झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 03 नवंबर - Live Aaryaavart

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रविवार, 3 नवंबर 2019

झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 03 नवंबर

4 नवंबर को कमलनाथ सरकार की विफलता को लेकर भाजपा करेगी किसान आक्रोश आंदोलन

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झाबुआ। भारतीय जनता पार्टी जिला झाबुआ द्वारा कमलनाथ सरकार की हर मोर्चे पर विफलता को लेकर 4 नंवबर को किसान आक्रोश आंदोलन के आयोजन को लेकर जिला भाजपा अध्यक्ष अेामप्रकाश शर्मा के अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। तथा 4 नंवबर को प्रातः 11 बजे राजवाडा चैक से विशाल रैली के रूप में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता कलोक्टोरेट झाबुआ पहुचेगे। जिसमें किसान आक्रोश आंदोलन की प्रमुख तीन मांगे जिसमें किसानो को 2 लाख तक का कर्जा माफ करने, अतिवृष्टि से चैपट फसलो का मुआवजा देने तत्काल दिये जाने तथा बिजली का बील हाफ करने ओर बढे हुये बील माफ करने की मांग शामिल है। इस अवसर पर भाजपा के द्वारा बीजली के बीलो की होली भी जलाई जायेगी। कार्यलय मंत्री महेन्द्र तिवारी ने जानकारी देते हुये बताया  िकइस आंदोलन में आपदा प्रबंधन में नाकाम रही मप्र सरकार, फसल बीमा दिलाने में प्रभावी कार्यवाही करने , कर्ज माफी का वचन निभाने, किसानो को फसल बीमा का लाभ देने, सभी अधिसुचित फसलो की खरीदी करने, मंडिया ेमें किसानो को नगद भुगतान किये जाने, मक्का की खरीदी समर्थन मुल्य पर किये जाने, वर्ष 2018-19 में खरीद की गई फसलो का तत्काल भुगतान करने , भावांतर राशी का भुगतान करने, फसल बीमा का लाभ दिये जाने,बीजली आपूर्ती 24 घंटे रखे जाने,खेती के लिये कम से कम 12 घंटे बीजली देवे, बिजली उपभोक्ताओ के साथ धोखा बंद करने, बडे हुये बिजली के बीलो की राशी माफ करने, किसानो को गेहु बीज अनुदान पर देने, कृषि उपकरणो पर अनुदान देने, पशुआ के उपचार के लिये अभियान चलाये जाने, हर पंचायत मे गौशाला खोले जाने, किसान सम्मान निधि योजना से किसानो का वंछित नही करने, बेरोजगारो को रोजगार देने या बेरोजगारी भत्ता देने, विकास कार्य किये जाने , रिक्त पदो की भर्तीया तत्काल किये जाने, मच्छरो व वर्षाजनित किडो से निजात दिलाने की मांग प्रमुख है। नगर में मुख्य मार्गो  से होती हुये रैली कलेक्टोरेट कार्यालय पहुचेगी तथा वह ज्ञापन सौंपकर बिजली बीलो की होली जलाई जायेगी। इस अवसर पर  बैठक में खवासा सरपंच व मंडल अध्यक्ष रमेश बारिया का पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरूस्कार योजना में केेन्द्रिय मंत्री नरेन्द्र सिह तोमर द्वारा सम्मानित होने पर बैठक में जिला भाजपा अध्यक्ष ओम शर्मा , प्रवीण सुराणा, शैलेष दुबे ने पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया। बैठक में नगर मंडल अध्यक्ष बबलू सकलेचा, अजय पंवार, भूपेश सिंगोड, मुकेश मेहता, बंटी डामर, राजेश वसुनिया, कलमसिंह, सरदारसिंह डावर, ओर सोनी विश्वकर्मा सहित बडी संख्या में भाजपाई उपस्थित रहे।

झाबुआ के बहादुर सागर तालाब पर छठ पूजा के लिए वार्ड पार्षद ने करवाई घाट की सफाई, ताकि श्रद्धालुओं को पूजन करने में ना हो परेषानी  

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झाबुआ। शहर के काॅलेज मार्ग पर स्थित बहादुर सागर तालाब (बड़ा तालाब) के आजाद वाटिका के समीप स्थित घाट पर प्रतिवर्ष महिलाओं द्वारा छठ पर्व पर शाम को अस्त होते सूर्य देवता एवं अगले दिन उदय होते सूर्य देवता की पूजन विधि-विधानपूर्वक की जाती है। पूजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेषानी ना हो, इस हेतु वार्ड के युवा पार्षद पपीष पानेरी द्वारा नगरपालिका सीएमओ से चर्चा कर अमले से पूरे घाट की विषेष सफाई करवाई गई है। वार्ड पार्षद श्री पानेरी को उनके ही वार्ड के कुछ रहवासी महिला-पुरूषों, जिनके द्वारा प्रतिवर्ष बड़ा तालाब किनारे छठ पूजा की जाती है, इस दौरान असुविधा का सामना ना करना पड़े, इस हेतु पार्षद श्री पानेरी से घाट की विषेष सफाई करवाने हेतु निवेदन किया गया। रहवासियों की इस मांग पर तत्काल संज्ञान में लेते हुए पार्षद श्री पानेरी ने नपा सीएमओ एलएस डोडिया एवं सफाई प्रभारी से चर्चा कर घाट पर सफाई करवाने हेतु कहा गया।

लोक निर्माण शाखा ने किया सफाई कार्य
जिसके बाद नगरपालिका की लोक निर्माण शाखा के कर्मचारी मोतीलाल मांगीलाल गुर्जर, धर्मेन्द्र रमेष हटिला, झीतरा कालिया आदि ने सफाई वाहन के साथ घाट पर पहुंचकर जमीन पर समतलीकरण कर रिपेयरिंग कार्य करते हुए मिट्टी का भराव किया। तालाब के किनारे पर पानी में फैला कूड़ा-कचरा एवं गंदगी की भी सफाई की। इसके साथ ही घाट के आसपास गुंबजों के समीप पसरी घास-पुंस को भी काटकर उसे वाहनों में भरकर अन्यत्र स्थान पर फिंकवाया। जिसके बाद घाट का सौंदर्यीकरण देखते ही बना। वार्ड पार्षद की इस पहल के लिए उनका महिलाओं ने आभार माना।

जीवन में मूल्यों को बढाने के लिये  श्रेयस मार्ग ही सभी के लिये  हितकारी होता है - राजेन्द्र चैरे
श्री सत्यसाई सेवा संगठन के प्रांतीय सेवादल प्रभारी ने झाबुआ समिति में भेंट  कर दिया मार्गदर्शन
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झाबुआ । सत्य,धर्म,शांति एवं अहिंसा का महामंत्र देने वाले श्री सत्यसाई बाबा के संकल्पों के अनुरूप पूरे विश्व में सत्य साई सेवा संगठनों द्वारा जो  आध्यात्मिक एवं सेवा गतिविधिया संचालित की जारही है वह प्रत्येक सेवा कार्य करने वाले व्यक्ति को आन्तरिक सुकुन प्रदान कर रही है। श्री सत्यसाई बाबा आज भी हम सभी के बीच मे विद्यमान है और हमारा पथ प्रदर्शन करते हुए सदमार्ग पर चलने का सन्देश सतत देते रहते है। ईश्वर निराकार होने के बाद भी जब वह साकार स्वरूप  में अवतरित होता है तो मानव मात्र को एक ऐसी उर्जा प्रदान करता है जो सतत चलती रहती है  । हमारी सृष्टि की रचना ही प्रेम से हुई है, प्रेम ही ईश्वर स्वरूप  होता है   और हम सभी ईष्वर के ही अंश ही है । इस युग मे नाम स्मरण , नारायण सेवा, बाल विकास कार्यक्रम का संचालन करना यह हमे हमारे सदगुरू से प्राप्त हुआ है। भजन पूजन से अधिक प्रभावशाली सेवा कार्य होते है । आज के भोतिक युग में शहरीकरण के कारण सभी सांसरिकता में ही व्यस्त है। यदि संसार मे ही रहते हुए भगवान के प्रति लगन रखी जावे, नाम संकीर्तन जावे तो  हम इह लोक के साथ ही भवलोक भी सुधार सकते है।’’ उक्त बात श्री सत्यसाई सेवा संगठन मध्यप्रदेश के प्रदेश सेवा प्रभारी राजेन्द्र चैरे ने झाबुआ प्रवास के दौरान शनिवार को श्री सत्यसाई सेवा समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुई कही । एक दिवसीय प्रवास पर आये श्री चैरे ने कहा कि हमारे जीवन में दो मार्ग होते है पहला श्रेयस मार्ग जिसमें टेलीविजन देखना, मोबाईल देखना, चकाचैध की जिंदगी जीना है और दूसरा मार्ग है श्रंयस मार्ग जिसमें साधना, सेवा ,नाम स्मरण, सदसाहित्य पढना आदि आता हे । इसलिये  जीवन में मूल्यों को बढाने के लिये श्रेयस मार्ग ही सभी के लिये  हितकारी होता है  । श्री चैरे ने आगे कहा कि विज्ञान के इस युग में सुविधाये ंतो बढी है किन्तु टेंशन भी इसके साथ बढे है । चारों तरफ स्पर्धा का वातावरण है, मानव में संवेदनाये ंसमाप्त होती जारही है । श्री सत्यसाई बाबा ने कहा था कि यदि मनुष्य को अपना भला करना है तो उसे अपने इष्ट का नाम स्मरण करना चाहिये जिससे चंचल मन संसार की और जाने की बजाय उस पर नियंत्रण किया जासकता है । उन्होने कहा कि जीवन भर हम बटोरने में लगे रह ते है किन्तु अंत समय में केवल भगवान का स्मरण एवं नाम ही जाता है । संसार मे  रहते हुए भी हमे स्मरण के माध्यम से अपना जीवन सुखमय एवं खुशहाल बना सकते है ।ईश्वर एक है किसी का भी नाम लो किन्तु सच्ची श्रद्धा के साथ लेना चाहिये ।नाम स्मरण से भगवान में पूरा ध्यान लग जाता है । इसलिये जीवन में हमे संसार मे रहते हुए भी आध्यात्मिकता, ईश्वर के प्रति दृढ विश्वास, नाम संकीर्तन, अभ्यासमंडल के माध्यम से धार्मिक एवं आध्यात्मिक चर्चा, बच्चों में संस्कार देने का काम करना चाहिये । अहंकार की गाडी हमेशा तेज रहती है जीवन में अहंकार नही हो ना चाहिये अहंकार जब दूर हो जायेगें तभी जीवन मे चमत्कार होगें ।
श्री सत्यसाई सेवा समिति के कार्यक्रम में धारर झेान के डिस्ट्रीक्ट प्रेसिडेंट धीरेन्द्र परिहार, सेवा प्रभारी मांगलाल देवडा के अलावा सौभाग्यसिंह चैहान, राजेन्द्र सोनी, नगीन पंवार, हिमांशु पंवार, गजानन यावले, श्रीमती ज्योति सोनी, आज्ञा छाबडा, विनोद यावले, आदि उपस्थित थे ।  डिस्ट्रीक्ट प्रेसिडेंट धीरेन्द्रसिंह पहिार ने परिचय कराते हुए स्वागत भाषण दिया । इसके पूर्व श्री सत्यसाईसाई बाबा के चित्र पर मात्रार्पण एवं दप प्रज्वलन किया गया ।

समाजजनों के घर-घर पधारकर अष्ट प्रभावक एवं पंन्यास प्रवर कर रहे पगलियाजी, जीवन में अनुषासन एवं धर्म की महत्वता का पढ़ाया जा रहा पाठ

झाबुआ। श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में चल रहे श्री नवल स्वर्ण जयंती चातुर्मास अब अपने समापन की ओर है। इसी बीच राजस्थान केसरी अष्ट प्रभावक आचार्य नरेन्द्र सूरीष्वरजी मसा ‘नवल’ एवं पंन्यास प्रवर जिनेन्द्र विजयजी मसा ‘जलज’ द्वारा पोषध शाला भवन में प्रवचन देने के साथ समाजजनों के घर-घर पधारकर पगलियाजी कर रहे है। समाजजनों को धर्म उपदेष दिया जा रहा हेै। अष्ट प्रभावक नरेन्द्र सूरीष्वरजी मसा एवं पंन्यास प्रवर जिनेन्द्र विजयजी मसा का विगत 10 जुलाई को झाबुआ शहर में ऐतिहासिक मंगल प्रवेष ऐतिहासिक शोभयात्रा के साथ हुआ था एवं 11 जुलाई से झाबुआ में श्री नवल स्वर्ण जयंती चातुर्मास का आगाज हुआ। चातुर्मास के दोरान समाजजनों में जप, तप, आराधना की झड़ी लगी रहीं। अनेक धार्मिक अनुष्ठान भी इस दौरान संपन्न हुए। पर्यूषण महापर्व भी मनाया गया। चातुर्मास का समापन 11 नवंबर को होगा। 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर अष्ट प्रभावक एवं पंन्यास प्रवर बावन जिनालय से श्री गोड़ी पाष्र्वनाथ तीर्थ पधारेंगे। यहां उनकी निश्रा में विभिन्न र्धािर्मक कार्यक्रम संपन्न होंगे।

घर-घर पगलियाजी कर दे रहे धर्म उपदेष
अष्ट प्रभावक एवं पंन्यास प्रवर द्वारा सिद्धेष्वर काॅलोनी में अभय धारीवाल के निवास पर पगलिया कर धर्म उपदेष दिया। बाद यहां से नरेन्द्र पगारिया के निवास पर भी पहुंचकर पगलियाजी किए। हेमेन्द्र बाबेल के निवास पर मसा ने पगलियाजी कर मसाद्वय ने जीवन में अनुषासन एवं धर्म की महत्वता को प्रतिपादित किया।

श्वेतांबर जैन श्री संघ एवं परिषद् परिवार के 60 सदस्यों द्वारा की गई जैन तीर्थों की यात्रा, लाभार्थी अरविन्द मुकेष लोढ़ा परिवार का किया गया बहुमान

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झाबुआ। श्वेतांबर जैन श्री संघ एवं परिषद् परिवार झाबुआ द्वारा 2 नवंबर, शनिवार को शहर के राजवाड़ा से दर्षन-वंदन यात्रा की शुरूआत की गई। यात्रा में कुल 60 सदस्यगण शामिल हुए। सभी सदस्यगणों द्वारा मोहनखेड़ा तीर्थ, भोपावर तीर्थ, अमीझरा पाष्र्वनाथ तीर्थ के दर्षन-वंदन करने के साथ ही धार में परम् विदुषी साध्वी अविचल दृष्टा श्रीजी एवं बड़नगर में साध्वी श्री अनेकांतलता श्रीजी मसा के दर्षन-वंदन का भी लाभ लिया गया। संपूर्ण यात्रा की जानकारी देते हुए श्वेतांबर जैन श्री संघ अध्यक्ष संजय मेहता ने बताया कि 2 नवंबर, शनिवार को अलसुबह 6 बजे शहर के राजवाड़ा से श्वेतांबर जैन श्री संघ एवं परिषद् के करीब 60 सदस्यगण बस द्वारा यात्रा के लिए रवाना हुए। सबसे पहले यात्री बस द्वारा मोहनखेड़ा तीर्थ पहुंचे। मोेहनखेड़ा में आदिनाथ भगवान एवं दादा गुरूदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरीष्वरजी मसा के दर्षन करने के बाद यहां से भोपावर तीर्थ के लिए रवाना हुए। भोपावर तीर्थ परी शांतिनाथ भगवान के दर्षन-वंदन पश्चात् यहां यात्रा के लाभार्थी अरिवन्द्रकुमार, मुकेषकुमार, श्रीमती ज्योति लोढ़ा परिवार का बहुमान माला पहनाकर एवं शाल ओढ़ाकार श्वेतांबर जैन श्री संघ के वरिष्ठ धर्मचन्द मेहता, हुक्मीचंद छाजेड़, वागमल कोठारी एवं आरएन जैन आदि सहित समस्त सदस्यगणों ने मिलकर किया।

पाश्र्वनाथ भगवान की आरती की गई
प्राचीन अमीझरा पाष्र्वनाथ तीर्थ पर श्री संघ एवं परिषद् द्वारा पाष्र्वनाथ भगवान की आरती की गई। आरती का लाभ श्रावकरत्न धर्मचन्द मेहता परिवार ने किया एवं मंगल दीप करने का लाभ मुकेष जैन ‘नाकेड़ा’ ने लिया। इसके बाद संघ यहां से धार में विराजित पुण्य सम्राट राष्ट्रसंत आचार्य श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीष्वरजी मसा के पट्टधर आचार्य नित्यसेन सूरीजी एवं जयत्रन सूरीष्वरजी मसा की आज्ञानुवर्तिनी परम् विदुषी साध्वी अविचल दृष्टा श्रीजी के दर्षन-वंदन कर उनसे झाबुआ पधारने की विनती की। साथ साध्वी श्रीजी के प्रवचनों का भी लाभ लिया।

बड़नगर से किया झाबुआ के लिए प्रस्थान
इस दौरान श्री संघ धार के मोहित तांतेड़ आदि द्वारा यात्रा के लाभार्थी लोढ़ा परिवार एवं श्री संघ के वरिष्ठ मनोहरलाल भंडारी, संजय मेहता, मुकेष जैन नाकोड़ा आदि का बहुमान किया गया। अंत में बड़नगर में विराजित परम् पूज्य साधवी श्री अनेकांतलता श्रीजी आदि ठाणा के दर्षन-वंदन कर उनसे झाबुआ पधारने की विनती कर यहां भी उनके प्रवचनों का सभी ने लाभ लेने के बाद बड़नगर से पुनः झाबुआ के लिए प्रस्थान किया।

पपू गणि राजेन्द्र विजयजी मसा से कवाट (गुजरात) पहुंचकर भारतीय जैन संघटना एवं मालवा जैन महासंघ ने दर्षन-वंदन कर झाबुआ पधारने की विनती की
25 एवं 27 नवंबर को स्वेटर वितरण समारोह में पधारेंगे राजेन्द्र विजयजी
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झाबुआ। आदिवासी समाज के मसीहा परम् पूज्य गणि राजेन्द्र विजयजी मसा, जो वर्तमान में कवाट (गुजरात) में विराजमान है। 1 नवंबर, शुक्रवार को ज्ञान पंचमी के शुभ अवसर पर उनके दर्षन-वंदन के लिए झाबुआ से मालवा जैन महासंघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं भारतीय जैन संघटना के वरिष्ठ संरक्षक यषवंत भंडारी एवं जिला पदाधिकारी संजय जैन (जगावत) ने पहुंचकर मसा के दर्षन-वंदन करने के बाद उनसे चर्चा की। इस दौरान गणिवर्य सेे 25 एवं 27 नंवबर को आयोजित होने वाले स्वेटर वितरण समारोह में पधारने हेतु विनती की। पूज्य श्री ने अनुकुलता अनुसार आने की बात कहीं। ज्ञातव्य है कि मंुंबई के दानवीर जैन ‘मित्र’ शैलेन्द्र घीया द्वारा मालवा जैन महासंघ एवं भारतीय जैन संघटना के सहयोग से आगामी शीत ऋतु को देखते हुए बच्चों को ठंड से निजात के लिए 10 हजार से अधिक स्वेटरों का वितरण का भव्य कार्यक्रम झाबुआ जिले में रखा जा रहा है। जिसमें गणिवर्य से पधारने हेतु विनती करने के लिए ही यषवंत भंडारी एवं संजय जैन (जगावत) कवाट (गुजरात) पहुंचे और यहां पपू राजेन्द्र विजयजी मसा के दर्षन-वंदन करने के बाद उन्हें संपूर्ण आयोजन की जानकारी दी एवं पधारने हेतु भावभरा निवेदन किया।

पारा एवं कालीदेवी में होने वाले कार्यक्रम में पधारेंगे
गणिवर्य ने अपने आदि ठाणा-3 के साथ 24 नवंबर को पारा मंे प्रवेष करने एवं 25 नवंबर को शासकीय विद्यालय में होने वाले स्वेटर वितरण कार्यक्रम में अपनी निश्रा प्रदान करने की बात कहीं। वहीं 27 नवंबर को कालीदेवी के ग्राम रोटला में स्थित आश्रम में स्वेटर वितरण कार्यक्रम में आने की अनुकूलता व्यक्त की। दोनों स्थानों पर राजेन्द्र विजयजी की निश्रा एवं जैन मित्र शैलेन्द्र घीया की उपस्थिति में स्कूली बच्चों को स्वेटर वितरण किए जाएंगे। रोटला आश्रम में बच्चों को संस्कारवान बनाने के विषय पर गणिवर्य द्वारा व्याख्यान भी दिए जाएंगे।

जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक सम्पन्न
    
झाबुआ । कलेक्टर श्री प्रबल सिपाहा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक संपन्न हुई । बैठक में संबधित विभागो के अधिकारी/कर्मचारी एवं संथा. अध्यक्ष उपस्थित हुए। इस वर्ष जिले में पर्याप्त वर्षा होने से तालाबो में पूर्ण जल भराव हुआ है, अतः पेयजल हेतु आरक्षित जल के उपरांत षेष उपलब्ध जल में से रबी सिंचाई हेतु 1 पलेवा सहित 3 बार जल उपलब्ध होगा। इस वर्ष जिले मे माही वृहद् परियोजना की नहर विस्तारीकरण होने से 22670 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है एवं 234 लघु सिंचाई योजनाओ से उपलब्ध जल अनुसार 44390 हक्टेयर क्षेत्र में रबी सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है।

मध्यप्रदेश ने पर्यटन के क्षेत्र में बनाई अन्तर्राष्ट्रीय पहचान-मंत्री श्री बघेल
पर्यटन विकास निगम के उत्कृष्ट अधिकारी-कर्मचारी पुरस्कृत
झाबुआ । पर्यटन मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने पलाश ह¨टल में आय¨जित हाॅफ ईयरली मैनेजर्स मीट में पर्यटन विकास निगम के अधिकारिय¨ं-कर्मचारिय¨ं क¨ उत्कृष्टता पुरस्कार 2018-19 प्रदान किये। श्री बघेल ने बताया कि विगत दस माह में ज¨ पहचान बनाई है, उसके लिये निगम के अधिकारी-कर्मचारी प्रशंसा के पात्र हैं। मंत्री श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश मे पर्यटन के क्षेत्र में र¨जगार अ©र निवेश की व्यापक संभावना हैं। इसके लिये निगम कर्मी प्र¨फेशनल नजरिये से काम करें। पर्यटन नीति के अन्तर्गत फिल्म टूरिज्म, एडवेन्चर टूरिज्म एवं वाटर टूरिज्म की गतिविधिय¨ं का विस्तार करें। श्री बघेल ने इन क्षेत्र¨ं में निवेश की य¨जना तैयार करने क¨ कहा। सचिव पर्यटन श्री फैज अहमद किदवई ने कहा कि ह¨टल्स अ©र रिसाॅर्टस द्वारा स्थानीय स्तर पर पर्यटन की जानकारी एकत्रित कर स¨विनियर प्रकाशित की जाये। इसमें ब्रांडिंग अ©र स्थानीय पर्यटन की जानकारी समाहित ह¨। पर्यटन की प्रापर्टी का ब्र¨शर भी तैयार करें। उन्ह¨ंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में स्टे-ह¨म से पर्यटक¨ं क¨ लुभाया जा सकता है। ये जानकारी ह¨टल्स अ©र रिसाॅर्टस की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराएँ। श्री किदवई ने कहा कि केरल राज्य की तरह मध्यप्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में प्लास्टिक का उपय¨ग प्रतिबंधित करने के प्रयास किये जाएंगे।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना रू अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को रोजगार
   
झाबुआ । मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का लाभ उठाने के लिए अनुसूचित जाति वर्ग के बेरोजगार इच्छुक युवा अपना ऋण आवेदन कियोस्क सेंटर पर पहुचकर एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बूमसिंतमण्उचवदसपदमण्हवअण्पद लिंक कर उठा सकते है। योजना का लाभ लेने हेतु आवेदक को अनुसूचित जाति वर्ग का स्थाई जाति प्रमाण-पत्र जो अनुविभागीय अधिकारी द्वारा जारी हो। जिले का मूल निवासी हो। न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण हो। अभ्यर्थियों की आयु सीमा 18 वर्ष से 40 वर्ष तक हो। आवेदक किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक अथवा वित्तीय संस्था का डिफॉल्टर न हो और आयकरदाता भी न हो। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत उद्योग एवं सेवा इकाई स्थापित करने हेतु 10 लाख एक रूपए से 2 करोड रूपये का ऋण बैंकों के माध्यम से तथा शासन द्वारा 15 प्रतिशत के मान से अधिकतम 12 लाख मार्जिन मनी, अनुदान दिया जायेगा। हितग्राही बीपीएल श्रेणी का होने की स्थिति में मार्जिन मनी, अनुदान राशि 20 प्रतिशत अधिकतम 18 लाख देय होगी।

प्रदेश की स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने ठोस कदम उठाये जायेंगे - शिक्षा मंत्री डॉ. चैधरी
   
झाबुआ । स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चैधरी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने के लिये प्रतिबद्ध है। शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिये ठोस कदम उठाये जायेंगे। डॉ. चैधरी गत दिवस भोपाल के मिंटो हॉल में आयोजित दो दिवसीय स्टीम कॉन्क्लेव-2019 के समापन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया के स्कूलों की स्टीम पद्धति से प्रेरित होकर प्रदेश में इस पद्धति को लागू करने पर विचार करने के लिये ही स्टीम कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। दो दिवसीय कॉन्क्लेव में सामने आये सुझावों पर मंथन कर ‘स्टीम’ को लागू करने पर विचार किया जायेगा। डॉ. चैधरी ने कहा कि ‘स्टीम’ पद्धति के अंतर्गत साइंस, टेक्नालॉजी, इंजीनियरिंग, आर्ट्स, मैथेमेटिक्स को रूचिकर तरीके से पढ़ाया जाता है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में केवल स्कूल शिक्षा पर केन्द्रित कैबिनेट आयोजित की जायेगी, जिसमें स्कूल शिक्षा को बेहतर बनाने के लिये अहम् निर्णय लिये जायेंगे। इस मौके पर प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने कहा कि शिक्षक का जीवन में महत्वपूर्ण स्थान होता है। हम आज जो भी हैं उसके पीछे हमारे शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे अपने काम की महत्ता समझते हुए पूरे मनोयोग से कर्त्तव्यों का निर्वहन करें। समापन सत्र में पैनल डिस्कशन के अलावा शंकर महादेवन अकादमी से जुड़े संगीतकार श्री कार्तिक रमन द्वारा ‘संगीत से शिक्षा’ पर केन्द्रित सत्र में अत्यंत मनोरंजक तरीके से संगीत के माध्यम से गणित और अन्य विषयों के अध्यापन के संबंध में बताया गया। स्टीम कॉन्क्लेव में विधायक श्री लक्ष्मण सिंह के अलावा पूर्व प्राथमिक शिक्षा, प्रारंभिक शिक्षा, सेकेण्डरी शिक्षा और टीचर एजुकेटर्स सहित 500 प्रतिभागी भी शामिल हुए।

ग्रामीण क्षेत्र¨ं में सप्ताह में द¨ दिन सेवाएँ देंगे पशु चिकित्सक
  
झाबुआ । पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने निर्देश दिये हैं कि ग्रामीण क्षेत्र¨ं में पशु चिकित्सक¨ं की कमी क¨ देखते हुए शहरी क्षेत्र¨ं में पदस्थ चिकित्सक अब सप्ताह में द¨ दिन अनिवार्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र¨ं में अपनी सेवाएँ देंगे। यादव ने कहा कि सर्वाधिक दुधारू एवं खेती के उपय¨ग में आने वाले पशुअ¨ं का पालन ग्रामीण क्षेत्र¨ं में किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र¨ं में चिकित्सक¨ं के अभाव में इन पशुअ¨ं क¨ पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध नहीं ह¨ पाती हैं। अधिकतर चिकित्सक अपनी सेवाएँ शहरी क्षेत्र¨ं में देना चाहते हैं। ग्रामीण क्षेत्र¨ं में पदस्थ चिकित्सक¨ं पर द¨-तीन अन्य चिकित्सालय¨ं का प्रभार ह¨ने के कारण वे अपनी संत¨षप्रद सेवाएँ नही दे पा रहे हैं। पशुपालन मंत्री यादव ने ग्रामीण क्षेत्र¨ं में पशु चिकित्सक¨ं द्वारा सप्ताह में द¨ दिन अनिवार्य सेवाएँ देना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिये हैं। यह व्यवस्था संचालनालय तथा संभागीय कार्यालय¨ं में पदस्थ पशु-चिकित्सक¨ं अ©र सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारिय¨ं पर भी लागू ह¨गी।

पशु धन संजीवनी योजना में देना होगा शुल्क
   
झाबुआ । म.प्र. शासन की पशु धन संजीवनी 1962 योजना के अंतर्गत अब शासन द्वारा टोल फ्री नम्बर 1962 पर पशु पालक द्वारा फोन करने पर घर पहुंच उपचार सेवा हेतु प्रति पशु 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। अतः अब पशु पालक को पशु धन संजीवनी 1962 पर कॉल कर उपचार करने हेतु बुलाने पर प्रति पशु 100 रु. का भुगतान करना होगा। विभाग द्वारा शुल्क प्राप्ति रसीद भी पशु पालक को दी जायेगी।

डेंगु से बचाने हेतु सावधानी बरतना आवश्यक
     
झाबुआ । डेंगु डेन वायरस से फैलने वाली वायरस जनित संक्रामक रोग है, जो डेंगु संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में संचारी होता हैं। यह रोग संक्रमित मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन के समय प्रायः सुबह व शाम के समय काटता है। डेंगु का कोई टीका या दवा नहीं है। एडीज मच्छर के काटने से बचाव व संक्रमित मच्छरों के लार्वा का विनिष्टीकरण ही इसका एकमात्र उपाय हैं। एक बार शरीर में डेन वायरस का संक्रमण होने के बाद डेंगु बुखार के लक्षण  5-6 दिन पश्चात् प्रकट होते हैं। इस हेतु घबराने की जरूरत नहीं होती हैं इस अवस्था में रोगी को मच्छरदानी में पूर्ण आराम करने व जल-उपचार(जैसे-षिकंजी, नीबु पानी, ओआरएस, नारियल पानी, ग्लुकोस इत्यादि के द्वारा शरीर में जल की पूर्ति ) करने की सलाह दी जाती हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बारिया ने बताया कि आमजन को डेंगु से बचाव के लिये निम्न सावधानियां बरतना चाहिए - डेंगु मच्छर के लार्वा घर के साफ पानी में पनपते है, घरों में लंबे समय तक बर्तनों में जल संग्रह ना करें, कुलर की पुरानी घास जला दें क्योंकि पुरानी घासों में डेंगु मच्छर का अंडे सूखी अवस्था में भी जीवित रहते है तथा कुलर का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य ही खाली करें, घर के अंदर रखें बर्तनों, पक्षियों के सिकोरों व मवेशियों को पानी पिलाने के टंकियों व कंटेनरों की साफ सफाई रखें, घर के आसपास पानी जमा न होने दे निकासी की व्यवस्था करे निकासी न होने पर उसमें जला हुआ तेल/कैरोसीन डाल दें संक्रमण काल को देखते हुये स्वयं एवं स्कुली बच्चों को फुल आस्तीन के कपडें पहनायें क्योंकि बच्चों में प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होने के कारण यह सबसे पहले बच्चो को अपना शिकार बनाता हैं। घर की खिडकियों दरवाजों पर मच्छरप्रूफ जाली लगायें तथा घर में मच्छर भगाने वाली मेट ,काइल, लिक्विड का उपयोग अवश्य करे तथा सोते समय मच्छरदानी लगायें।

डेंगु बीमारी के लक्षण
सामान्य प्रकार के डेंगु में तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे की ओर दर्द, शरीर पर लाल चकते या दाने, जोडों व मांसपेशियों मे दर्द होना दिखाई देता हैं। जब डेंगू घातक अवस्था में पहुँचता है तो उक्त लक्षणों के साथ-साथ मसुडों व आंतो से रक्त स्त्राव का होना अथवा खून में प्लेटलेट का कम होना लक्षण पाये जाते है इसमें तत्काल मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार लेना चाहिये।

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