उपचुनाव में प. बंगाल में तृणमूल ने तीनों सीटें जीतीं - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 28 नवंबर 2019

उपचुनाव में प. बंगाल में तृणमूल ने तीनों सीटें जीतीं

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कोलकाता, देहरादून, 28 नवम्बर, पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा उपचुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने सभी तीनों सीटों पर जीत दर्ज की है। राज्य में लोकसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन करने वाली भाजपा इस उपचुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाई और उसे खड़गपुर सदर सीट का नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, उत्तराखंड की पिथौरागढ़ सीट पर हुए उपचुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उपचुनाव में जीत के बाद कहा कि मतदाताओं ने भाजपा को उसके ‘‘सत्ता के अहंकार’’ के लिये सबक सिखाया है। इन सभी जगहों पर सोमवार को मतदान हुआ था। गुरुवार को आए विधानसभा उपचुनाव के नतीजों में तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल की कालियागंज और खड़गपुर सदर और करीमपुर सीट पर जीत दर्ज की है। पश्चिम बंगाल में सबसे चौंकाने वाले परिणाम खड़गपुर सदर सीट से रहा है। इस साल हुए लोकसभा चुनाव में राज्य की 18 सीटें जीतने वाली भाजपा के विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार प्रेमचंद्र झा को तृणमूल कांग्रेस के प्रदीप सरकार ने हराकर भगवा पार्टी से यह सीट छीन ली।  निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि सरकार ने भाजपा उम्मीदवार को 20788 मतों के अंतर से हराया। खड़गपुर सदर सीट पर भाजपा की हार पार्टी के लिए एक झटका है जिसके प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष मेदिनीपुर से लोकसभा चुनाव जीतने से पहले वहां से विधायक थे। खड़गपुर सदर मेदिनीपुर लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाला एक विधानसभा क्षेत्र है। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार बिमलेंदु सिन्हा रॉय ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा उम्मीदवार जयप्रकाश मजूमदार को 24,073 मतों से हराकर करीमपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव जीता। उन्होंने इस सीट पर अपनी पार्टी का कब्जा बरकरार रखा। तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा ने पिछले विधानसभा चुनाव में करीमपुर सीट पर जीत दर्ज की थी, बाद में वह कृष्णानगर लोकसभा सीट से निर्वाचित हो गईं।

तृणमूल कांग्रेस के तपन देव सिन्हा ने बेहद नजदीकी मुकाबले में कालियागंज सीट जीत ली है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के कमल चंद्र सरकार को 2418 वोटों से हराया। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के परमथनाथ रॉय ने जीत दर्ज की थी। पार्टी ने उनकी पुत्री धृताश्री को मैदान में उतारा था जो इस उपचुनाव में तीसरे नम्बर पर रहीं। कालियागंज रायगंज लोकसभा क्षेत्र में तहत आने वाला एक विधानसभा क्षेत्र है जहां से भाजपा ने कुछ ही महीने पहले जीत दर्ज की थी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उपचुनाव में पार्टी की जीत का श्रेय राज्य की जनता को देते हुए कहा कि मतदाताओं ने भाजपा को उसके ‘‘सत्ता के अहंकार’’ के लिये सबक सिखाया है। उन्होंने एक टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘हम इस जीत को बंगाल के लोगों को समर्पित करते हैं। भाजपा को सत्ता के अहंकार और बंगाल के लोगों का अपमान करने के लिए सबक मिला है।’’  उन्होंने कहा कि माकपा और कांग्रेस स्वयं को मजबूत करने की बजाय भाजपा की पश्चिम बंगाल में ‘‘मदद’’ कर रही हैं। वहीं, देहरादून से प्राप्त खबर के अनुसार भाजपा ने उत्तराखंड में पिथौरागढ़ सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। भाजपा उम्मीदवार ने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार को 3000 से अधिक वोटों से हरा दिया। पिथौरागढ़ जिलाधिकारी सह निर्वाचन अधिकारी वी के जोगदंदे ने बताया कि भाजपा उम्मीदवार चंद्रा पंत को 26086 वोट जबकि कांग्रेस उम्मीदवार अंजू लुंठी को 22819 वोट मिले। सीट पर उपचुनाव भाजपा विधायक प्रकाश पंत का गत जून में बीमारी के चलते निधन होने के चलते कराना जरूरी हो गया था। भाजपा ने उनकी पत्नी चंद्रा पंत को उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जीत की उम्मीद थी। उन्होंने कहा, ‘‘सीट हमारी थी और हमें इसे बरकरार रखने की खुशी है। जीत का अंतर अधिक है। हम क्षेत्र के लोगों को इसके लिए धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने एक बार फिर हममें भरोसा जताया है।’’ 

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