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मंगलवार, 29 अक्तूबर 2019

वैश्विक आर्थिक परिदृश्य काफी हद तक भारत जैसे देशों पर निर्भर : मोदी

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रियाद, 29 अक्टूबर, बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के ‘असंतुलन’ को आर्थिक अनिश्चितता की वजह बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य काफी हद तक भारत और सऊदी अरब जैसे विकासशील देशों द्वारा तैयार किए गए ‘मार्ग’ पर निर्भर करता है।  ‘अरब न्यूज’ के साथ साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने यह बात कही। यह साक्षात्कार मंगलवार को प्रकाशित हुआ है। इससे पहले इसी महीने अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अपने परिदृश्य को घटा दिया था। आईएमएफ ने कहा था कि इस साल वैश्विक वृद्धि दर 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से सबसे कमजोर रहेगी।  आईएमएफ ने कहा था कि अमेरिका-चीन व्यापार विवाद और अन्य वैश्विक विवादों की वजह से इस साल वैश्विक वृद्धि दर तीन प्रतिशत रहेगी। आईएमएफ द्वारा जुलाई में लगाए गए अनुमान से यह 0.2 प्रतिशत कम है। 2018 में वैश्विक वृद्धि दर 3.6 प्रतिशत रही थी।  प्रधानमंत्री मोदी ने साक्षात्कार में कहा, ‘‘वैश्विक आर्थिक परिदृश्य काफी हद तक भारत जैसे विकासशील देशों द्वारा तैयार मार्ग पर निर्भर है। मैंने सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में कहा था कि हमारा ईमानदारी से मानना है कि सभी की वृद्धि के लिए हमें समन्वित प्रयासों की जरूरत है। इसमें सभी का भरोसा भी होना चाहिए।’’  मोदी ने कहा कि आज जो आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति बनी है वह असंतुलित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की वजह से है।  उन्होंने कहा, ‘‘जी-20 में भारत और सऊदी अरब असमानता को दूर करने और सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं।’’  यह पूछे जाने पर कि भारत और सऊदी अरब सहित अन्य देशों को कैसे वैश्विक आर्थिक सुस्ती से निपटना चाहिए, प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने कारोबार के क्षेत्र में कई सुधार किए हैं।  उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने कारोबार के अनुकूल माहौल पैदा करने के लिए कई सुधार किए है। इसके पीछे मकसद यह भी है कि हम वैश्विक वृद्धि और स्थिरता के लिए प्रमुख भूमिका में रहें। मुझे इस बात की खुशी है कि सऊदी अरब ने भी अपने दृष्टिकोण 2030 के तहत सुधार कार्यक्रम शुरू किया है।’’  मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने कारोबार की स्थिति को सुगम करने और निवेशकों के अनुकूल पहल के तहत कई सुधार किए हैं। इसका नतीजा है कि विश्वबैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग में 2019 में भारत 63वें स्थान पर आ गया है, ‘‘जबकि 2014 में इस सूची में हम 142वें स्थान पर थे। ’’  उन्होंने सरकार के मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, कुशल भारत, स्वच्छ भारत, स्मार्ट सिटीज और स्टार्ट अप इंडिया जैसे प्रमुख कार्यक्रमों का भी जिक्र किया और कहा कि इन पहल के जरिये विदेशी निवेशकों के लिए काफी अवसर पैदा हुए हैं। 

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