सीएए के विरोध में भड़की हिंसा, उत्तर प्रदेश में छह की मौत , 50 से अधिक घायल - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शनिवार, 21 दिसंबर 2019

सीएए के विरोध में भड़की हिंसा, उत्तर प्रदेश में छह की मौत , 50 से अधिक घायल

caa-oppose-6-dead-50-injured
नयी दिल्ली, 20 दिसम्बर, नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए) एवं राष्ट्रीय नागरिकता कानून (एनआरसी) के खिलाफ शुक्रवार को भी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देश में विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन जारी रहे जबकि उत्तर प्रदेश में भड़की हिंसा में छह व्यक्तियों की मौत हो गयी और 38 पुलिसकर्मियों सहित 50 से अधिक लोग घायल हो गये। दिल्ली में यमुनापार के सीमापुरी इलाके में प्रदर्शन के दौरान भीड़ हिंसक हो गयी। इसी दौरान पथराव में एक पुलिस अधिकारी मामूली रूप से घायल हो गये। जाफराबाद सीलमपुर इलाके में भी बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुरानी दिल्ली की जामा मस्जिद के निकट जुमे की नमाज के समय भीम आर्मी के अलावा अन्य लोगों ने भी जबरदस्त प्रदर्शन किया। यहां पुलिस ने जबरदस्त सुरक्षा व्यवस्था की थी और पहचान पत्रों की जांच के बाद लोगों को जामा मस्जिद में नमाज के लिए जाने दिया गया। जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी दिल्ली गेट के निकट पहुंच गये और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। यह सिलसिला घंटों जारी रहा। इस दौरान एक वाहन में भी आग लगा दी। पुलिस ने लोगों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें छोड़ी लेकिन बड़ी संख्या में लोग अब भी दरियागंज में जमा हैं।

इसके अलावा जामा मस्जिद के बाहर और इंडिया गेट पर भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हैं और लगातार सीएए और एनआरसी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। पुरानी दिल्ली के दरियागंज इलाके में प्रदर्शनकारी हिंसक हो गये जिसके बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता तथा सेंट्रल दिल्ली के पुलिस उपायुक्त मंदीप सिंह रंधावा के मुताबिक दरियागंज के पास एकत्र भीड़ में शामिल लोग जंतर-मंतर की ओर जाना चाह रहे थे, हालांकि पुलिस ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। पुलिस के साथ-साथ स्थानीय गणमान्य लोगों ने भी लोगों को अपने-अपने घरों में जाने की अपील की लेकिन शाम होते ही भीड़ हिंसक हो गयी जिसमें बाहरी लोगों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस ने लोगों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें की। इस इलाके में पुलिस की 12 कंपनियां तैनात की गयी हैं। दूसरी तरफ जामिया मिल्लिया इस्लामिया और शाहीन बाग में बड़ी संख्या में एकत्र लोगों ने प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। जामिया नगर इलाके में जुमे की नमाज अदा करने के बाद बड़े प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया था। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा-व्यवस्था बनाये रखने पुलिस ने कई जिलों में गश्त की और लोगों से शांति की अपील की। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने ऐहतियात के तौर पर चावड़ी बाजार, लाल किला, खान मार्किट ,जौहरी एंक्लेव , जनपथ ,चांदनी चौक ,दिलशाद गार्डन, प्रगति मैदान, खान मार्किट,जाफराबाद,मौजपुर-बाबरपुर ,शिव विहार, जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्टेशनों के के प्रवेश और निकासी द्वार बंद कर दिए गए हैं और इन स्टेशनों पर ट्रेन नहीं रुकेंगी। राजीव चौक, मंडी हाउस और केन्द्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकासी गेट बंद हैं लेकिन यहां ट्रेन बदलने (इंटरचेंज) की सुविधा है। पहले कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन के निकासी और प्रवेश गेट बंद कर दिए गए थे लेकिन बाद में गेट नंबर तीन और चार को खोल दिया गया है। इस बीच, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास के पास प्रदर्शन कर रही कांग्रेस महिला अध्यक्ष एवं पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की पुत्री शर्मिष्ठा मुखर्जी और करीब 50 महिला कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। सुश्री मुखर्जी उनके समर्थकों को मंदिर मार्ग पुलिस थाना में रखा गया है।

उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुये विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में छह व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी जबकि 38 पुलिस कर्मियों समेत 50 से अधिक लोग घायल हो गये। अमरोहा,मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, कानपुर,गोरखपुर और फिरोजाबाद समेत कुछ अन्य जिलों में जुमे की नमाज के बाद सड़कों पर उतरी भीड़ ने प्रदर्शन किया और तोड़फोड़ एवं आगजनी की। राजधानी लखनऊ और बुलंदशहर समेत कई जिलों में शिक्षण संस्थाओं को 22 दिसम्बर तक के लिये बंद कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्य भर में हिंसक प्रदर्शन में छह लोगों की मृत्यु हुई है , हालांकि आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं की गयी है। लखनऊ में गुरुवार को हुई हिंसा के सिलसिले में दो सौ से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 300 लोग नजरबंद किये गये हैं। गिरफ्तार लोगों में कुछ बंगलादेश के नागरिक भी हैं। गुजरात के बड़ोदरा में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम बहुल हाथीखाना क्षेत्र में हुए पथराव में एक पुलिस अधिकारी मामूली रूप से घायल हो गया। इस दौरान पुलिस ने भीड़ पर काबू पाने के लिए 10 से अधिक आंसू गैस के गोले छोड़े गये। कम से कम तीन उपद्रवियों को गिरफ्तार भी किया गया है। सड़क किनारे कुछ वाहनों में भी तोड़फोड़ की गयी। पुलिस ने बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया। महाराष्ट्र के औरंगाबाद में बहुजन क्रांति मोर्चा (बीकेएम) ने शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी ‘धरना आंदोलन’ शुरू किया। बीकेएम कार्यकर्ता सुबह से ही जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गये और सीएए और एनआरसी की निंदा करते हुए नारेबाजी की और धरने पर बैठ गये। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने सीएए के खिलाफ तीन जनवरी को विरोध रैली निकालेंगे और 30 जनवरी को पार्टी ‘भारत बंद’ का आह्वान करेगी। असम में सीएए के विरोध में दौरान हिंसा भड़कने के बाद 11 दिसम्बर से स्थगित मोबाइल इंटरनेट सेवा शुक्रवार को बहाल कर दी गयी। इससे पहले गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने गुरुवार को गुरुवार की शाम 17.00 बजे तक ये सेवाएं किए जाने के आदेश दिए थे, लेकिन लेकिन राज्य सरकार ने आज सुबह इंटरनेट सेवा बहाल की। राज्य के विभिन्न हिस्सों में इस कानून के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन जारी है। डिब्रूगढ़ और नौगांव समेत अन्य स्थानों पर प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र विरोध में शामिल हुए। गुवाहाटी में ऑल असम लॉयर्स एसोसिएशन ने सीएए के खिलाफ ‘राजभवन चलो’ रैली निकाली और राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा।

तमिलनाडु में सीएए विरोधी प्रदर्शन में भाग लेने वाले अभिनेताओं, राजनेताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत 600 लोगों के खिलाफ चेन्नई पुलिस ने शुक्रवार को मामला दर्ज किया। जिन लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है, उनमें वीसीके नेता एवं सांसद तोल तिरुमवालम, एमएमके नेता एच जवाहिरुल्लाह, सामाजिक कार्यकर्ता टी एम कृष्णा, फिल्म अभिनेता सिद्धार्थ, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जी सिल्वा, आम आदमी पार्टी के वसिकरण और वेल्फेयर पार्टी ऑफ इंडिया के मोहम्मद गौस शामिल हैं। इसके अलावा कई जगहों पर तोड़-फोड़ और आगजनी की रिपोर्टें हैं। कर्नाटक के मेंगलुरू में विभिन्न राजनीतिक दलाें और संगठनों के धरना- प्रदर्शन को देखते हुए ऐहतियातन लागू कर्फ्यू की अवधि 22 दिसंबर मध्यरात्रि तक बढ़ा दी गयी है। विभिन्न स्थानों से मिली रिपोर्ट के मुताबिक कई जगहों पर तोड़-फोड़ और आगजनी की गयी है। मध्यप्रदेश में 40 से अधिक जिलों में निषेधाज्ञा लागू है और फिलहाल कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। राजधानी भोपाल समेत पूरे राज्य में पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है। संवेदनशील माने जाने वाले जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और एहतियातन अन्य उपाय भी किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है और आपत्तिजनक पोस्ट डालने तथा अफवाह फैलाने वालों की पहचान की व्यवस्था की गयी है। राजस्थान के अजमेर स्थित ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर प्रदर्शनकारियाें ने सीएए के विरोध में काले झण्डे फहराये गये हैं। दरगाह क्षेत्र के दुकानदारों एवं दरगाह के मुख्य निजाम गेट पर काले झण्डे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। विरोध के मद्देनजर दरगाह क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। बीकानेर में रैली के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की। दूसरी तरफ राजधानी जयपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सीएए के समर्थन में आज यहां पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता गवर्नमेंट हॉस्टल स्थित शहीद स्मारक पर एकत्रित हुए और शहीद स्मारक पर पुष्पाजंलि अर्पित कर पैदल मार्च की शुरुआत की जो चौमू हाउस सर्किल होते हुए सिविल लाइंस फाटक पहुंचा जहां धरना-प्रदर्शन कर सभा आयोजित की गई।  

कोई टिप्पणी नहीं: