क्या सोनिया गांधी के पिता हिटलर की फौज में नहीं थे: भाजपा - Live Aaryaavart

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सोमवार, 27 जनवरी 2020

क्या सोनिया गांधी के पिता हिटलर की फौज में नहीं थे: भाजपा

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नयी दिल्ली, 27 जनवरी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पद्मश्री के लिए चुने गये पाकिस्तानी से भारतीय बने मशहूर गायक अदनान सामी के पिता को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा सवाल उठाये जाने पर आज पलटवार किया और पूछा कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पिता मुसोलिनी एवं हिटलर की फौज में काम नहीं करते थे। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 26 जनवरी के अवसर पर जिन्हें पद्म सम्मान दिए गए हैं, उनमें से मशहूर संगीतकार अदनान सामी के पद्मश्री को लेकर कांग्रेस और तथाकथित उदारवादियों द्वारा एक राजनीतिक बखेड़ा खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के शासनकाल में पद्म सम्मान लोकतांत्रिक तरीके से दिये जा रहे हैं। अत्यंत योग्य एवं प्रतिभासंपन्न लोगों को ये पुरस्कार दिया जाता है। डॉ. पात्रा ने कहा कि श्री अदनान सामी विश्व के सबसे तेज पियानोवादक हैं। वह गायक एवं संगीतकार भी हैं। चार दशकों से संगीत की सेवा कर रहे हैं। 120 से अधिक एकल गीत गाये हैं। 40 से अधिक देशों में एकल कन्सर्ट किये हैं। लंदन के वेंबली हॉल में लगातार आठ हाउसफुल कन्सर्ट का तमगा भी उन्हें ही हासिल है। पद्मभूषण आशा भोंसले के साथ भी गाया है। रन फॉर लाइफ गीत की रिकॉर्डिंग की है। विश्व कप क्रिकेट में पाकिस्तान की बजाय भारतीय टीम के लिए थीम गीत तैयार किया। वह जाने माने संतूर वादक पं शिवकुमार शर्मा के शिष्य हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अदनान सामी की माता नौरीन खान भारतीय हैं और वे जम्मू से हैं। उनके पिता अरशाद सामी खान का निधन मुंबई में हुआ था और पाकिस्तान के राष्ट्रपतियाें पर उनकी किताब काे पाकिस्तान में किसी ने नहीं छापा तो भारत के एक प्रकाशन ने उसे छापा। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंद्रकुमार गुजराल ने उसका विमोचन किया था। उस कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी उपस्थित थे। 2005 में ताजमहल के 350 साल होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में वामदलों, समाजवादी पार्टी के नेता एवं मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के साथ कांग्रेस आदि दलों के नेता मौजूद थे। उन्हाेंने कहा कि तत्कालीन गृह मंत्री पी चिदंबरम ने अदनाम सामी को भारतीय नागरिकता देने की वकालत की थी। कांग्रेस द्वारा अदनान सामी के पिता पर 1965 के भारत के खिलाफ युद्ध में भाग लेने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि कांग्रेस पार्टी आतंकवादी अफजल गुरु के बेटे, बुरहान वानी, पाकिस्तानी गवर्नर सलमान तासीर के पुत्र आदि के मामले में पिता एवं पुत्र को अलग अलग करके देखती है लेकिन अदनान सामी के मामले में एक करके देखती है। उन्होंने पलट कर सवाल किया कि क्या श्रीमती सोनिया गांधी के पिता मुसोलिनी एवं हिटलर की फौज में काम नहीं करते थे। क्या श्रीमती गांधी को भारतीय नागरिकता के लिए कभी इसलिए रोका गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीति है, देशद्रोहियों के लिए इकरार और अच्छे मुसलमानों के लिए इनकार। उन्होंने कहा, “जो देशद्रोह का काम करे, यासीन मलिक, याकूब मेमन, अफजल गुरु, बुरहान वानी इन सब के लिए इकरार। जो अच्छे काम करके आगे बढ़े उनके लिए इनकार, ये कैसी बात है।” उन्हाेंने कहा, “आज हम कांग्रेस से ये सवाल पूछना चाहते हैं कि क्या जम्मू-कश्मीर की मुस्लिम महिलाओं के प्रति यही सम्मान है उनका कि जब उनके बच्चों को पद्मश्री दिया जाता है तो इनको परेशानी होती है।” उन्होंने कहा कि इससे एक बात साबित होती है कि ये जो उदारवादी, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और तौहीन बाग़ वाले हैं इन्हें केवल एक ही प्रकार के मुसलमान पसंद हैं, जो मुसलमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उच्चतम न्यायालय, भारत की सेना और सरकार को गाली दे। डॉ. पात्रा ने पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के बारे में पूछे जाने पर कहा कि यह बेहद चिंताजनक रिपोर्ट है कि 73 बैंक खातों के माध्यम से दुबई से 120 करोड़ रुपए आया है और उसका इस्तेमाल देश में हिंसा भड़काने के लिए किया गया था। इस पैसे को दुष्यंत दवे, कपिल सिब्बल एवं इंदिरा जयसिंह ने प्राप्त किया था। उन्होंने कहा,“आज हम कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहते हैं, श्रीमती सोनिया गांधी से पूछना चाहते हैं कि श्री सिब्बल ने क्या 77 लाख रुपये लिया था। इंदिरा जयसिंह से पूछना चाहते हैं कि आपने कितना लिया था?” उन्होंने कहा कि पैसे लेकर देश को बांटने का काम जो कांग्रेस पार्टी कर रही है, ये कहीं न कहीं इस बात को स्पष्ट होता है कि कांग्रेस का हाथ, देश बांटने वालों, आगजनी वालों और आतंकवादियों के साथ है। पीएफआई वही संगठन है जो प्रोफेसरों के हाथ काटता है, ये आगजनी और आतंकवाद को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा, “ सोनिया जी क्या ऐसे संगठन से पैसा लेकर आपकी पार्टी काम करती है? ये वही सोनिया गांधी की पार्टी है, जिसने जाकिर नाइक से दान लिया था। ये पूरा दिखाया गया था और बाद में उन्होंने कहा था कि हमने वापस कर दिया।” 

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