मधुबनी : यातायात नियमों का उल्लंघन पर जुर्माने की राशि बढ़ायी गयी, कल से लागु - Live Aaryaavart

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शनिवार, 31 अगस्त 2019

मधुबनी : यातायात नियमों का उल्लंघन पर जुर्माने की राशि बढ़ायी गयी, कल से लागु

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मधुबनी (आर्यावर्त संवाददाता)  केन्द्रीय सरकार, मोटरयान संशोधन अधिनियम 2019 में अमूल परिवर्तन किये हैं। जिसके तहत् जुर्माने की राशि को कई गुना बढ़ाया गया है। नई जुर्माने की राशि दिनांक 01,09.2019 से लागू हो जायेगी। इसके लिए आम जन को जागरूक होने की आवश्यकता है।  उच्चतम न्यायालय द्वारा सड़क दुर्घटना को कम करने एवं सड़क सुरक्षा को कारगर बनाने के लिए केन्द्रीय सरकार को आगाह किया गया था। दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जुर्माना की राशि को बढ़ाया गया है। विशेषकर नाबालिग बच्चे जो अक्सर तेज रफ्तार से सड़क पर मोटरसाईकिल लेकर परिचालन करते हैं। इस अधिनियम में नाबालिक के अभिवावक के लिए दंड का प्रावधान किया गया ताकि सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।  जिला परिवहन पदाधिकारी, मधुबनी, श्री सुशील कुमार द्वारा सभी लोगों से अनुरोध किया गया है कि इस अधिनियम को सख्ती से लागू करने में सहयोग करें एवं इसका प्रचार-प्रसार भी करें। साथ ही सभी लोग यातायात नियमों का पालन करते हुए दुर्घटना का शिकार होने से बचें।  नये अधिनियम के तहत् जुर्माने की राशि के अनुसार धारा 177(सामान्य उल्लंघ) के तहत पूर्व में जुर्माना 100 रूपये था जुर्मानाा में संशोधन के पश्चात अब 500 रूपये, नई धारा 177 ए(सड़क नियमों का उल्लंघन) जुर्माना पहले 100 रूपये अब संशोधन के बाद 500 रूपये, धारा 178(बिना टिकट यात्रा करना) पहले 200 रूपये अब जुर्माना अब संशोधन के बाद 500 रूपये, धारा 179(अथाॅरिटी के आदेशों की अवहेलना) जुर्माना पहले 500 रूपये अब संशोधन के बाद 2000 रूपये, धारा 180(बिना लाइसेंस वाहन का अनाधिकृत उपयोग) जुर्माना पहले 1000 रूपये संशोधन के बाद 5000 रूपये, धारा 181(बिना लाईसेंस वाहन चलाना) पहले जुर्माना 500 रूपये संशोधन के बाद 5000 रूपये, धारा 182 बी निर्धारित सीमा से बड़े वाहन नई धारा के मुताबिक जुर्माना संशोधन के बाद 5000 रूपये, धारा 183 ओवर स्पीडिंग(गति सीमा का उल्लंघन) जुर्माना पहले 400 रूपये जुर्माना संशोधन के बाद एल0एम0वी के लिए 1000 रूपये, मध्यम श्रेणी के यात्री वाहनों के लिए 200 रूपये है। धारा 184(खतरनाक तरीके से वाहन चलाना) पहले जुर्माना 1000 रूपये, संशोधन के बाद 5000 रूपये तक, धारा 185(नशे में वाहन चलाना) पहले जुर्माना 2000, संशोधन के बाद 10000 रूपये, धारा 189(तेज रफ्तार वाहन चलाना या अनाधिकृत तरीके से रेस लगाना) पहले 500 रूपये, संशोधन के बाद 5000 रूपये, धारा 192(बिना परमिट के वाहन चलाना) पहले 5000 रूपये तक, संशोधन के बाद 10000 रूपये तक, धारा 193(लाईसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वाला वाहन चालकों का समूह यथा-ओला, कैब,उबेर इत्यादि) नई धारा के मुताबिक संशोधन के बाद 25,000 से 1,00,000 रूपये तक, धारा 194(ओवरलोडिंग) पहले 2000 रूपये और प्रतिटन 1000 रूपये अतिरिक्त जुर्माना संशोधन के बाद 20,000 रूपये एवं प्रतिटन 2,000 रूपये अतिरिक्त जुर्माना, धारा 194 ए(क्षमता से ज्यादा यात्री बैठाना) नई धारा में संशोधन के बाद 1000 रूपये प्रति अतिरिक्त यात्री, धारा 194 बी(सीट बेल्ट न लगाना) पहले 100 रूपये संशोधन के बाद 1000 रूपये, धारा 194 सी(दुपहिया वाहन पर ओवरलोडिंग) पहले 100 रूपये संशोधन के बाद 2000 रूपये जुर्माना साथ ही तीन माह के लिए लाइसेंस निरस्त, धारा 194ई(आपातकालीन वाहन को रास्ता न देना) नई धारा संशोधन के बाद 10,000 रूपये, धारा 196(बिना बीमा के वाहन चलाना) पहले 1000 रूपये संशोधन के बाद 2000 रूपये, धारा 199(नावालिग द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन) नई धारा के अनुसार अभिभावक अथवा वाहन स्वामी इसके लिए दोषी माना जायेगा, 25,000 रूपये का जुर्माना साथ ही तीन साल की सजा हो सकती है। नाबालिग पर जुबेनाईल जस्टिस एक्ट के तहत मुकदमा भी होगा तथा संबंधित वाहन का पंजीकरण भी निरस्त होगा। धारा 182(योग्यता के बिना वाहन चलाना) पहले 500 रूपये संशोधन के बाद 10,000 रूपये, धारा 210बी(कानून का पालन करानेवाले अथाॅरिटी के कर्मचारी द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन) नई धारा के मुताबिक संबंधित धारा के उल्लंघन का दोगुणा जुर्मानाा वसूला जायेगा। बिना हेल्मेट पहने दुपहिया वाहन चलाने पर पहले 100 रूपया संशोधन के बाद 1000 साथ में तीन माह के लिए लाईसेंस निरस्त कर दिया जायेगा।  हिट एंड रन मामले में पीड़ित को मुआवजा में पहले 25,000 रूपये था, संशोधन के बाद 2,00,000 रूपये मुआवजा किया गया है। बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र पहले 1000 रूपये संशोधन के बाद 10,000 रूपये कर दिया गया है। बिना निबंधन प्रमाण पत्र 5000 रूपये जुर्माना था, संशोधन के बाद 10,000 रूपये कर दिया गया है।

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