सूरत, 29 दिसंबर, राजस्थान और गुजरात बाल अधिकार आयुक्तों के एक दल ने और एक एनजीओ ने संयुक्त रूप से रविवार को सूरत से 10 से 16 साल उम्र के 138 बच्चों को बचाया। अधिकारियों ने बताया कि इन बच्चों को शहर के कपड़ा उद्योग में, होटलों तथा घरेलू कर्मियों के तौर पर काम करने के लिए राजस्थान से लाया गया था। एक अधिकारी ने बताया कि इन दलों ने नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के एनजीओ बचपन बचाओ आंदोलन के साथ यहां पूना इलाके में एक घर पर छापा मारकर बच्चों को निकाला। उन्होंने कहा कि छापे में 12 लोगों को पकड़कर सूरत पुलिस के हवाले कर दिया गया। राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य शैलेंद्र पंड्या ने कहा, ‘‘बचाये गये 138 बच्चों में से 128 राजस्थान के, बाकी झारखंड और उत्तर प्रदेश के हैं।12 लोगों को हिरासत में लिया गया है तथा पुलिस को सौंप दिया गया है। हालांकि, मुख्य आरोपी लापता हैं।’’ उन्होंने कहा कि अब बच्चों की काउंसलिंग कराके उन्हें तनावमुक्त किया जाएगा।
रविवार, 29 दिसंबर 2019
सूरत से 138 बाल श्रमिकों को बचाया गया
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