विश्व चैम्पियनशिप : सिंधू लगातार तीसरे फाइनल में - Live Aaryaavart

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रविवार, 25 अगस्त 2019

विश्व चैम्पियनशिप : सिंधू लगातार तीसरे फाइनल में

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बासेल (स्विट्जरलैंड), 24 अगस्त, भारतीय स्टार पीवी सिंधू ने शनिवार को यहां आल इंग्लैंड चैम्पियन चेन यु फेई पर सीधे गेम में मिली जीत से लगातार तीसरे फाइनल में प्रवेश किया जिससे वह विश्व चैम्पियनशिप का स्वर्ण पदक जीतने से महज एक कदम दूर हैं जबकि बी साई प्रणीत को केंटो मोमोटा से हारकर कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। सिंधू ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के पिछले दो चरण में लगातार रजत पदक हासिल किये, इसके अलावा उनके नाम दो कांस्य पदक भी हैं। हैदराबादी खिलाड़ी ने 40 मिनट तक चले सेमीफाइनल में चीन की दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी चेन यु फेई को 21-7 21-14 से शिकस्त दी। चौबीस साल की भारतीय खिलाड़ी अब रविवार को थाईलैंड की 2013 की विश्व चैम्पियन रतचानोक इंतानोन और जापान की 2017 की विजेता नोजोमी ओकुहारा के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता से भिड़ेंगी। सेमीफाइनल में अपने प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैं अच्छी तरह तैयार थी और शुरू से मैं बढ़त बनाये थी और अंत में जीत हासिल करने में सफल रही। दूसरे गेम में मैंने कुछ अनफोर्स्ड गलतियां की और फिर मैंने बढ़त हासिल की जिससे मेरे आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई। ’’  बी साई प्रणीत का बीडब्ल्यूएफ विश्व चैम्पियनशिप में शानदार सफर समाप्त हो गया और उनका आक्रामक प्रदर्शन फार्म में चल रहे मोमोटा के डिफेंस के सामने नहीं टिक सका जिससे उन्हें 41 मिनट तक चले मुकाबले में जापान के नंबर एक खिलाड़ी से 13-21 8-21 से हार का सामना करना पड़ा। 

इस हार के बावजूद प्रणीत ने शानदार उपलब्धि अपने नाम की। वह 36 साल में इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरूष खिलाड़ी बन गये। प्रकाश पादुकोण ने 1983 चरण में विश्व चैम्पियनशिप के पुरूष एकल में कांस्य पदक हासिल किया था।  ओलंपिक रजत पदकधारी सिंधू का मैच से पहले चेन के खिलाफ रिकार्ड 5-3 का था। उन्होंने शुरू में तेजी से बढ़त बनायी। सिंधू ने तेज तर्रार शाट से कमजोर रिटर्न का फायदा उठाया और अपनी प्रतिद्वंद्वी को पस्त किया। पहले ब्रेक में सिंधू ने 11-3 की बढ़त बनायी हुई थी। चेन का मुश्किल का दौर जारी रहा और वह लाइन से चूकती रही जिससे भारतीय खिलाड़ी ने मनमुताबिक अंक हासिल किये। इस तरह पहला गेम आसानी से जीत लिया। दूसरे गेम में चेन ने हालांकि बेहतर शुरूआत की और दोनों खिलाड़ी 3-3 की बराबरी पर थी। लेकिन चीनी खिलाड़ी की गलतियां जारी रहीं जिससे सिंधू ने बढ़त 10-6 कर ली। सिंधू ने चेन के बैकहैंड की कमजोरी का फायदा उठाया और ब्रेक तक 11-7 से आगे हो ली। भारतीय खिलाड़ी ने रैलियों के दौरान प्रतिद्वंद्वी को जरा भी मौका नहीं दिया और इन प्रयासों का उसे फल मिला। चेन ने कई अनफोर्स्ड गलतियां की और सिंधू ने जल्द ही बढ़त 17-9 कर ली और इसे भी जीत लिया। वहीं प्रणीत ने हालांकि अच्छी शुरूआत कर 5-3 की बढ़त बनायी। लेकिन मोमोटा ने ब्रेक तक इसे 11-10 कर दिया। जल्द ही चार अंक जुटाकर 15-10 से आगे हो गये। प्रणीत ने इसके बाद कई अनफोर्स्ड गलतियां की जिससे मोमोटा ने अंतर 18-12 कर दिया। प्रणीत की गलती से जापानी खिलाड़ी ने पहला गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम में दोनों 2-2 की बराबरी पर थे लेकिन भारतीय खिलाड़ी मोमोटा के तेज तर्रार शाट का जवाब नहीं दे सका और 2-9 से पीछे हो गया। ब्रेक तक मोमोटा 11-3 से आगे थे। उन्होंने जल्द ही इसे 15-5 कर दिया। प्रणीत के बैकहैंड से मोमोटा ने 19-8 बढ़त बना ली और जल्द ही जीत हासिल की।

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