पश्चिम बंगाल में मनाया गया रसगुल्ला दिवस - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

गुरुवार, 14 नवंबर 2019

पश्चिम बंगाल में मनाया गया रसगुल्ला दिवस

bengal-celebrate-rosogolla-day
कोलकाता, 14 नवंबर, दो साल पहले इसी दिन बंगाल के रसगुल्ले को भौगोलिक पहचान (जीआई टैग) मिलने के उपलक्ष्य में पश्चिम बंगाल में गुरुवार को रसगुल्ला दिवस मनाया गया।  रसगुल्ले के बंगाली संस्करण के जनक नवीन चंद्र दास की बागबाजार स्थित प्रतिमा का मंत्री शशि पांजा की उपस्थिति में माल्यार्पण किया गया। नवीन चंद्र दास के वंशज और के सी दास प्राइवेट लिमिटेड के मालिक धीमान दास ने यह जानकारी दी।  धीमान दास ने कहा कि सड़क के बच्चों और आसपास के आश्रयगृहों के लोगों को इस अवसर पर रसगुल्ले खिलाए गए।  उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल के मिठाई उद्योग के इतिहास में पहली बार मिठाई की लगभग सभी दुकानों ने यह दिन रसगुल्ले को समर्पित किया है।”  शहर के पूर्वोत्तर भाग में स्थित राज्य सरकार के ‘मिष्टी हब’ में मिठाई की लोकप्रिय दुकानों में विविध प्रकार के रसगुल्ले प्रदर्शित किए गए। पश्चिम बंगाल हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकास निगम (हिडको) के एक अधियकारी ने यह जानकारी दी।  पश्चिम बंग मिष्ठान्न व्यवसायी समिति के अधिकारी अमिताभ डे ने बताया कि हुगली जिले में एक आयोजन में सैकड़ों लोगों को रसगुल्ले खिलाए गए। डे ने कहा, “सदियों से स्थापित सत्य की जीआई टैग ने पुष्टि की।”  गौरतलब है कि 2017 में रसगुल्ले के बंगाली संस्करण को जीआई टैग मिला था और ओडिशा को इस साल की शुरुआत में रसगुल्ले के ओडिशा संस्करण का टैग मिला था।

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...