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गुरुवार, 5 मार्च 2020

मध्य प्रदेश में विफल हुआ सरकार गिराने का भाजपाई षड्यंत्र : कांग्रेस

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नयी दिल्ली, 05 मार्च, कांग्रेस ने कहा है कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार को कोई खतरा नहीं है और उसे गिराने का भारतीय जनता पार्टी का षड़यंत्र विफल हो गया है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, पार्टी प्रवक्ता विवेक तन्खा तथा संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि पिछले पांच छह साल से जब से भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है तब से प्रदेशों में लोकतंत्र खत्म किया जा रहा है। इस क्रम में सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश में चुनी हुई सरकार को गिराया गया, उसके बाद मणिपुर में कांग्रेस की बहुमत वाली सरकार गिरायी गयी, गोवा में कांग्रेस के बहुमत को नजरअंदार किया गया और उसे सरकार बनाने नहीं दिया गया। इसी तरह कर्नाटक में राज्यपाल ने कांग्रेस के बहुमत को नजरअंदाज कर भाजपा को शपथ दिलाई। अब भाजपा ने मध्य प्रदेश में सेंध लगाने का प्रयास किया लेकिन वह विफल हो गयी है। कांग्रेस नेताओं ने पत्रकारों को संबोधित करने के बाद एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया “मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 114 विधायक हैं, और एक निर्दलीय प्रदीप जैसवाल मंत्री हैं। अर्थात 115 बहुमत का आंकड़ा है, जो कांग्रेस के पास है। दो बहुजन समाज पार्टी के विधायक, रामाबाई परिहार और संजीव कुशवाहा ने आज भी कांग्रेस के समर्थन की अपनी बात दोहराई है। समाजवादी पार्टी के राधे शुक्ला ने भी अपनी आस्था सरकार में व्यक्त की है। केदार डावर और विक्रम सिंह राणा निर्दलीय विधायक भी कांग्रेस के साथ हैं।” उन्होंने कहा ‘बुधवार को भाजपाईयों ने षडयंत्र के तहत कुछ विधायकों को हरियाणा के मानेसर में एक होटल में बंधक बनाया, पर वो स्वेच्छा से कांग्रेस के समर्थन में वापस आ खड़े हुए। ऐसी भी सूचना है कि दिल्ली से भाजपा के नेता चार विधायकों को जबरदस्ती बेंगलुरु ले गए हैं, इनमें तीन कांग्रेस के और एक निर्दलीय हैं। भाजपा का यह घिनौना षडयंत्र कांग्रेस के नहीं, अपितु मध्य प्रदेश के खिलाफ है जिसका जवाब प्रदेश की जनता राज्य विधानसभा की कुछ सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव में देगी।” श्री आजाद ने कहा कि मध्य प्रदेश में सरकार गिराने का यह चौथा प्रयास हुआ है। कांग्रेस इस मुद्दे को संसद में भी उठाएगी। उन्होंने दावा किया कांग्रेस ने कभी इस तरह की राजनीति नहीं की और भाजपा विधायकों की खरीद फरोख्त कर कांग्रेस सरकार को गिराने का यह प्रयास कर रही है जो लोकतंत्र विरोधी कदम है और कांग्रेस इस तरह के कदम की कड़ी निंदा करती है। 

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