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गुरुवार, 12 सितंबर 2019

झारखण्ड : POSCO के तहत उप प्राचार्य पर कार्रवाई शुरू,धनबाद जेल भेजा गया

धारा 164 के तहत कोर्ट में बच्ची का बयान दर्ज कराया गया। बच्ची यह साफ तौर पर नहीं बता सकी कि उसके साथ किसने गलत किया। 
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धनबाद (आर्यावर्त संवाददाता) । आठ साल की मासूम छात्रा चम्पा कुमारी(काल्पनिक नाम) के साथ स्कूल के सिक रूम में दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। अगर यह मामला स्कूल के  उप प्राचार्य से जुड़ जाता है तो वह अत्यंत गंभीर मसला बन जाता है।

कतरास एरिया के डिनोबली स्कूल के उप प्राचार्य: 
इस स्कूल के उप प्राचार्य फादर पॉल जूलियन एक्का (54) और नर्स इमरेंसिया लोमडा (35) को मंगलवार को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में पेश किया। मजिस्ट्रेट ने दोनों को तत्काल जेल भेजने का आदेश दिया। छात्रा ने 164 के बयान में सिर्फ नर्स का नाम लिया था। मेडिकल जांच के बाद मनो रोग चिकित्सक ने छात्रा से बातचीत की। फिर उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। दोनों जगहों पर बातचीत के दौरान छात्रा ने उसके साथ गलत होने के लिए उप प्राचार्य पर ही संदेह जताया। मुकदमे में क्लास टीचर भी नामजद है। अनुसंधान में अभी तक उनके खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं मिला है। पुलिस अभी डिनोबली के और लोगों से पूछताछ करेगी।

छात्रा के परिजन ने कतरास थाना में एफआईआर दर्ज कराई:
परिजन द्वारा दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि उनकी पुत्री के साथ स्कूल के भीतर दुष्कर्म किया गया है। इसमें उप प्राचार्य, क्लास टीचर एवं नर्स को नामजद किया गया है। इसके बाद पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया। डीसी के आदेश पर सात सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने छात्रा की मेडिकल जांच की। पुष्टि हुई कि उसके साथ गलत हुआ है। फिर मनो रोग चिकित्सक ने छात्रा की काउंसलिंग की। इस दौरान छात्रा ने जो कुछ बताया, वह चौंकाने वाला था। उसे धमका दिया गया था जिस कारण वह 28 दिन तक खामोश थी। रक्तस्त्राव होने और तकलीफ बढऩे के बाद उसने परिजनों को हकीकत बयां की ।

परीक्षा में नंबर काटने की धमकी देकर किया था खामोशः 
छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के बाद परीक्षा में नंबर काटने की धमकी देकर उसे खामोश किया गया था। बाल कल्याण समिति एवं मनो रोग चिकित्सक की काउंसलिंग के दौरान यह बात सामने आई। पुलिस को जानकारी मिली कि 8 अगस्त को क्लास में छात्रा की तबीयत खराब हुई थी। उसे उलटी हो गई थी। कुछ देर बाद लंच ब्रेक होने को था। लंच ब्रेक के बाद क्लास टीचर ने छात्रा को सिक रूम भेज दिया था। वहां छात्रा को सफेद रंग की छोटी दवा दी गई थी। दवा खाने के बाद छात्रा तनिक अचेत हो गई थी तो उसके साथ गलत काम किया गया था। होश में आने के बाद छात्रा ने नर्स से सवाल किया कि उसके अंत:वस्त्र क्यों खुले हैं, शरीर के नाजुक हिस्से में दर्द क्यों हो रहा है तो नर्स ने धमकी दी थी कि ये बातें अपने घरवालों या किसी और को बताने पर परीक्षा में नंबर कट जाएंगे। इसके बाद मासूम बच्ची दर्द सहती रही। 23 अगस्त को स्कूल में अधिक रक्तस्त्राव हुआ था। बच्ची को अपने अंत:वस्त्र स्कूल में फेंकने पड़े थे।

एसएसपी के सामने कबूला कि डेढ़ घंटा सिक रूम में थी छात्राः
धनबाद एसएसपी किशोर कौशल ने सोमवार की रात 11 बजे से भोर साढ़े तीन बजे तक डिनोबली के उप प्राचार्य एवं नर्स से पूछताछ की। नर्स ने बताया कि किसी की तबीयत खराब होने पर 15 से 20 मिनट सिक रूम में रखने के बाद परिजनों को सूचना दे दी जाती है। एसएसपी ने पीडि़त छात्रा के मामले में पूछताछ शुरू की। चार घंटे तक पूछताछ में नर्स ने स्वीकार किया कि छात्रा डेढ़ घंटा तक सिक रूम में थी और इस दौरान कुछ देर के लिए वह सिक रूम से दूसरी ओर गई भी थी। यह भी स्वीकारा कि सिक रूम में उप प्राचार्य छात्रा को देखने गए थे। साढ़े चार घंटे की पूछताछ के दौरान नर्स और उप प्राचार्य के विरोधाभासी बयान सुनने के बाद एसएसपी ने दोनों को जेल भेजने का आदेश दिया।

चाईबासा, सोनुवा और बारीपदा में रह चुके हैं उप प्राचार्यः 
डिनोबली के उप प्राचार्य फादर पॉल जूलियन एक्का मूलत: लोहरदगा के हैं। वे पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल में हॉस्टल वार्डन थे। फिर सोनुवा के सेंट जॉन में प्राचार्य रहे। इसके बाद बारीपदा के लोयला स्कूल में प्राचार्य की जवाबदेही संभाली। 2018 में उन्होंने डिनोबली में बतौर उप प्राचार्य योगदान दिया।

चार साल पहले निर्मला सदन से डिनोबली गई थी नर्सः 
जेल गई नर्स इमरेंशिया लोमडा सिमडेगा में बानो की रहने वाली है। उसने जमशेदपुर में नर्सिंग की पढ़ाई की है। धनबाद की पार्क क्लिनिक में उसने कैरियर शुरू किया था। फिर गोविंदपुर के निर्मला सदन में कार्य किया था। 2015 में उन्होंने डिनोबली में बतौर नर्स योगदान दिया था।

बच्ची को न्याय मिले, कार्रवाई की मांग 
स्कूल में छात्रा के साथ हुई घटना को झारखंड अभिभावक महासंघ ने गंभीरता से लिया है। महासंघ के अध्यक्ष रणविजय सिंह ने कहा कि शहर से ऐसे स्कूलों को उखाड़ फेंकना चाहिए। इनके खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता है। उपाध्यक्ष मधुरेन्द्र सिंह ने कहा कि सीडब्ल्यूसी धनबाद के सदस्य को जानकारी दी गई है।  उपाध्यक्ष मुकेश पांडेय ने कहा कि अत्यंत ही गंभीर मामला है। इसमें दोषी किसी भी हाल में नहीं बचे। इसे लेकर अभिभावक महासंघ आगे जाएगा। मनोज मिश्रा ने कहा कि दोषी को निश्चित रूप से सजा होनी चाहिए। सोमवार को इस मामले में हमलोग डीसी व एसएसपी से मिलेंगे। महासंघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि हमलोग इस मामले में प्रधानमंत्री से लेकर सबों को ट्वीट कर जानकारी देंगे।

मामला गंभीर, त्वरित कार्रवाई हो: राज्य निशक्तता आयुक्त 
कतरास। कतरास के प्रसिद्ध एक स्कूल में आठ वर्षीया बच्ची के साथ घटना पर राज्य निशक्तता आयुक्त सतीशचंद्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। मामले को काफी गम्भीर बताया। कहा कि इस तरह की घटना समाज के लिए कलंक है। बाल अधिकार कार्यकर्ता व झारखंड ग्रामीण विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष शंकर रवानी ने कहा कि घटना निंदनीय है। पोक्सो अधिनियम के तहत सजा दिलाई जाएगी। बाल कल्याण परिषद के सदस्य प्रदीप पांडेय ने थानेदार से मिलकर मामले की जानकारी ली।

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