नागरिकता कानून सताए हुए धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए : जयशंकर - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

गुरुवार, 19 दिसंबर 2019

नागरिकता कानून सताए हुए धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए : जयशंकर

nrc-for-troubled-minority-jayshankar
वाशिंगटन,19 दिसंबर, भारत में नए नागरिकता कानून पर हो रहे विवाद को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि यह कानून कुछ देशों में सताए हुए धार्मिक अल्पसंख्यकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है। श्री जयशंकर ने अमेरिका में दूसरी 2+2 मंत्री स्तरीय बातचीत में विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के साथ बैठक में यह बात कही है। श्री पोम्पियो ने कहा कि ट्रंप प्रशासन धार्मिक रूप से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है लेकिन वह इस मामले में भारत में जारी जोरदार बहस का भी सम्मान करता है। श्री पोम्पियो ने इस मंत्री स्तरीय बातचीत की समाप्ति के बाद पत्रकारों से कहा“ हम विश्व के किसी भी हिस्से में अल्पसंख्यकों के हितों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और उनके धार्मिक अधिकारों की रक्षा का समर्थन करेंगे। हम भारतीय लाेकतंत्र का सम्मान करते हैं कि इस मसले पर उनके यहां जोरदार बहस जारी है।” गौरतलब है कि श्री पोम्पियो और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने बुधवार को डा़ जयशंकर और भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से काफी अहम बातचीत की । श्री पोम्पियो से मीडिया ब्रीफ्रिंग में जब यह पूछा गया कि किसी भी लोकतंत्र में धर्म को नागरिकता का पैमाना तय करने को वह क्या उचित मानते हैं तो इस पर श्री जयशंकर ने कहा कि भारत का नया नागरिकता कानून अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बंगलादेश में धार्मिक तौर पर सताए गए अल्पसंख्यकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है। 

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...