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गुरुवार, 24 अक्तूबर 2019

मधुबनी : पेड़ों के संरक्षण हेतु महाअभियान कार्यक्रम का डीएम ने किया शुभारंभ

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मधुबनी (आर्यावर्त संवाददाता) : जिला पदाधिकारी, मधुबनी, श्री शीर्षत कपिल अशोक द्वारा जिले के पुराने पेड़ों के संरक्षण की दिशा में महाअभियान की शुरुआत की गई। जिसे "सेविंग द गार्जियंस ऑफ मिथिला" का नाम दिया गया। इस अनोखे कार्यक्रम के लिए कार्यक्रम स्थल के रूप में रहिका प्रखंड अंतर्गत सुगौना पंचायत के वनदेवी परिसर को चुना गया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, जन प्रतिनिधि, जीविका दीदी और हरियाली प्रेमी पहुंचे थे। पुराने वृक्षों को महावृक्ष की संज्ञा देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि इस अभियान के तहत जिले के प्रत्येक पंचायत से कम से कम दस पेड़ों का चयन किया गया है, जिसके संरक्षण की जिम्मेदारी उसी गांव के लोगों पर होगी। इसके लिए प्रत्येक पंचायत से 10 लोगों से सहमति लेते हुए जिला स्तर पर उन्हें अपने परिवेश के उन पेड़ों के संरक्षक की भूमिका प्रदान की जाएगी। ताकि पुराने हो चले पेड़ों की सही देखभाल हो सके। उनका कहना था कि सामुदायिक चेतना को जागृत कर सामाजिक सरोकार से जुड़े हर संकल्प को पूरा किया जा सकता है। स्वयं कृषि क्षेत्र से आने वाले जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि पुराने वृक्षों ने अपने जीन की गुणवत्ता प्रमाणित कर दी है, जिसका मुकाबला आज के हाइब्रिड जीन पर आधारित नए पेड़ नहीं कर पाते। यदि हम पुराने हो चले वृक्षों के जीन आधारित नए-नए वृक्षों को लगाएं तो वे अधिक कारगर हो पाएंगे। अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मधुबनी में आई हुई बाढ़ की विभीषिका के दौरान उन्होंने पाया की पेड़ ना केवल मानवो बल्कि पशुओं और पक्षियों की रक्षा करने वाले भी बनकर सामने आए और बाढ़ के दौरान एक अभिभावक की भूमिका निभाते रहे। यह पेड़ हमारे ऐसे अभिभावक हैं, जो किसी से भी भेदभाव नहीं करते, वह सभी को एक समान छांव देते हैं। आज वक्त आ गया है, जब हम पुराने हो चले पेड़ों के संरक्षण का बीड़ा उठाएं और यह सब सामाजिक सहयोग से ही हो सकेगा। हम सभी पुराने पेड़ों की रक्षा करें और नए पेड़ों को भी लगाएं तो वह दिन दूर नहीं जब मधुबनी अपने नाम के अनुरूप मधुबन बन जाएगा। वनदेवी परिसर की प्रशंसा करते हुए उन्होंने वहां के सेवक रामअवतार यादव के प्रयास की भी सराहना की और कहा कि ऐसे ही मधुबनी के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर अवस्थित महावृक्षों और उनसे जुड़ी कथाओं के संग्रह का कार्य जिला प्रशासन द्वारा कराया जा रहा है। कला सर्किट, रामायण सर्किट के साथ-साथ यह क्षेत्र महान वृक्षों के सर्किट की संभावनाओं से भी जुड़ा है। लाखों पेड़ों में से कुछ एक पेड़ ही ऐसे होते हैं, जो सैकड़ों वर्षों तक मौजूद रह पाते हैं, अतः वक्त रहते ही इनके संरक्षण की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है। इस परिप्रेक्ष्य में यह कोशिश राज्य में चलाए जा रहे जल जीवन हरियाली अभियान की सफलता में एक अत्यंत उपयोगी प्रयास साबित होगा। इसके लिए जिला प्रशासन के साथ-साथ वन विभाग और जिले का कृषि विभाग सतत प्रयत्नशील है।  कार्यक्रम का संचालन डॉ अभिषेक कुमार द्वारा किया गया। मौके पर अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सदर मधुबनी श्रीमती रेणु कुमारी, वन विभाग के रेंजर श्री पी के सिन्हा, कृषि विभाग के सहायक निदेशक श्री पी एन झा सहित रहिका प्रखंड के प्रखंड प्रमुख प्रखंड विकास पदाधिकारी अंचल अधिकारी एवं सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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