नयी दिल्ली 13 मार्च, देश में बढ़ती आबादी और घटते संसाधन के मद्देनजर प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग शुक्रवार को राज्यसभा में उठी। भारतीय जनता पार्टी के हरनाथ सिंह यादव ने शून्यकाल के दौरान सदन में यह मांग करते हुये कहा कि जनसंख्या विस्फोट के कारण संसाधनों पर दबाव बढ़ा है जिसके कारण न:न सिर्फ बेराेजगारी बढ़ी है बल्कि हर स्थान पर भीड़ ही भीड़ दिखती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1951 में देश की आबादी 10 करोड़ 38 लाख थी जो वर्ष 2011 में बढ़कर 121 करोड़ के पार पहुंच गयी और वर्ष 2025 तक इसके बढ़कर 150 करोड़ के पार पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या गुनांक में बढ़ती है जबकि संसाधनों में बहुत कम बढोतरी होती है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाना चाहिए जो ‘ हम दो हमारे दो’ पर आधारित हो और इसका पालन नहीं करने वालों को हर तरह की सुविधाओं से न:न सिर्फ वंचित किया जाना चाहिए बल्कि उन्हें किसी भी प्रकार के चुनाव लड़ने से भी रोका जाना चाहिए। श्री यादव ने कहा कि वर्तमान में ही सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना संभव नहीं हो रहा है जबकि जब आबादी 150 करोड़ के पार पहुंच जायेगी तब पीने का पानी मिलेगा ही नहीं है। इसके साथ ही अधिक आबादी के कारण बेरोजगारी भी अधिक है और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन भी उपलब्ध नहीं होंगें।
शुक्रवार, 13 मार्च 2020
राज्यसभा में उठी प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग
Tags
# देश
Share This
About आर्यावर्त डेस्क
देश
Labels:
देश
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
संपादकीय (खबर/विज्ञप्ति ईमेल : editor@liveaaryaavart या वॉट्सएप : 9899730304 पर भेजें)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें