संघर्ष : नरेश मंडल का संघर्ष, गाँव से मुंबई की यात्रा - Live Aaryaavart

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सोमवार, 13 जनवरी 2020

संघर्ष : नरेश मंडल का संघर्ष, गाँव से मुंबई की यात्रा

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एन. मंडल ( नरेश मंडल ) का जन्म 13 अप्रैल 1986 को बिहार राज्य अंतर्गत समस्तीपुर जिला के बन्दा दसौत गाँव मे हुआ इनकी प्रारम्भिक शिक्षा भी गाँव के ही स्कूल में हुई । फिल्मों के प्रति इनका लगाव इतना ज्यादा था कि 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ सीधा मुम्बई आ गए और छोटे बड़े पदों पर भारतीय  फ़िल्म इंडस्ट्रीज़ में काम करते हुए अपनी एक अलग पहचान बनाई | एन. मंडल आज एक सफल फ़िल्म निर्देशक, एडिटर और प्रोड्यूसर हैं, शिवाय प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और निदेशक हैं । भारत के विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के लिए भी जाने जाते हैं। एन. मंडल परेश रावल की प्रोडक्शन प्ले टाइम क्रिएशन में कई प्रोजेक्ट किये हैं । एन. मंडल ने अभिनेता / निर्देशक के रूप में क्षेत्रीय मैथिली फीचर फिल्म 'राखी के लाज' में योगदान दिया है। उन्होंने कई टीवी शो में भी पोस्ट प्रोडक्शन किया जैसे  कि तीन बहुरानिया, जीवन साथी, लागी तुझसे लगन, आदि… एन. मंडल  बिहार और दक्षिण भारत में संस्कृति लाने के लिए अपने कौशल का योगदान दिया। उन्होंने छट पूजा और केरल अनुष्ठानों के आधार पर कई लघु फिल्में और वृत्तचित्र बनाए हैं। इन सभी रचनाओं ने एन मंडल को सुर्खियों में ले आया है और उन्हें एक सक्रिय सामाजिक योगदानकर्ता के रूप में जाना जाता है। सामाजिक संदेशों पर बनी एक लघु फिल्म (मुक्ति अभिशाप से) ने बहुत प्रशंसा अर्जित की और यह अवधारणा दर्शकों को छू गई। एन. मंडल भविष्य में अपनी कई रचनाओं द्वारा समाज के लिए अच्छा करने के लिए खुद के लिए अपनी मजबूत प्रतिबद्धता है.

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