकर सासंद बने। जनता दल के लाल बाबू राय ने 1991 में जीत हासिल की। 1996 के चुनाव में श्री रूडी ने छपरा संसदीय सीट पर पहली बार भाजपा का कमल खिलाया। वर्ष 1998 में राजद प्रत्याशी हीरालाल राय विजयी हुये। वर्ष 1999 के आम चुनाव में में श्री रूडी एक बार फिर जीतकर संसद पहुंचे। वर्ष 2004 में श्री यादव ने राजद के टिकट पर छपरा सीट से चुनाव लड़ा और भाजपा प्रत्याशी श्री रुडी को मात दे दी। 2008 में परिसीमन के बाद छपरा सीट सारण बन गयी। वर्ष 2009 के चुनाव में भी श्री यादव ने जीत का परचम लहराया। वर्ष 2014 में श्रीमती राबड़ी देवी ने राजद के टिकट पर सारण से चुनाव लड़ा लेकिन मोदी लहर में चुनाव जीतकर फिर श्री रूडी संसद पहुंचने में कामयाब हुये। सारण संसदीय क्षेत्र के तहत विधानसभा की छह सीटें मढौरा, छपरा, गरखा, अमनौर, परसा और सोनपुर हैं। इनमे से चार सीटों पर राजद और दो पर भाजपा का कब्जा है। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में मढ़ौरा से जीतेन्द्र कुमार राय (राजद), छपरा से डॉ. सी. एन. गुप्ता (भाजपा), गरखा (सुरक्षित) से मुनेश्वर चौधरी (राजद), अमनौर से शत्रुध्न तिवारी (भाजपा), परसा से चंद्रिका राय (राजद) और सोनपुर से डॉ. रामानुज प्रसाद (राजद) विधायक हैं। इस सीट से वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में कुल 12 उम्मीदवार ताल ठोंक रहे हैं। इनमें भाजपा, राजद ,बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और चार निर्दलीय समेत 12 उम्मीदवार शामिल हैं। सारण लोकसभा क्षेत्र में करीब 16 लाख 55 हजार मतदाता हैं। इनमें करीब आठ लाख 88 हजार पुरुष और सात लाख 67 हजार महिला शामिल हैं। राजपूत और यादव बहुल सारण संसदीय क्षेत्र में निर्णायक वोट वैश्यों और मुस्लिमों का माना जाता है। एम-वाई समीकरण बनाकर श्री लालू प्रसाद इस सीट से चार बार सांसद रहे हैं जबकि राजपूत और वैश्यों को गोलबंद कर भाजपा के श्री रूडी इस सीट से तीन बार चुने गए। इस चुनाव में भी जातीय समीकरण की गोलबंदी से ही परिणाम तय होगा। गंगा, गंडक एवं घाघरा नदी से घिरा सारण जिला सार्वाधिक प्राचीन स्थलों में एक है। सोनपुर मेला और चिरांद पुरातत्व स्थल यहां की पहचान हैं। मढ़ौरा का चीनी मील और मर्टन मील बिहार के पुराने उद्योगों के प्रतीक थे। रेल चक्का कारखाना, डीजल रेल इंजन लोकोमोटिव कारखाना, सारण इंजीनियरिंग, रेल कोच फैक्ट्री भी यहां स्थापित किये गये हैं।

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