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रविवार, 23 जून 2019

पूर्णिया : सदर अस्पताल में जरूरत 60 डॉक्टरों की, काम चला रहे 33 से, विशेषज्ञों की है भारी कमी

- कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजिस्ट व न्यूरो सर्जन डॉक्टर की नहीं की गई है तैनाती- अस्पताल में एएनएम की जरूरत है 250 की लेकिन काम चला रहे 43 से
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पूर्णिया : सदर अस्पताल कोसी और सीमांचल का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। जिस कारण प्रतिदिन यहां हजारों की तादाद में लोग अपना इलाज कराने पहुंचते हैं। लेकिन इसके बाद भी यहां कई ऐसी कमियां हैं जो कि जानलेवा है। मसलन यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों का नितांत अभाव है। बता दें कि कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजिस्ट व न्यूरो सर्जन डॉक्टर की यहां तैनाती तक नहीं की गई है। डॉक्टर और नर्सों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिस कारण मौजूदा डॉक्टर और नर्स भी परेशान रहते हैं। यह समस्या सिर्फ आज की नहीं वर्षों पुरानी है। हर बार डॉक्टर व नर्स की नियुक्ति के लिए कवायद शुरू होती है लेकिन मामला बीच में अटक जाता है। सदर अस्पताल में हर रोज एक हजार से अधिक रोगी इलाज के लिए आते हैं। लेकिन आलम यह है कि डॉक्टरों की कमी के कारण समय पर जांच नहीं हो पाता है और कई लोग बिना जांच कराए ही वापस चले जाते हैं। अस्पताल में मरीजों की तुलना में डॉक्टर और नर्सों की भारी कमी है। 

...जरूरत 60 डॉक्टरों की है मौजूद हैं 33 : 
अस्पताल में डॉक्टरों की जरूरत करीब 60 से अधिक है लेकिन फिलहाल सिर्फ 33 डॉक्टरों से काम चलाया जा रहा है। इन्हीं डॉक्टरों को अस्पताल के 16 वार्डों को देखना पड़ता है। जिस कारण मरीजों का समय पर इलाज नहीं हो पाता है और अक्सर हो हंगामा होता है। सदर अस्पताल में करीब 16 से अधिक वार्ड हैं। जिसमें आईसीयू और ओटी महत्वपूर्ण है। लेकिन इन वार्डों में डॉक्टरों की कमी के कारण काम प्रभावित हो रहा है। यहां तक कि प्रशिक्षित डॉक्टरों की कमी के कारण आईसीयू वार्ड बंद है। जानकारों की माने तो सदर अस्पताल में न्यूरो सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट व आईसीयू के लिए प्रशिक्षित डॉक्टर नहीं हैं। न्यूरो सर्जन नहीं होने के कारण न्यूरो से संबंधित ऑपरेशन या इलाज नहीं हो पाता है। वहीं कार्डियोलाॅजिस्ट व नेफ्रोलॉजिस्ट और आईसीयू के लिए प्रशिक्षित डॉक्टर नहीं होने के कारण मरीजों को हायर सेंटर के नाम पर रेफर कर दिया जाता है। 

...एएनएम की जरूरत 250 की है काम चला रहे 43 से :
सदर अस्पताल में डॉक्टर के बाद नर्सों की भी भारी कमी है। अस्पताल में एक वार्ड में हर रोज करीब 80 मरीज भर्ती रहते हैं। इन मरीजों की देखभाल व इलाज के लिए मात्र एक से दो नर्स रहती हैं। जबकि अस्पताल 24 घंटे संचालित रहता है। अस्पताल में जरूरत है 250 नर्सों की लेकिन मात्र 43 नर्सों से काम लिया जाता है। 

...अस्पताल के किस वार्ड में कितने डॉक्टर हैं कार्यरत :
फिजीशियन-7, सर्जन-4, बच्चा रोग-3, अार्थोपेडिक-3, डेंटल-3, ईएनटी-1, आंख-4, चर्म रोग-1, मनोरोग-1, पैथोलॉजिस्ट-1, ब्लड बैंक-1, महिला रोग विशेषज्ञ-2, एनेस्थेसिस्ट-4. 

...पोस्टमार्टम में फॉरेंसिक विशेषज्ञ की है कमी :
सदर अस्पताल में हर रोज दो से सात की संख्या में लाश का पोस्टमार्टम होता है। जिसमें कई लाश का फॉरेंसिक जांच के लिए सैंपल लिया जाता है। लेकिन अस्पताल में पोस्टमार्टम करने और फॉरेंसिक सैंपल के लिए विशेषज्ञ नहीं है। अस्पताल में फॉरेंसिक विशेषज्ञ की जगह दूसरे विभाग के डॉक्टर पोस्टमार्टम करते हैं और फॉरेंसिक जांच के लिए सैंपल निकालते हैं। बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक सैंपल विशेषज्ञ ही निकाल सकते हैं। लेकिन अस्पताल प्रबंधक डॉक्टरों को दबाव डालकर पाेस्टमार्टम का काम कराते हैं। 

...मेडिकल कॉलेज तैयार होने पर होगी डॉक्टरों की बहाली : 
सदर अस्पताल में डाॅक्टरों की भारी कमी है। मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। कॉलेज निर्माण होने के बाद सभी खाली पदों पर बहाली की जाएगी।  : डॉ मधुसूदन प्रसाद, सिविल सर्जन, पूर्णिया।

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