नयी दिल्ली, 17 जनवरी, उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम को शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में जमा कराये गये 20 करोड़ रूपए वापस लेने की अनुमति दे दी। कार्ति चिदंबरम ने विदेश यात्रा पर जाने की शर्त के रूप में यह रकम न्यायालय की रजिस्ट्री में जमा करायी थी। शीर्ष अदालत ने जनवरी और मई 2019 में 10-10 करोड़ रूपए जमा कराने शर्त पर कार्ति चिदंबरम को विदेश जाने की अनुमति दी थी। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ के समक्ष यह मामला सुनवाई के लिये आने पर प्रवर्तन निदेशालय की ओर से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उन्हें यह रकम वापस लेने की अनुमति देने पर कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि कार्ति विदेश से वापस आ चुके हैं। पीठ ने इस कथन का संज्ञान लेते हुये कहा कि कार्ति इस रकम को निकाल सकते हैं क्योंकि वह पहले ही स्वदेश आ गये हैं। न्यायालय ने यह शर्त उस वक्त लगायी थी जब प्रवर्तन निदेशालय ने कार्ति के विदेश यात्रा के आवेदन का विरोध किया था। कार्ति चिदंबरम के खिलाफ आईएनएक्स मीडिया और एयरसेल मैक्सिस प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय ने मामले दर्ज किए हैं जिनकी जांच चल रही है।
शुक्रवार, 17 जनवरी 2020
न्यायालय ने कार्ति को जमा कराये गये 20 करोड़ रूपए वापस लेने की अनुमति दी
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