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रविवार, 8 सितंबर 2019

पूर्णिया : हिंद खेत मजदूर पंचायत के सदस्यों की बैठक में श्रमिकों के अधिकारों व नियमों की दी गई जानकारी

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केनगर (आर्यावर्त संवाददाता) : हिंद खेत मजदूर पंचायत के तत्वाधान में झुन्नीइस्तम्बरा पंचायत के मनरेगा भवन  में रविवार को  एक दिवसीय श्रमिक जन सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता हिंद खेत मजदूर पंचायत के संगठक सुदेश शर्मा ने की। इस अवसर पर उन्होंने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि मजदूरों को अपने अधिकार के लिए संगठन को और मजबूत बनाना होगा। संगठन के बल पर ही मजदूरों को अपना अधिकार मिल सकता है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में मजदूरों का शोषण हो रहा है। सभी जगह लूटखसोट व भ्रष्टाचार हावी है। मजदूरों को हक दिलाने के लिए हम सभी को एकजुट होकर आगे आना होगा। मौके पर उपस्थित हिंद खेत मजदूर पंचायत के प्रखंड अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने गांव की समस्या उठाते हुए कहा कि यहां पर वर्षो से स्मशान घाट की मांग की जा रही है। लेकिन अबतक यहां के लोगों को स्मशान घाट के लिए जमीन नहीं दी गई है। जबक झुन्नीइस्तम्बरा पंचायत में सरकारी जमीन पड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि शमशान घाट नहीं रहने के कारण यहां के गरीब लोग अपने परिजनों की मृत्यू के बाद उसकी लाश को अपने घर के  दरवाजे या आंगन में दफनाते हैं। उन्होने बताया कि गरीबी के कारण लोगों को लाश जलाने के लिए रूपए नहीं है और शमशान घाट भी नहीं है। जिस कारण लोग अपने दरवाजे व आंगन में लाश को दफना देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले नदी किनारे में खुली जगह थी जहां लाशों का दाह संस्कार किया जाता था। अब वह सारा जगह आबाद हो चुका है। वहां लोग लाशों को जलाने या दाह संस्कार नहीं करने देते हैं। उन्होंने बताया कि यहां बिहार सरकार की जमीन उपलब्ध है। उसे शमशान घाट बनाने की मांग स्थानीय लोगों ने सरकार से की है। बहुजन क्रांति मोर्चा के प्रमंडलीय प्रभारी प्रो आलोक कुमार, भारत मुक्ति मोर्चा के प्रधान महासचिव बबलू गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि मजदूरों को आज भी सरकारी द्वारा मिलने वाला सरकारी लाभ शत प्रतिशत नहीं मिल रहा है। यह प्रशासनिक विफलता है। आज ठेकेदार बड़ी बड़ी मशीनों के द्वारा सब काम करवा रहे हैं। मजदूर भुखमरी के कगार पर है। सैकड़ों मजदूर अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़े वर्ग के लोग हैं। उनको रोजी रोजगार नहीं मिल रहा है। हिंद खेत मजदूर पंचायत के सचिव मो रहीम ने प्रवासी श्रमिकों के समस्याओं पर बोलते हुए कहा कि प्रवासी श्रमिकों को सरकार की योजनाओं का पूरा पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। बाल मजदूरों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की बात की गई। इस अवसर पर सिंपल कुमार रजक, खुशीलाल ऋषि, भागो देवी, वार्ड पंच मंजू देवी, वार्ड पंच घोलटु महतो, ललिता देवी, सुरेश ऋषि, सिकंदर ऋषि, लीला देवी, कतरी देवी ने भी अपने विचार रखे।

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