भाजपा ने आम चुनाव के वक्त करायी थी नेताओं, पत्रकारों की जासूसी: कांग्रेस - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

रविवार, 3 नवंबर 2019

भाजपा ने आम चुनाव के वक्त करायी थी नेताओं, पत्रकारों की जासूसी: कांग्रेस

bjp-had-spied-politicians-journalists-during-general-elections-congress
नयी दिल्ली, 03 नवंबर, कांग्रेस ने केन्द्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया कि उसे इस साल अप्रैल-मई में बीते लाेकसभा चुनावों के समय इजरायली साॅफ्टवेयर पिगैसस के माध्यम से नेताओं, पत्रकारोंं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी कराये जाने की पूरी जानकारी थी और वह इस मामले में रहस्यमयी एवं षड़यंत्रकारी चुप्पी साधे हुए है।कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यहां संवाददाता सम्मेलन में अपने आरोपों के समर्थन में कुछ दस्तावेज पेश करते हुए कहा, “अबकी बार जासूस सरकार।” उन्होंने कहा कि फेसबुक एवं व्हाट्सएप के मालिक ने 17 मई को अपनी रिपोर्ट में केन्द्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को इस बारे में जानकारी दे दी थी। उन्होंने कहा कि जासूसी के लिए इजरायल निर्मित जिस पिगैसस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया, उसे निर्माता कंपनी केवल एवं केवल सरकार एवं उसकी सुरक्षा एजेंसियों को ही बेचती है।श्री सुरजेवाला ने रिपोर्ट के आधार पर यह दावा भी किया कि पिगैसस की जासूसी निगाह से नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) और विदेश संचार निगम लिमिटेड भी प्रभावित रहे हैं। इसका मतलब यह है कि कोई भी जासूसी के दायरे से अछूता नहीं था। उन्होंने कहा कि सरकार यह सब जानने के बावजूद एक रहस्यमयी एवं षड़यंत्रकारी चुप्पी साधे रही। अमेरिका में मामला 30 अक्टूबर को सामने आने के बाद संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्वीटर पर अगले दिन कहा कि उन्होंने कंपनी से जानकारी मांगी है ।उन्होंने कहा कि आज तक सरकार ने इस बारे में कुछ भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया है और पत्रकारों एवं संपादकों पर दबाव डाल कर सूत्रों के हवाले के झूठी बातें छपवा रही है। उन्होंने सरकार से पूछा कि वह बताये कि क्या चुनाव के लिए उसने राजनेताओं एवं पत्रकारों की जासूसी करवायी। क्या यह टेलीग्राफ अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम का उल्लंघन नहीं है। केन्द्र सरकार ने किसके कहने पर पिगैसस की खरीद एवं उसके गैरकानूनी इस्तेमाल की इजाजत दी। क्या यह काम प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार या गृहमंत्री ने किया था। केन्द्र सरकार ने इस पर रहस्यमयी चुप्पी क्यों साधे रखी। क्या सरकार इसके जिम्मेदार मंत्रियों या अधिकारियों पर कोई कार्रवाई करेगी।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से इस मामले में भाजपा की संलिप्तता उजागर हुई है उसके बाद पार्टी के नाम का अर्थ अब भारतीय जासूस पार्टी हो गया है। 

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...