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शनिवार, 22 जून 2019

पूर्णिया : एक साल से डंप पड़ा है डस्टबिन, डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन में होना था इस्तेमाल

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कुमार गौरव । पूर्णिया : गत दिनों मेयर सविता देवी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण अधिनियम (एनजीटी) की बैठक हुई थी। जिसमें यह तय किया गया था कि हर हाल में 30 जून तक सभी 46 वार्ड के 35 हजार घरों में डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन के तहत डस्टबिन बांटा जाएगा। लेकिन ताज्जुब की बात तो यह है कि जनसुविधा के लिए खरीदे गए करीब 70 हजार छोटे डस्टबिन को घर घर तक पहुंचाने के बजाए इसे राजनीतिक रंग दे दिया गया है। जिससे इसकी सुविधा से आम आवाम महरूम है। हालांकि 19 जून को हुई बोर्ड बैठक के बाद नगर आयुक्त विजय कुमार सिंह ने इसे एक सप्ताह के अंदर बांटे जाने की बात तो जरूर कही है लेकिन राजनीतिक कारणों से जो आरोप प्रत्यारोप गत बैठकों में हुआ है उससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि डस्टबिन वितरण की राह फिलवक्त कठिन है। क्योंकि डिप्टी मेयर विभा कुमारी ने एनजीटी की हुई बैठक में अपना पत्ता साफ कर दिया था कि जो आरोप उनके मेयर रहते डस्टबिन खरीद को लेकर लगाए गए थे उसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग उन्होंने की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि आखिर किस कारण से उनके कार्यकाल में खरीदे गए 70 हजार डस्टबिन को बेकार व दोयम दर्जे का करार दिया गया था और यदि सबकुछ साफ नहीं हुआ तो इस मामले में वो कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगी। ऐसे में डस्टबिन वितरण का मामला खटाई में पड़ सकता है। यहां यह जानना अहम है कि डस्टबिन की खरीदारी को लेकर 10 फरवरी 2018 को निविदा प्रकाशित की गई थी। जिसमें टेंडर करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी से बढ़ाकर 06 मार्च 2018 कर दी गई थी। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर राजनीतिक रस्साकसी का शिकार आम जनता क्यों हो। इतनी बड़ी संख्या में जब उनकी सुविधा के लिए डस्टबिन की खरीदारी हुई है तो बेशक उन्हें इसका लाभ मिलना चाहिए। 

...पहले हो भंडारण की व्यवस्था : 
डस्टबिन की खरीदारी फिर इसके वितरण को लेकर हायतौबा मचा है। वार्ड पार्षद सरिता राय ने कहा कि 19 जून को हुई बोर्ड बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि सभी 46 वार्ड में डस्टबिन का वितरण किया जाएगा। बता दें कि पूर्व में इस बात को लेकर काफी हायतौबा मची थी कि फिलहाल उन्हीं 25 वार्डों में डस्टबिन का वितरण किया जाएगा जहां वर्तमान में शिवम जनस्वास्थ्य एनजीओ के द्वारा सफाई व डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन किया जाता है। लेकिन इस निर्णय का विरोध होने के बाद निर्णय में बदलाव लाया गया है। पार्षद का तर्क है कि नगर निगम पहले कचरा संग्रहण के लिए स्थल चिन्हित कर ले तब ही डस्टबिन का वितरण करे। ताकि आगामी दिनों किसी प्रकार की कोई समस्या न रहे। इस पर विचार करने से पूर्व डस्टबिन वितरण की बात की जा रही है। 

...इसी माह बांटे जाएंगे डस्टबिन : 
गत दिनों नगर निगम की बैठक मूल रूप से विभागीय आदेश आने के बाद की गई थी। जिसमें सिर्फ डस्टबिन वितरण पर चर्चा की गई थी। 19 जून को हुई बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया गया। जिसके बाद सहमति के आधार पर ही डस्टबिन का वितरण इसी माह सभी वार्डों में कर दिया जाएगा।  : विजय कुमार सिंह, नगर आयुक्त, नगर निगम पूर्णिया।

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