भारत को चौंकाकर बंगलादेश पहली बार बना अंडर-19 विश्व चैंपियन - Live Aaryaavart

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सोमवार, 10 फ़रवरी 2020

भारत को चौंकाकर बंगलादेश पहली बार बना अंडर-19 विश्व चैंपियन

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पौचेफस्ट्रूम, 09 फरवरी, अविषेक दास (40 रन देकर तीन विकेट) की शानदार गेंदबाजी के बाद ओपनर परवेज हुसैन एमोन की 47 रन की साहसिक पारी और कप्तान अकबर अली की नाबाद 43 रन की जिम्मेदारी भरी पारी के दम पर बंगलादेश ने गत चैंपियन भारत को रविवार को डकवर्थ लुइस नियम के तहत तीन विकेट से हराकर पहली बार आईसीसी अंडर-19 विश्वकप क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। बंगलादेश पहली बार अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में पहुंचा और उसने चार बार के चैंपियन भारत को खिताबी मुकाबले में चौंकाकर पहली बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया। बंगलादेश ने अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर भारत को 47.2 ओवर में 177 रन पर रोक दिया और बारिश के कारण 170 रन के संशोधित लक्ष्य को 42.1 ओवर में सात विकेट खोकर हासिल कर लिया। बंगलादेश के खिलाड़ियों ने इसके बाद मैदान पर पहली बार विश्व चैंपियन बनने का जश्न मनाया। बंगलादेश ने जब 41 ओवर में सात विकेट पर 163 रन बना लिए थे कि बारिश आने के कारण खेल रोक देना पड़ा। उस समय बंगलादेश डकवर्थ लुइस नियम के तहत पर स्कोर से 18 रन आगे था। बारिश तेज हो गयी और पिच पर कवर लगा दिए गए। खेल जब शुरू हुआ तो बंगलादेश के लिए लक्ष्य 46 ओवर में 170 रन हो चुका था। बंगलादेश ने जीत के लिए जरूरी सात रन सात गेंदों में बना लिए। अकबर अली टीम की जीत के हीरो रहे जिन्होंने विषम परिस्थितियों में गजब का धैर्य दिखाते हुए 77 गेंदों में चार चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 43 रन की मैच विजयी पारी खेली। रकीबुल हसन नौ रन पर नाबाद रहे। पूरे टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी करने वाली भारतीय टीम ने फाइनल में निराशाजनक प्रदर्शन किया और यही उसकी हार का कारण बना। भारतीय गेंदबाजों ने 19 वाइड सहित 33 अतिरिक्त रन लुटाकर बल्लेबाजों की असफलता के जले पर नमक छिड़कने का काम किया। यशस्वी जायसवाल ने एक बार फिर बेहतरीन बल्लेबाजी की और 121 गेंदों में आठ चौके और एक छक्के की मदद से 88 रन बनाए। लेकिन बाकी बल्लेबाजों ने निराश किया। भारत ने एक समय बंगलादेश के छह विकेट 102 रन पर गिरा दिए थे लेकिन बंगलादेश ने शानदार वापसी करते हुए भारत का पांचवीं बार खिताब जीतने का सपना तोड़ दिया। भारतीय टीम 2000, 2008, 2012 और 2018 में विजेता रही थी जबकि वह 2006, 2016 और 2020 में उपविजेता रही। छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए बंगलादेश ने 50 रन की अच्छी शुरुआत की लेकिन लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने इसके बाद चार विकेट निकालकर बंगलादेश को झकझोर दिया। बिश्नोई ने तंजीद हसन 17, महमूदुल हसन जॉय 8, तौहीद ह्रदय 0 और शहादत हुसैन 1 को आउट कर भारत को मुकाबले में वापस ला दिया। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सुशांत मिश्रा ने शमीम हुसैन 7 को आउट कर भारत को पांचवीं सफलता दिला दी।सुशांत ने अविषेक दास 5 को आउट कर बंगलादेश का स्कोर छह विकेट पर 102 रन कर दिया लेकिन मैदान पर दोबारा लौटे ओपनर परवेज हुसैन एमोन ने कप्तान अकबर अली के साथ सातवें विकेट के लिए 41 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर डाली। पार्ट टाइम लेग स्पिनर यशस्वी जायसवाल ने परवेज हुसैन को आउट कर भारत को सातवां विकेट दिलाया। परवेज हुसैन 13वें ओवर में चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए थे। उस समय बंगलादेश का स्कोर दो विकेट पर 62 रन और परवेज हुसैन का स्कोर 25 रन था। वह छठा विकेट गिरने के बाद मैदान में लौटे और वह 79 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 47 रन बनाकर आउट हुए। परवेज का विकेट 143 के स्कोर पर गिरा। मुकाबला संघर्षपूर्ण होता चला जा रहा था। भारत को विकेटों की जरूरत थी लेकिन भारतीय गेंदबाज वाइड डालकर बंगलादेश के ऊपर से खुद ही दबाव हटा रहे थे। आकाश सिंह ने 36वें ओवर में तीन वाइड दिए। इस समय तक भारतीय गेंदबाज 19 वाइड सहित 29 अतिरिक्त रन दे चुके थे। भारतीय गेंदबाजों ने छोटे स्कोर का बचाव करते हुए 33 अतिरिक्त रन दिए जो उसकी हार का सबसे बड़ा कारण था। बंगलादेश के कप्तान अकबर अली मजबूती के साथ जमे हुए थे और भारतीय गेंदबाजों के दबाव का ढृढ़ता से सामना कर रहे थे और अपनी टीम को चैंपियन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे। भारत की तरफ से बिश्नोई ने 30 रन पर चार, सुशांत ने 25 रन पर दो और यशस्वी ने 15 रन पर एक विकेट लिया। इससे पहले भारत की तरफ से यशस्वी जायसवाल ने एक बार फिर बेहतरीन बल्लेबाजी की और 121 गेंदों में आठ चौके और एक छक्के की मदद से 88 रन बनाए। उनके अलावा तिलक वर्मा ने 65 गेंदों में तीन चौके के सहारे 38 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों के बीच 92 रनों की एकमात्र बड़ी साझेदारी हुई। भारत ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी की और उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही। सेमीफाइनल मुकाबले में अर्धशतक लगाने वाले दिव्यांश सक्सेना मात्र दो रन पर अविषेक का शिकार हुए। पहला झटका लगने के बाद यशस्वी और तिलक ने भारतीय टीम को संभाला लेकिन दोनों के बीच साझेदारी को तंजीम हसन शाकिब ने तोड़ दिया। तिलक के आउट होने के बाद कप्तान प्रियम गर्ग मैदान में उतरे लेकिन जल्द ही रकीबुल हसन का शिकार हो गए। प्रियम ने सात रन बनाए। प्रियम के पवेलियन लौटने के बाद जायसवाल भी ज्यादा देर नहीं टिक सके और शरीफुल इस्लाम की गेंद पर तंजीद हसन को कैच थमा बैठे और लगातार दूसरा शतक बनाने से चूक गए। भारत की पारी में यशस्वी और तिलक के अलावा कोई भी बल्लेबाज करिश्मा नहीं सका। भारत की ओर से ध्रुव जुरेल ने 22, अर्थव अंकोलेकर ने तीन, सुशांत मिश्रा ने तीन और रवि बिश्नोई ने दो रन बनाए जबकि आकाश सिंह एक रन बनाकर नाबाद रहे। बंगलादेश की तरफ से अविषेक के अलावा शरीफुल ने 31 रन देकर और तंजीम ने 28 रन देकर दो-दो विकेट हासिल किए जबकि रकीबुल को 29 रन देकर एक विकेट मिला। 

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