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रविवार, 22 दिसंबर 2019

भारत में कई सकारात्मक शक्तियों को सम्मानित किया गया

बीबीआरएफआई ने दिए पॉजिटिविटी अवार्ड, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति के क्षेत्र में काम करने वाले दर्जनों हस्तियों का हुआ सम्मान
डॉ. के.के. अग्रवाल को मिला इंस्पेरेशन अवार्ड, स्पेशल जुरी अवार्ड से सम्मानित हुए डॉ. रनदीप गुलेरिया
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नई दिल्ली (आर्यावर्त संवाददाता) ब्रेन बिहैवियर रिसर्च फाउंडेशन ऑफ इंडिया के स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित पॉजिटिविटी कॉन्क्लेव में देश भर के दर्जनों सकारात्मक शक्तियों को सम्मानित किया गया। भारत में भूटान के एम्बेसडर वी. नामगयेल, कोलकाता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश तिवारी, सांसद हंस राज हंस, के.सी. पाठक एवं आमोद कंठ की उपस्थिति में तमाम सकारात्मक शक्तियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.के.के. अग्रवाल को इंस्पेरेशन अवार्ड, बीपी खंडेलवाल को लाइफटाइम अचिवमेंट अवार्ड (शिक्षा), प्रबल प्रताप सिंह को जेंटल अवार्ड, डॉ. गुलशन शर्मा को को हार्मनी अवार्ड, राजेश ठाकुर को कम्पैशन अवार्ड, बी. के हरि को प्रीजर्वेंस अवार्ड, डॉ. राकेश चोपड़ा को मोटिवेशन अवार्ड, हंस राज हंस को पैशन अवार्ड, डॉ. नागराज हुइलगोल को इमपैथी अवार्ड, डॉ. रणदीप गुलेरिया को स्पेशल जुरी अवार्ड, मेजर जनरल (सेवानिवृत) पी.सी. पंजीकर को अवसम अवार्ड, प्रो. आर.पी. बेनिवाल को पेसेंस अवार्ड, प्रो. राजेश सागर को हिलिंग अवार्ड, डॉ. आशुतोष कर्नाटक को पॉजिटिव पर्सनालिटी अवार्ड, दीपंकर श्रीज्ञान को इंटरग्रिटी अवार्ड एवं डॉ. द्वारका प्रसाद को लाइफ टाइम अचिवमेंट अवार्ड (साइकोलॉजी) से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर 6 संगठनों को भी सम्मानित किया गया। इन संगठनों में स्वस्थ भारत (न्यास) को मेसेंजर ऑफ हेल्थ एंड वेल बिइंग अवार्ड, प्रयास को मेसेंजर्स ऑफ होप अवार्ड, होप फाउंडेशन को मेसेंजर्स ऑफ जेरेरोसिटी, होली मदर्स टच स्कूल को मेसेंजर्स ऑफ रिसपांसबिलिटी अवार्ड, पल्स अप्रोच फाउंडेशन को मेसेंजर्स ऑफ पॉजिटिविटी एवं उडान को अपलिफ्टिंग अवार्ड से सम्मानित किया गया।

इसके अलावा डॉ. विनय गोयल को न्यूरोलॉजी के फिल्म में बेहतर काम करने के लिए, संजय मिश्रा को साइंस एवं टेक्नोलॉजी के फिल्ड में बेहतर काम करने के लिए, साकेत मणी त्रिवेदी, रत्ना सक्सेना, डॉ आनंद प्रताप सिंह सहित संजय भट्टाचार्या, जइता भट्टाचार्या अभिनव अचार्या, अनिल टिक्कू, टीपी सिंह, डॉ. नीना पांडेय, मनोज गुप्ता, आरएम पांडेय, निखिल करवाल, सौरव कटियार, दिलशाद अहमद, केशक कुमार, अशोक सिंह, सुबोध कुमार,  राघव पाठक, प्रियंका पांडेय, रामप्रकाश, दिपांशु कटियार, इंद्र कुमार, अलंकृत मिश्रा को भी मंच पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर माइंड्स मैटर्स वार्षिक पत्रिका को लोकार्पण भी हुआ। साथ ही अंकुर मिश्रा का सीतार वादन एवं अभिषेक मिश्रा ने तबला वादन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बीबीआरएफआई की चेयरपर्सन डॉ. मीना मिश्रा ने कहा कि उनकी संस्था हमारे संरक्षक रहे स्व. जोगिंदर सिंह के ख्वाबों को आगे बढ़ाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि उनके सपने को आगे बढ़ाने का काम हमारे पूर्व चेयरमैन डॉ. आलोक मिश्रा ने किया है। अब उन सपनो को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हमारे हाथ में है। मेरा पूरा प्रयास है कि संस्था फोर डी ब्रेन एनालिसिस के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम करे। हम देश भर के स्कूलों में पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। सभी अभिभावकों से हम यही कहते हैं कि आप अपने बच्चों के करियर को महत्व देते हुए एक बार उनका ब्रेन मैंपिंग कराए। इससे उनकी गुणवत्ता की जानकारी हमें मिल सकेगी। उनका दीमाग जिस काम को ठीक से कर सकता है अगर वे उसी काम को करें तो वे अपने करियर में बेहतर कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसके इतर भी हम काउंसलिंग एवं ब्रेन थिरैपी के माध्यम से लोगों के मनोवैज्ञानिक समस्याओं के दूर करने का काम कर रहे हैं।

आयोजन की अध्यक्षता कर रहे कलकत्‍ता उच्‍च न्‍यायालय के पूर्व मुख्‍य न्‍यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश तिवारी ने कहा कि जब हम सकारात्मकता की बात करते हैं तो नकारात्मकता उसके साथ स्वयमेव जुड़ी होती है। हम नकारात्मकता के सापेक्ष में ही सकारात्मक होते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में सकारात्मक विचारों को आत्मसात करना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. के.के. अग्रवाल ने सिनर्जिज्म ऑफ पोजिटिविटी एंड सेलुलर हैपीनेस विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि हमें अपने प्रत्येक पल को खुशियों से भर देना चाहिए। उन्होने कहा कि जब हम खुश होते है तब हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचरण होता है। डॉ राकेश चोपड़ा ने कहा कि सबसे बड़ा प्रोत्‍साहन मन की शांति है। रांची से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजेश सिंह ने कहा कि जीवन बहुत आसान है। हमने उसे जटिल बना दिया। उन्होंने कहा कि हम तमात तरह की प्रतिस्पर्धाओं में फंस कर जीवन जीने की मौलिक आनंद को भूल बैठे हैं। यहां यह बता देना जरूरी है कि राजेश सिंह झारखंड सरकार में अतरिक्त सचिव पद पर कार्यरत हैं और दृष्टि बाधित होते हुए भी उन्होंने 1998, 2002, 2006 में हुए दृष्टि बाधित विश्व क्रिकेट टीम के सदस्य रहे हैं। द पॉजिटीविटी पर्सनालिटी अर्वार्ड से सम्‍म‍ानित गेल इंडिया के सीएमडी डॉ आशुतोष कर्नाटक ने यस आई कैन, यस यू कैन, यस वी कैन का मंत्र दिया। उन्‍होंने कहा कि सकारत्‍मक रहने और सकारात्‍मक दिशा में प्रयास करने का परिणाम हमेशा सकारात्‍मक ही होता है। इसके पूर्व दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम की शुरूआत हुई। मंचाशीन अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर संस्था की चेयरपर्सन डॉ. मीना मिश्रा ने किया वहीं गेस्ट ऑफ ऑनर भारत में भूटान के एमबेसडर वी. नामजील को शॉल देकर बीबीआरएफआई के डिप्यूटी डायरेक्टर सुबोध कुमार और राघव पाठक ने सम्मानित किया। मंच संचालन श्री निशित ने किया।  

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