सबको मिलकर अर्थव्यवस्था काे गति देने की जरूरत : सीतारमण - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

रविवार, 2 फ़रवरी 2020

सबको मिलकर अर्थव्यवस्था काे गति देने की जरूरत : सीतारमण

we-need-to-make-economy-on-way-sitaraman
नयी दिल्ली 02 फरवरी, वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने सबको मिलकर अर्थव्यवस्था को गति देने की आवश्यकता बताते हुये रविवार को कहा कि बजट के माध्यम से सरकार इसके लिए सुविधा प्रदाता और बुनियादी ढाँचों के माध्यम से संपदा निर्माता की भूमिका निभा रही है। श्रीमती सीतारमण ने शनिवार को वर्ष 2020-21 का बजट पेश करने के बाद आज यहाँ संवाददाताओं से कहा कि अर्थव्यवस्था को कोई एक जैसे सरकार, निजी क्षेत्र, विदेशी निवेश, कारोबारी या एमएसएमई गति प्रदान नहीं कर सकता है। सबको मिलकर इसके लिए काम करना होगा। उन्होंने कहा कि इसलिए सरकार ने अपने दायित्व को समझते हुये बजट के माध्यम से अर्थव्यवस्था को गति देने के मार्ग प्रशस्त किये हैं। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के माध्यम से संपदा निर्माण पर जोर दिया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण से न सिर्फ उस क्षेत्र में रोजगार और अन्य गतिविधियाँ बढ़ेगी बल्कि कई उद्योगों को भी गति मिलेगी। सरकार अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए अगुवा की भूमिका निभा रही है और इंफ्रा में निवेश कर रही है। उन्होंने बजट में घोषित कृषि रेल और कृषि उड़ान योजना का उल्लेख करते हुये कहा कि इसके माध्यम से जल्द खराब होने वाले कृषि उत्पादोें को तीव्रता से बाजार तक पहुँचने में मदद मिलेगी। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ ही इस काम में लगे क्षेत्र में भी तेजी आयेगी। उन्होंने कहा कि तहसील स्तर पर भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराने पर जाेर दिया गया है। इससे राेजगार सृृजन के साथ ही कृषि पैदावार के भंडारण की सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि गत 31 दिसंबर तक अर्थव्यवस्था काे गति प्रदान करने के उद्देश्य से कई घोषणायें की गयी। पिछले छह महीने से बजट की तैयारियाँ चल रही थी और इस दौरान उद्योग संगठनों, नागरिक संगठनों, सामाजिक संगठनों आदि से जितने भी सुझाव मिले उन पर काम करने की कोशिश की गयी है।  

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...